ये कैसा संयोग? एक ही दिन हुई दो प्रेमियों संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित की मौत..

sanjiv sulakshana

यह एक अजीब संयोग है कि 6 नवंबर को सुलक्षणा पंडित का निधन हुआ और आज से ठीक 40 साल पहले 6 नवंबर को ही संजीव कुमार गुजरे थे। इन दोनों में कभी प्रेम संबंध था। संजीव कुमार सुलक्षणा पंडित से प्यार तो बहुत करते थे लेकिन कहा जाता है कि वह उनसे शादी नहीं कर पाए। शादी ना करने की वजह बताया जाता है कि कभी संजीव कुमार जो है हेमा मालिनी से प्यार करते थे और हेमा मालिनी ने उनसे शादी करने से इंकार कर दिया था,

इसकी वजह से उनका दिल टूट गया था। तो कहा जाता है यह भी कि हेमा मालिनी से दिल टूटने के बाद संजीव कुमार को सुलक्षणा पंडित से प्यार हुआ था और लेकिन उनके मन में यह डर रहता था कि उनके परिवार में कोई भी पुरुष जो है वह 50 साल से ज्यादा की उम्र नहीं जी पाता था और संजीव कुमार को यह डर था कि वह शादी करेंगे और उनका निधन हो जाएगा उसके बाद उनकी पत्नी का क्या होगा और देखिए यह भी सच है कि संजीव कुमार 50 की उम्र पार नहीं कर पाए और 1985 में 6 नवंबर को उनका निधन हो गया था,

और कहा जाता है कि इसी वजह से संजीव कुमार ने सुलक्षणा पंडित से शादी करने से इंकार कर दिया था। खैर सुलक्षणा पंडित का फिल्मी करियर जो सफर है वह शुरू हुआ था फिल्म उलझन से। संजीव कुमार के साथ उन्होंने कई सारी फिल्में की और इन्हीं फिल्मों के सेट पर वह संजीव कुमार के प्यार में पड़ती गई। संजीव कुमार भी उनको बहुत पसंद करते थे। लेकिन क्या ऐसी बात हो गई कि उन्होंने सुलक्षणा पंडित के प्रपोजल को ठुकरा दिया था? कहा जाता है कि जब सुलक्षणा पंडित के प्रपोजल को उन्होंने ठुकरा दिया तो सुलक्षणा पंडित ने भी यह तय कर लिया,

कि अगर उनकी शादी संजीव कुमार से नहीं होगी तो फिर किसी से भी नहीं होगी और वो आजीवन कुमारी रहेंगी और यह उन्होंने कायम रखा और 71 साल की उम्र में वह चल बसी। सुलक्षणा पंडित ने संजीव कुमार का जब निधन हुआ तो जब उनको यह बात पता चली तो उनको बहुत बड़ा सदमा लगा और वह गिर गई थी और उसके बाद कहा जाता है कि मानसिक रूप से वो बहुत बीमार रहने लगी कुछ दिनों बाद वो फिर बाथरूम में गिर पड़ी जिसके बाद से उनकी उनके शरीर की कूले की पसलियां जो है,

वो टूट गई थी जिसकी वजह से वो मतलब उनको चलने फिरने तक में परेशानी होने लगी। चारप ऑपरेशन के बाद भी पूरी तरह से सुलक्षणा पंडित ठीक नहीं हो पाई और अभी लंबे समय से अपनी बहन विजेता पंडित के साथ रह रही थी। विजेता पंडित ही उनको सपोर्ट करती थी। आर्थिक रूप से, मानसिक रूप से उनकी शादी हुई नहीं थी। बच्चे थे नहीं। बाकी जो भाई-बहन थे सब अपनी-अपनी जिंदगी में बिजी हो गए। तो ऐसे में सुलक्षणा पंडित का सहारा सिर्फ उनकी बहन विजेता पंडित ही थी,

और उनके भाई जतिन ललित भी फिल्म इंडस्ट्री में जानेमाने संगीतकार हैं। और जब सुलक्षणा पंडित के निधन की खबर आई तो उनके भाई ललित ने इस खबर को कंफर्म किया कि उनकी बहन सुलक्षणा पंडित अब नहीं रही। सुलक्षणा पंडित ने बहुत सारी फिल्मों में काम किया जिसमें ज्यादातर फिल्में उनकी संजीव कुमार के साथ थी। इसके अलावा उन्होंने जितेंद्र के साथ विनोद खन्ना के साथ भी कई फिल्में की। 70 और 80 के दशक में सुलक्षणा पंडित ने ढेर सारी फिल्मों में काम किया,

लेकिन कभी भी कोई बहुत बड़ी पहचान उनको किसी फिल्म से नहीं मिली। यह मुलाकात एक बहाना है। एक बहुत मशहूर गाना है लता मंगेशकर का। यह गाना सुलक्षणा पंडित पे फिल्माया गया था। सुलक्षणा पंडित की बॉलीवुड में शुरुआत हुई थी एक सिंगर के तौर पर। पहले वो किशोर कुमार के ट्रूप में साथ में गाया करती थी। फिर उनको फिल्मों में गाने मिलने लगे और जब लोग देखते थे कि वो इतनी खूबसूरत हैं तो उनको फिल्मों के ऑफर मिले और उलझन फिल्म में उन्होंने काम किया,

इसके अलावा खानदान फिल्म में उन्होंने काम किया। ढेर सारी उनकी फिल्मों की लिस्ट है। लेकिन कोई भी फिल्म उनकी इतनी बड़ी हिट नहीं हो पाई कि हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान, परवीन बाबी जैसी दिग्गज एक्ट्रेसेस के सामने वो टिक पाए। तो फिल्मी करियर के साथ-साथ उनका संगीत का करियर भी चलता रहा। लेकिन कभी भी बहुत बड़ी एक्ट्रेस वो नहीं बन पाई। लेकिन सुलक्षणा पंडित की जो कहानी है,

संजीव कुमार के साथ जो उनका नाम जुड़ा था उसको लेकर जो है किस्से लंबे समय तक चलते रहे और संजीव कुमार के निधन के बाद से उनको जो सदमा लगा था उस सदमे से वह कभी उबर नहीं पाई और देखिए एक कैसा संयोग कि जिस दिन संजीव कुमार ने दुनिया को अलविदा कहा 6 नवंबर को ठीक 6 नवंबर को सुलक्षणा पंडित ने भी 40 साल बाद दुनिया को अलविदा कह दिया.

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