पारले-जी बिस्कुट से प्रसिद्ध हुई ये छोटी सी बच्ची आज इतने सालों बाद हो गई है इतनी बड़ी…

parle g girl now looking so beautiful

90 का दशक वह दौर था जब लोगों की जिंदगी 24 टेलीविजन के चैनलों पर अटकी हुई थी इसलिए तब के समय में लोग कुछ चुनिंदा कार्यक्रमों और विज्ञापनों से खुश हो जाया करते थे यह विज्ञापन लोगों के मनोरंजन का स्रोत अरे टीवी पर कुछ नाराज हो तो Login विज्ञापनों को देखकर अपना टाइम पास करते थे इनमें से दो ऐसे विज्ञापन थे कुछ ज्यादा ही फेमस हो गए थे वहीं निरमा वाशिंग पाउडर निरमा और पारले जी बिस्कुट निर्माता जिंगल आज भी लोगों की जुबान पर रहता है और पारले जी को भी लो खाना पसंद करते हैं ऐसे में कभी न कभी आपके मन में सवाल आया होगा स्किन पर छपी लड़कियां आखिर कौन है कि इस बात की गुत्थी कोई नहीं सुलझा पाया आज के हमारे इस वीडियो में हम आपको parle-g और निर्माण के पैकेट पर छपी लड़कियों की तस्वीर के पीछे की कहानी लेकर बताएंगे कि आखिर कौन है.

लड़कियां आज कहां और कैसे दिखती है तो चलिए शुरू करते हैं नंबर एक parle-g गर्ल हम बचपन से ही पारले जी बिस्कुट खाते आ रहे हैं हम क्या हमारे मम्मी पापा भी बिस्किट खाकर बढ़े हुए हैं समय के साथ बहुत कुछ बदल गया लेकिन जो कभी नहीं बदला वह पारले जी बिस्कुट और उस पर छपी बच्ची की तस्वीर इस पर दिखने वाली बच्ची कौन है यह सवाल आपके मन में आया होगा लेकिन इसके लिए जाने की जरूरत है इस लड़की की तस्वीर सब्सक्राइब 1932 नाम की कंपनी की शुरुआत में क्वेश्चन बनाकर बेचते थे लेकिन मार्किट में डिमांड थी और वह पूरी कर रही थी ब्रिटिश कंपनी 1929 में लेने में ही बना कर उसे बेचना शुरू किया गाड़ी चल पड़ी 1980 तक इन के बिस्किट पर ले आलू को बिस्किट के नाम से जानते थे पर बाद में इसका नाम बदलकर parle-g रखा गया समय के साथ जिसका अर्थ जीनियस हो गया.

और उसके पैकेट कलर शुरू से ही सफेद और पीले लेकिन इसके लेवल पर छह बच्चे की तस्वीर को लेकर बहस हुई इस तस्वीर में बच्ची का असली नाम नितेश पांडे इस तस्वीर के पीछे की कहानी यह है कि यह साढे चार साल की थी तब उनके पापा ने फोटो खींची थी जो कोई प्रोफेशनल फोटोग्राफर नहीं थे लेकिन इनकी ही फोटो को जिसने पसंद किया नीचे करो मैं यह फोटो किसी के हाथ लग गई जिसकी कंपनी के साथ जान पहचान थी उन्होंने फोटो कंपनी के मालिक और यह इस तरह से यह कोट पर फीचर्स होने का मौका मिल गया और तब स्क्रीन की 62 साल की उम्र में और जैसे कि कि तस्वीरो में देख सकते है खबर के साथ एक मिथुन जुड़ा हुआ है और वह यह है कि कई जगह पर पारले जी के पैकेट पर दिखने वाली महिला का नाम अनिरुद्ध देशपांडे.

लेकिन फोटो लगाई जाती है कि इन सब बातों से परे पारले कंपनी के प्रॉडक्ट मैनेजर मयंक जैन किसी इंसान तस्वीरें ली है है जिसे साठ के दशक में मगर लाल धरिया नाम के आर्टिस्ट ने बनाया था नंबर दो वाशिंग पाउडर निरमा धन वॉशिंग पाउडर निरमा का वहीं धरना [संगीत] अपने मित्र अच्छी तरह निर्माण का वह गाना लोग अभी भी गुनगुनाते हैं और ने आज भी आदत आपने जरूर गौर फरमाया होगा कि निरमा वाशिंग पाउडर के पैकेट पर एक लड़की सफेद फ्रॉक पहने नजर आती है लेकिन क्या आपने कभी इस बात को जानने की कोशिश की कि आखिर कौन है वह लड़की नहीं पता हम आपको बताते हैं कि पर छपी लड़की का असली नाम में जो करसन भाई की बेटी 1969 में गुजरात के निर्माण की शुरुआत की थी अपनी बेटी से प्यार करते थे वैसे तो उनकी बेटी का नाम था लेकिन प्यार से कहते थे निरूपमा तब स्कूल में पढ़ रही थी.

एक दिन से उसकी मौत हो गई एक पिता होने के नाते उनकी बेटी दुनिया में अपने जिगर के टुकड़े को तोड़ चुका था लेकिन उसने फैसला किया कि वह निर्माण को अमर कर दिए श्री कृष्ण भाई ने निरमा वाशिंग पाउडर की शुरुआत की और पैकेट पर निर्माता की तस्वीर लगानी शुरू कर दी तब के दौर में तस्वीरें कम ही जाती थी ऐसे में निरूपमा की झूमती हुई सुंदर सी तस्वीर को पैकेट पर जगह दी गई लेकिन बाजार में उतरने और कंपटीशन के कारण इन्हें बड़ी दिक्कत आई एक दौर ऐसा भी आया जब लगा कि उनका यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा पर उन्होंने हार नहीं मानी और को साढ़े तीन रूपए प्रति किलो की दर से बेचना शुरू कर दिया जिसके चलते कम आमदनी वाले परिवारों के लिए यह एक अच्छा विकल्प बन गया आपको बता दे करसन भाई सरकारी नौकरी भी करते थे पर अपनी बेटी के नाम को अमर बनाने का सपना लिए वह पहले ऑफिस का काम करते फिर साइकिल से लोगों के घरों में वाशिंग पाउडर बेचते.

ऐसे धीरे-धीरे अहमदाबाद में इस डिटर्जेंट को सभी चाहने लगे लेकिन इसी के साथ थोड़ी समस्या भी आई दुकानदार उदारी पर ऑप्शन पाउडर उठाने लगे और जब पैसे देने का समय आता तो आनाकानी शुरू कर देते हैं जिसकी वजह से व्यापार में घाटा लगने लगा यह समझ नहीं पा रहे थे कि अब क्या किया जाए लेकिन फिर उन्हें उपाय सूझा उन्होंने तय किया कि वह टीवी विज्ञापन बनवाएंगे फिर टीम की मीटिंग बुलाकर विज्ञापन बनाने का फैसला किया गया शानदार जंगल तैयार हुआ लेकिन इसी के साथ एक विज्ञापन टीवी पर आने से पहले ही बाजार से निर्माण के पैकेट पर विज्ञापन वॉशिंग पाउडर निरमा और यह सभी की जुबान पर चढ़ बाजार में दुकानदारों के लिए निर्माण डिटर्जेंट रखना मजबूरी वश में निरुपमा को अमर करने का ख्वाब पूरा विज्ञापनों में पसंद है तो बताइए.

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