राजस्थान में प्लेन क्रैश इजेक्ट नहीं कर पाए पायलट..

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दोस्तों राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान में प्लेन क्रैश हुआ है। प्लेन के टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। परखच्चे उड़ गए हैं। क्या कुछ जानकारियां सामने आ रही है समझेंगे। हमारे साथ भरत जी मौजूद है। भरत जी राजस्थान में अब कौन सा प्लेन क्रैश हुआ है? महिमा जी बहुत बड़ा अपडेट और बहुत बड़ी खबर निकल कर आ रही है राजस्थान के चूरू से। राजस्थान के चूरू में आपके सामने यह रही खबर और राजस्थान के चूरू में एक प्लेन है वो गिर गया है। उसके परखच्चे उड़ गए हैं और यह जो प्लेन है यह Jaguar फाइटर प्लेन है और यह राजस्थान में क्रैश हुआ है,

और इसके दो पायलट पायलट और को-पायलट दोनों इसमें शहीद हो चुके हैं। और यह बताया जा रहा है कि जब इजेक्ट करने की जो सुविधा होती है जिससे प्लेन गिरने से पहले इजेक्शन मोड होता है वो काम नहीं कर पाया और जिसकी वजह से दोनों पायलट इजेक्ट नहीं कर पाए। यह ट्रेनी प्लेन बताया जा रहा है। हम आपको प्लेन की वह तस्वीर जल्दी से आपको दिखाते हैं। यह वो वीडियो वहां का रिकॉर्ड किया गया है। यह गांव में जैसे ही प्लेन गिरा यह पेड़ जो है वो जलकर खाख हो चुका है। जहां पर प्लेन गिरा वो वो पेड़ जल जलकर स्वाहा हो गया। अभी हम आपको दिखाते,

हैं। ये देखिए यह वो पेड़ है जो जल चुका है और यहां पर वो प्लेन गिरा है। प्लेन प्लेन नाम मात्र का भी नहीं बचा है। जलकर बिल्कुल स्वाहा हो गया। उसके कुछ अंश जगह-जगह पर बिखरे पड़े हुए हैं। वह वीडियो हम आपको दिखला रहे हैं। आप इस वीडियो में देखिए। यह देखिए प्लेन का वो हिस्सा है यह देखिए यह देखिए और यह देखिए पेड़ जलकर स्वाहा हो चुका है। एक पत्ता तक नहीं बचा है महिमा जी जिस जगह पर यह प्लेन गिरा है और यह जगवार फाइटर गिरा हुआ है और पिछले तीन महीने पिछले 5 महीने में तीन घटनाएं यहां पर देखी गई हैं। भारत में 7 मार्च को,

अंबाला में एक फाइटर जेट गिरता है और और 2 अप्रैल को जामनगर में एक फाइटर जेट गिरता है। आज 3 जुलाई को चूरू में यह फाइटर जेट गिरता है। इसके अलावा यह वीडियो हमने आपको दिखाया। यह देखिए जहां पर प्लेन गिरा है उस जगह का एक्चुअल वीडियो आपके सामने ये देखिए। किस तरीके से प्लेन जल रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे पैरा की खरही होती है। बहुत सारे लोग जानते होंगे खरई क्या होती है। वो जिस तरीके से उसमें आग लग जाती है। उस तरीके से यहां पर जलता हुआ प्लेन दिखाई दे रहा है। बहुत हृदय विदारक घटना है और और बहुत बहुत भयंकर घटना घटित हुई है। दो,

देश के पायलट इसमें शहीद हो गए हैं। ट्रेनी प्लेन था और फाइटर प्लेन था ये। इसे ट्रेनिंग दी जाती थी। नए-नए पायलट्स को सिखाया जाता था। ये देखिए नक्शे के जरिए हम आपको दिखलाते बतलाते हैं कि ये राजस्थान है। ये ये नक्शा है आपके पास ये नक्शा है और नक्शे में ये राजस्थान का इलाका है। राजस्थान के इस इलाके में ये जो राजलदेसर जगह पड़ती है ये है। इस राजल देसर में एक छोटा सा एक छोटा सा गांव है जिसका नाम भाड़ूदा है और इसी भाड़ूदा में यह प्लेन यहां पर गिरता है। यह जो जगह है ये ये भाड़ूदा जगह है। यहां पर यह प्लेन,

गिरता है और प्लेन गिरने के बाद जल जाता है। यह वह जगह है राजल देसर। यहीं की पुलिस सबसे पहले यहां पर पहुंची और यह देखिए हमें जो अभी तक की जो जानकारी निकल कर आ रही है उसके हिसाब से एक यह अंश प्लेन का है जिसमें जगवार ऊपर की तरफ लिखा हुआ है और कुछ कोड्स इसमें प्लेन के लिखे हुए हैं। जैसे किसी सामान में कोई चीज लिखी होती है उसका सीरियल नंबर वगैरह वो यहां पर लिखी हुई है और जैसे ही यह प्लेन गिरा उसके बाद यह देखिए सेना के चौपर गड़गड़ाते हुए वहां पर पहुंचे और उतरते ही वहां पर राहत बचाव का जो काम है वो करना शुरू कर दिया है। तो,

महिमा जी, यह प्लेन जो है, यह प्लेन उड़ा था श्रीगंगानगर के पास में। श्रीगंगानगर के पास में जो सूरतगढ़ एयरबेस बताया जा रहा है, वहां से यह प्लेन उड़ा था और यह जो प्लेन था, यह टू सीटर ही था। इसके भीतर पायलट और को-पायलट ही बैठ सकते थे। बैठने की जगह थी। यह जानकारी निकल कर अभी आ रही है और ट्रेनिंग के लिए इसका उपयोग किया जाता था। ये ये जानकारी निकल कर आई है और जो लोग यहां पर यहां पर प्लेन गिरने के बाद पहुंचे क्योंकि गर्मी का वक्त था। लोग जो जो राजस्थान के चूरू में जो छोटे-मोटे दूरदराज में पेड़ थे उनकी पेड़ों की छाया,

में बैठे हुए थे और ये पेड़ भी एक पेड़ के पास ही ये प्लेन भी एक पेड़ के पास जाकर गिरा। तो लोगों ने बताया कि पहले जोरदार हमने गड़गड़ाहट सुनी। फाइटर प्लेन की गड़गड़ाहट तो होती है और फिर जोरदार धमाके की अचानक से आवाज आ गई और और उसके बाद जो है हम लोगों ने पुलिस को फोन किया, एंबुलेंस को फोन किया। सबसे पहले पुलिस आई ये बात जो है लोगों की तरफ से वहां से निकल कर आ रही है। टेक ऑफ के बाद जो है 160 कि.मी. दूर यानी 160 कि.मी. तक यह प्लेन चलता है। जो ट्रेनी पायलट होते हैं या पायलट होते हैं उसके भीतर पायलट का नाम,

क्या है? ट्रेनी पायलट का नाम क्या है? अभी वह जानकारी निकल कर सामने नहीं आ पाई है। लेकिन राज देसर में जब यह प्लेन गिरता है तो तब तक यह 160 कि.मी. की दूरी श्रीगंगानगर के अपने उस बेस से तय कर लेता है और 160 कि.मी. के बाद यह प्लेन गिरता है। 7 मार्च 9 जुलाई आज है और इससे पहले 2 अप्रैल को प्लेन जो क्रैश हो चुका है जो जो फाइटर जेट है वो क्रैश हो चुके हैं। तो भारत में एक तरफ और आज ये खबर आने से पहले आज ही एक इंडिगो प्लेन की लैंडिंग कराई गई है। उसमें भी कुछ प्रॉब्लम आई थी जिसकी वजह से उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़,

गई और इससे पहले आपने देखा कि एयर इंडिया के प्लेन के साथ क्या हुआ उससे पहले उससे पहले और भी प्लेेंस की अचानक से इमरजेंसी लैंडिंग कराई जाने लगी तो इस वर्ष में प्लेन की जो घटनाएं हैं प्लेन क्रैश की जो घटनाएं हैं वो रोज रोज हर चौथे पांचव दिन कहीं ना कहीं इमरजेंसी लैंडिंग की या प्लेन क्रैश की घटनाएं सुनाई दे रही हैं। अभी यहां से इतनी अपडेट निकल कर आ रही है महिमा जी। अभी और अपडेट निकल कर आएगी तो हम अपने दर्शकों को जरूर बताएंगे। चूरू में राहत बचाव का कार्य जारी है। दोनों पायलटों की जो डेड बॉडी है वो बरामद कर ली,

गई है। उनके नाम क्या है अभी निकल कर सामने नहीं आए। प्लेन में कुछ भी ऐसा फाइटर जेट में कुछ भी ऐसा नहीं बचा है जो जो समूचा बचा हो। अब ब्लैक बॉक्स कहा जा रहा है कि मिलेगा और उससे क्या दिक्कत हुई? क्या तकनीकी खामी हुई जिसकी वजह से ये प्लेन गिरा और पायलट इजेक्ट क्यों नहीं कर पाए? क्योंकि सेना के लिए महिमा जी प्लेन से ज्यादा महत्वपूर्ण और प्लेन से भी ज्यादा इंपॉर्टेंट उसके अपने पायलट्स होते हैं। और इस इस हादसे में सिर्फ और सिर्फ प्लेन ही नहीं गया। प्लेन के साथ में इस देश ने अपने दो पायलट्स को भी खो दिया है और एक ट्रेनी प्लेन को भी खो दिया,

और ये एक बड़ी घटना है जो चूरू से इस वक्त सामने आई है। प्लेन क्रैश हुआ है जिसमें दो पायलट शहीद हो गए हैं। अब इसको लेकर सेना के अधिकारी और दूसरी एजेंसियां जांच करेंगी कि आखिर वजह क्या है प्लेन क्रैश की? ये प्लेन क्रैश क्यों हुआ? इसको लेकर जो कुछ भी जानकारियां होंगी वो अब धीरे-धीरे सामने आएंगी.

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