एयर इंडिया की बड़ी भूल, परिवारों को भेज दिए गलत शव..
सोचिए उस लम्हे को जब किसी ने किसी अपने को खो दिया हो और फिर अंतिम विदाई के वक्त पता चले कि जिसकी अंतिम विदाई होनी थी वह अपना था ही नहीं। एयर इंडिया हादसे के बाद जो हुआ वो एक बड़ी लापरवाही है। एयर इंडिया विमान हादसे में यूके के दो पीड़ितों के परिवार वालों को गलत शव भेज दिए गए। इससे बड़ी लापरवाही क्या ही हो सकती है? क्या बीत रही होगी उस परिवार पर जिसने पहले तो अपने अपनों को खो दिया और फिर अंतिम विदाई के समय पता चला कि वो आपके अपने थे ही नहीं। एक परिवार को तो अंतिम संस्कार तक टालना पड़ गया। अब सवाल,
यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हुई? एयर इंडिया ने जांच शुरू की है। लेकिन जिन परिवार वालों का भरोसा टूटा है उनकी तकलीफ कोई रिपोर्ट शायद ही पूरी कर सकती हो। नमस्कार। मेरा नाम है खुशी सक्सेना और आप देख रहे हैं एबीपी लाइव। अहमदाबाद के एयर इंडिया विमान हादसे के बाद बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसमें ब्रिटेन के रहने वाले दो परिवारों को गलत शव भेज दिए गए। लंदन के वकील जेम्स हेली और उनके लॉ फर्म का कहना है कि दोनों ब्रिटिश परिवारों को भारत ने जो शव भेजे वो असल में उनके अपनों के थे ही नहीं। एक परिवार तो अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा,
था। लेकिन तभी लंदन में शवों की दोबारा जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ताबूत में उनके अपनों का शव निकला ही नहीं। किसी और का शव निकला। मजबूरी में अंतिम संस्कार भी टालना पड़ गया। वहीं दूसरे परिवार को अपने रिश्तेदारों के अवशेष किसी और यात्री के अवशेष के साथ मिक्स होकर मिले। दोनों की राख एक ही ताबूत में रख दी गई थी? अब सवाल उठता है इतनी बड़ी गलती आखिर कैसे हुई? क्या हादसे के बाद डीएनए टेस्ट और शवों की पहचान सही तरीके से नहीं हो पाई? पीड़ित परिवारों के वकील यही आरोप लगा रहे हैं कि शवों की सही पहचान नहीं की गई।
जिससे यह भयानक गड़बड़ी हो गई। वकीलों ने बताया कि लंदन में जब शव पहुंचे तो वहां की जांच एजेंसियों ने डीएनए मिलाकर पहचान दोबारा कंफर्म करनी चाही और तभी सारा मामला सामने आ गया। जिन लोगों ने हादसे में अपनों को खोया उनके लिए यह दूसरी बार उन्हें खोने जैसा था। एक परिवार को ऐसा शव मिला जिसे कोई जानता तक नहीं था। तो उन्होंने मजबूरी में उस अनजान शव को ही दफनाने से इंकार कर दिया। इस पर एमए यानी मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स ने सफाई दी है। प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हादसे के बाद पूरी प्रोफेशनल तरीके से,
शवों को बरामद किया गया था। उनके सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया था। मंत्रालय का कहना है कि वह ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरे मामले को देख रहे हैं और हर चिंता का समाधान भी निकाल रहे हैं। लेकिन अब ब्रिटिश परिवार जांच की मांग कर रहे हैं। उनका सवाल है कि शवों की पहचान कैसे हुई? क्या उन प्रक्रियाओं में कोई चूक हो गई? अहमदाबाद में 12 जून को हुआ यह हादसा वैसे ही देश और दुनिया को हिला देने वाला था। विमान टेक ऑफ के कुछ मिनटों बाद मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया और आग का गोला बन गया। 260 से ज्यादा लोग मारे,
गए सिर्फ एक जिंदा बचा। हादसे के बाद शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। इसीलिए डीएनए टेस्ट ही एकमात्र तरीका था। लेकिन अब जब उसी डीएनए की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं तो फिर भरोसा किस पर किया जाए? खैर इस खबर पर आपकी क्या राय है हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं और देखते रह हमारा चैनल एबीपी लाइव।



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