टेस्ला की गाड़ियां जल्द भारत में, कीमत होगी दोगुनी से ज्यादा?..

tesla in bharat

और अब आपको जल्दी से यह बताएंगे कि भारत के बाजारों में टेस्ला की गाड़ियां कब से बिकनी शुरू हो जाएंगी और इनकी कीमत क्या होगी पूरा देश न जाने कितने वर्षों से टेस्ला का इंतजार कर रहा है आज से 7 दिन पहले अमेरिका में टेस्ला के मालिक इलोन मस्क और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई थी और अब खबर है कि अगले दो महीनों के अंदर टेस्ला भारत में अपनी गाड़ियों के दो शोरूम्स खोलने वाला है.

और यह शोरूम्स दिल्ली और मुंबई में होंगे टेस्ला ने नौकरियों के 13 पदों पर आवेदन भी मांगे हैं इनमें शोरूम और सर्विसिंग से जुड़ी नौकरियां हैं और करीब 17 साल पहले यानी वर्ष 2008 में पहली टेस्ला कार कैलिफोर्निया में लॉन्च हुई थी इलन मस्क ने अपनी ईवी कार पूरी दुनिया में बेची लेकिन वो इसे भारत के बाजारों में नहीं ला पाए विदेशी गाड़ियों में विदेशी गाड़ियों पर भारत में लगने वाली भारी भरकम कस्टम ड्यूटी की वजह से टेस्ला भारत में प्रवेश नहीं कर पा रही थी.

लेकिन अब भारत ने टेस्ला के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं भारत में विदेशी कारों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 125 प्र लगती थी जिससे 30 लाख की विदेशी कार भारत में आते-आते करीब 80 लाख की हो जाती थी लेकिन अब विदेशी कारों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर 70 पर कर दिया गया है.

और इसका फायदा टेस्ला जैसी कंपनियों को होगा क्योंकि टेस्ला अब सस्ते दाम पर गाड़ी बेच पाएगी इलन मस्क सबसे पहले जर्मनी में बनी टेस्ला कारों को भारत में लाकर बेचेंगे जिस मॉडल को भारत लाने की सबसे ज्यादा चर्चा है उसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 000 यानी करीब ₹ लाख के आसपास है तमाम टैक्स लगाने के बाद यह कार भारत में आपको करीब 50 लाख में मिलेगी यानी ₹ लाख की जो कार है.

बाहर वह आपको यहां 50 लाख में मिलेगी टेस्ला की सबसे सस्ती कार का नाम है मॉडल थ जो अमेरिका में ₹ लाख में बिकती है और यह मॉडल भारत अगर आया तो 27 लाख की यह कार आपको भारत में 74 लाख की मिलेगी अब आपको यह बताते हैं कि विदेशी कारें भारत में आकर इतनी महंगी क्यों हो जाती है इसकी वजह मुख्य रूप से टैरिफ है.

दो वजह हैं पहला है बेसिक कस्टम ड्यूटी जो हमारे देश में 70 पर है और दूसरा है जीएसटी जो 28 पर है इंपोर्ट होने वाली विदेशी कारों की कीमतें इसी वजह से 100% तक बढ़ जाती है और इसके बाद रोड टैक्स लगाकर और भी बहुत सारे टैक्स अलग से लगाए जाते हैं.

और यह सारे टैक्स लगते लगते यह गाड़ियां बहुत महंगी हो जाती है जैसे भारत में जर्मनी की में बिकती है जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग ₹ लाख के आसपास है इले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और गाड़ियां हैं वह भी टेस्ला को अच्छा खासा कंपटीशन देंगी और भारत में बनी जो इलेक्ट्रिक कार्स हैं.

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