सुलक्षणा पंडित की अंतिम विदाई, अर्थी पर पड़ा था शव, रोता-बिलखता रहा परिवार..

sudakshana panditi

बॉलीवुड सिंगर और एक्ट्रेस रहीं सुलक्षणा पंडित ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने 71 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। लंबे समय से सुलक्षणा बीमार थी और नानावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पता में ही उनकी मौत हुई। आज एक्ट्रेस का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस दुखद घड़ी की झलक भी सामने आई है, जहां उनके परिवार के लोग और दोस्त रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। सामने आए वीडियो को देखने के बाद किसी के भी आंसू फूट पड़ेंगे।

सामने आए वीडियो में सुलक्षणा पंडित का शव अर्थि पर रखा नजर आ रहा है। उनके आस पास उनके करीबी नजर आ रहे हैं। कोई उन्हें गले लगा रहा है तो कोई रोता दिख रहा है। वीडियो देखने के बाद आपका इमोशनल होना तय है। इस वीडियो को देखने के बाद उनके फैंस दुख जाहिर कर रहे हैं। कई फैंस ने इस पर रिएक्ट करते हुए कमेंट में ओम शांति लिखा है। कई फैंस ने रोने वाले इमोजी भी पोस्ट किए हैं।

बता दें, सुलक्षणा पंडित का जन्म 1954 में मुंबई के एक संगीत घराने में हुआ था। सुलक्षणा के चाचा जसराज महान शास्त्रीय गायक थे। सुलक्षणा की तीन और बहनें और तीन भाई थे। बचपन से ही सुलक्षणा की दिलचस्पी गायकी और एक्टिंग में रही और इसी की वजह से वो फिल्मी दुनिया का हिस्सा भी बनीं। उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी और कई में एक्टिंग भी की। सिर्फ 9 साल की उम्र में ही उन्होंने गायकी शुरू कर दी थी और लता मंगेश्कर के साथ गाना गाने लगी थी। साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म संकल्प के गाने ‘तू ही सागर है तू ही किनारा’ के लिए उन्होंने फिल्म फेयर अवॉर्ड जीता था।

सुलक्षणा पंडित ने अपने करियर में 79 से अधिक फिल्मों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। साल 1996 में रिलीज हुई फिल्म खामोशी: द म्यूजिकल के गानों में भी उन्होंने अपनी मधुर आवाज दी थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। दिलचस्प बात यह है कि सुलक्षणना न सिर्फ एक शानदार गायिका रहीं, बल्कि बेहतरीन अभिनेत्री भी थीं। उन्होंने करीब 30 से ज्यादा फिल्मों में दमदार अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना हासिल की। साल 1988 में आई फिल्म दो वक्त की रोटी में उन्होंने ‘गंगा’ का किरदार निभाया था, जो आज भी यादगार माना जाता है।

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