पहलगाम के बाद बौखलाए शाहिद अफरीदी ने भारतीय सेना पर क्या कह दिया?..

shahid afridi

22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद अब पाकिस्तान से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और कप्तान शाहिद अफरीदी लगातार इस मामले पर ट्वीट्स कर रहे हैं लगातार इस मामले पर वीडियो जारी कर रहे हैं और उनके बयान सामने आ रहे हैं उनका एक हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें वो भारत पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत की सेना के 8 लाख जवान कश्मीर में मौजूद थे इसके बाद भी भारत पाकिस्तान पर इस आतंकवादी हमले के आरोप लगा रहा है.

पूरी बात आपको बताएंगे उस वीडियो में क्या कहा सुनवाएंगे हमारे साथी नावेद हैं नावेद ये वीडियो क्या है कब जारी हुआ और क्या कह रहे हैं शाहिद अफरीदी इसमें देखिए इसका मैं आपको बैकग्राउंड थोड़ा सा बता दूं जो कॉन्टेक्स्ट के लिए इस्टैब्लिश करना है यह जो है यह पूरी कहानी एक उनके दौरे के दौरान होती है जब वो जाते हैं एक एकेडमी में जाते हैं वो क्रिकेट की एकेडमी रहती है वहां पर उनको बुलाया जाता है तो वहां पर वो मीडिया से मुखातिब होते हैं और उसके बाद वो ये सारी बातें कहते हैं जो केजे हॉकी एकेडमी है एक वहां पर वो पहुंचे थे.

शाहिद अफरीदी और उसके बाद मीडिया से रूबरू होते वक्त उनकी ये बातचीत होती है जिसमें कुछ इस तरह की बातें करते हैं और 27 अप्रैल को ही ये वीडियो पोस्ट किया गया है एक कादिर ख्वाजा नाम के एक व्यक्ति हैं जो स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं समा टीवी है एक पाकिस्तान में उसके लिए स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट का काम करते हैं उन्होंने ये वीडियो पहुंचाया तो इसमें कुछ हिस्सों में उनकी बातें हैं पहले में वह बताते हैं कि पूरे 1 घंटे तक पहलगाम में आतंकी हमला लगातार चलता रहा और इस पूरे 1 घंटे में 8 लाख की सेना में से कोई भी नहीं आया 8 लाख का वो जो दावा कर रहे हैं कि कश्मीर में 8 लाख की सेना है और जब आए तो 10 मिनट में पाकिस्तान पर इसका इल्जाम लगा दिया.

शाहिद अफरीदी कह रहे हैं और उन्होंने ये भी कहा कि हम शांति और अमन का पैगाम देते हैं तो क्या कहा है वो एक बार हमारे दर्शकों को सुनवा देते हैं मेरे ख्याल में हर चीज आप 1 घंटे का 1 घंटे तक दहशतगर्द वहां दहशतगर्दी करते रहे ठीक है वहां तक 8 लाख फौज में से कोई नहीं आया और जब आए तो 10 मिनट के ऊपर पाकिस्तान पे इल्जाम लगा दिया तो आई मीन के खुद ही ब्लंडर्स मारते रहते हैं खुद ही लोगों को मरवा देते हैं.

फिर उनकी वीडियोस दिखाते हैं कि नहीं वो तो जिंदा है तो आई मीन इस तरह का ना करें हमने हमेशा देखिए दहशतगर्दी आप आप किसी कोई भी मुल्क कोई भी मजहब सपोर्ट नहीं करता और हम तो हमेशा अमन की पाकिस्तान हमारा दीन इस्लाम अमन का पैगाम देती है हमेशा देखिए यह तो वीडियो हो गया शाहिद अफरीदी का लेकिन अपने क्रिकेटिंग करियर को लेकर भी उन्होंने कुछ कहा है क्या जी क्रिकेटिंग करियर को भी उन्होंने कहा है क्योंकि आप जानते हैं कि क्रिकेट इंडिया और पाकिस्तान के बीच में एक ऐसी चीज रही है जो हमेशा अ होती रही है.

और उसके मैच के रोमांच भी कुछ अलग होता है तो वो अपने क्रिकेटिंग करियर को याद करते हुए कहते हैं कि जब हम यानी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की बात करते हैं जब वो उस वक्त थे वहां पर बोले कई बार जब हम लोग वहां पर जाने का हमारा प्लान होता था तो इंडिया से हमको कई धमकियां आ रही होती थी है ना कई बार हमको यह तक नहीं पता था कि क्रिकेट के टूर में हम इंडिया जाएंगे भी या नहीं अंत तक के ये फाइनल नहीं हो पाता था और वो ये कहते हैं कि स्पोर्ट्स की जो डिप्लोमेसी है कूटनीतिक जो व्यवहार रहते हैं वो डिप्लोमेसी बहुत अच्छी है.

और उसके जरिए से आप बहुत आसानी से डिप्लोमेसी कर सकते हैं संबंध अच्छे बना सकते हैं और जो मतलब वो इस चीज को बढ़ावा देना चाहते हैं कि स्पोर्ट्स के जरिए और वो ये भी कहते हैं कि आप यहां पर नहीं आते हैं क्रिकेट खेलने के लिए फिर कभी आपकी कबड्डी की टीम आ जाती है तो अगर आप हमसे संबंध रखना चाहते हैं तो पूरी तरह रखिए नहीं रखना चाहते हैं तो बिल्कुल मत रखिए तो ये भी एक बार सुनाते हैं हमारे दर्शकों को हमने हमेशा इंडिया के साथ अच्छे ताल्लुकात बनाने की कोशिश करते रहे हम लोग हमेशा हमें काफी थ्रेट्स मिलती रही वहां से टूर से पहले हमें ये भी नहीं पता था होता था कि हम जाएंगे कि नहीं जाएंगे वर्ल्ड कप अगर आपको 16 को याद हो हम लाहौर में ही थे.

हमें तो पता ही नहीं था मैं एज अ कैप्टन लीड कर रहा था टीम को तो मुझे तो पता ही नहीं था कि हमने हमारी फ्लाइट होनी है कि नहीं होनी तो आई मीन स्पोर्ट्स के स्पोर्ट्स जो है ना वो हमेशा मैं बात करता हूं कि स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी हमेशा बेस्ट रहती है स्पोर्ट्स की वजह से ही आपकी कबड्डी की टीम आ जाती है इंडिया से यहां क्रिकेट नहीं खेलते आपस में तो करना है तो फिर पूरी तरह बंद करो अगर चलना है तो पूरी तरीके से चलो देखिए शाहिद अफरीदी का ये बयान आपको सुनाया लेकिन ये अपने आप में बड़ा कंट्राडिक्ट करने वाला बयान है कि वो कह रहे हैं कि क्रिकेट जो है.

संबंध बेहतर करता है खेल संबंध बेहतर करते हैं लेकिन फिर कह रहे हैं कि भारत से हमें धमकियां मिला करती थी और ये बड़ा अजीब भी है मैं आपको बताऊं क्योंकि मैं लंबे समय से मैंने क्रिकेट जर्नलिज्म किया भी है और क्रिकेट को देखा भी है तो उस वक्त हमें कभी भी ऐसा सुनने को नहीं मिला कि भारत से किसी पाकिस्तानी क्रिकेटर को इस तरीके की धमकियां मिली हों कि अगर आप खेलने जाएंगे तो उनको जान को खतरा हो या किसी तरीके की चीज हो भारत से पाकिस्तान टीमें जाती हैं श्रीलंका से या दुनिया भर के अलग-अलग देशों से टीमें जाती हैं श्रीलंका की टीम पाकिस्तान जाती है.

तो वहां पर उनका टेररिस्ट अटैक होता है उस टीम पर उनको वहां से निकाला जाता है 2009 की ये बात मैं आपको बता रहा हूं तो इस तरीके की चीजें पाकिस्तान में जरूर हुई लेकिन शायद ही मेरी जहन में ऐसी कोई चीज आ रही हो कि भारत में किसी क्रिकेटिंग टीम पर इस तरीके का हमला कभी हुआ हो या किसी खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर कभी कोई चिंता की बात जाहिर हुई हो जबकि वर्ल्ड क्रिकेट के दुनिया के तमाम बड़े क्रिकेटर्स भारत में आकर खेलते हैं आईपीएल और पीएसएल में कितने लोग जाकर खेलते हैं ये हम सब लोग जानते हैं तो ये शाहिद अफरीदी का बड़ा ही बेतुका और अजीब सा बयान है खैर आगे क्या किन सबूतों और इसमें एक चीज ये भी है ना कि विपिन हमारा जो देश है.

वो अतिथि देवो भवा के विचार में यकीन रखता है तो हमारे यहां तो जब भी कोई आता है तो हमारे लिए तो उसकी सेफ्टी प्राथमिकता रहती है हमारी और उसके अलावा उन्होंने सबूतों को लेकर भी कहा है कि वो कह रहे हैं कि आपको जो भी कहना है आप सबूतों के साथ आइए और इस तरह इल्जाम आप नहीं लगा सकते जब तक आपके पास सबूत नहीं हो है ना और ये भी कहते हैं कि दहशतगर्दी यानी आतंकवाद इस तरह की दहशतगर्दी को कोई भी सपोर्ट नहीं करता और साथ में उन्होंने अफसोस भी जताया है कि भारत में जो हुआ बेगुनाह लोगों की जान गई उस पर हम सबको अफसोस है अफसोसनाक चीज है ये शाहिद अफरीदी अफसोस जता रहे हैं.

लेकिन प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की तरफ से कोई अफसोस वाली बात शुरुआती कुछ दिनों तक नहीं आई बाद में जब उन्होंने देखा चीजें सारी हुई तब वो निष्पक्ष जांच की बात करने लगे और खुद उनके टीम के साथी खिलाड़ी दानिश कनेरिया ने ये बात कही थी कि अगर पाकिस्तान का इस हमले के पीछे कोई हाथ नहीं है तो फिर अब तक कंडेम क्यों नहीं किया अब तक क्यों हम लोगों की तरफ से ऐसी प्रतिक्रिया आई कि इस तरीके के हमले नहीं होने चाहिए और यह इंसानियत के खिलाफ हैं यह दुनिया के खिलाफ है तो ये सारी बातें उनके साथी क्रिकेटर ही कह रहे हैं.

जी और आगे वो कहते हैं कि अगर आपको कुछ भी लग रहा है इसमें तो हम पड़ोसी मुल्क हैं हमारे आपस में लड़ाई नहीं होनी चाहिए लड़ाई की कोई जगह नहीं छूटनी चाहिए है ना उसके लेकर जो भी उन्होंने चीजें कही है संबंध अच्छे होने चाहिए वो वो भी सुनवाते हैं एज एंबेसडर ऑफ़ पाकिस्तान मैं यही कहूंगा कि देखिए क्रिकेट की वजह से स्पोर्ट्स की वजह से और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी पे मेरा बहुत स्ट्रांग बिलीव है इसको सियासत की नजर नहीं होना चाहिए पड़ोसी मुल्क हैं एक दूसरे का ख्याल रखा जाए लेकिन ये है कि एपिसोड अभी हुआ है.

और आपने डायरेक्ट पाकिस्तान का नाम ले लिया तो एटलीस्ट आपको सबूतों के साथ आए दुनिया को बताया ठीक है और मैं समझता हूं कि हमारा किसी का भी कोई मजहब जिसका भी कुछ हो मजहब हो वो दहशतगर्दी को कोई सपोर्ट नहीं करता हां एक इंसानियत की बेगुनाह आदमी की वहां पे जो हुआ है बहुत अफसोस की बात है पाकिस्तान में जो होता रहा है बहुत अफसोस है इस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए पड़ोसी मुल्क है एक दूसरे के ऊपर पड़ोसियों के वैसे भी आउट होते हैं तो मैं समझता हूं कि आपस में रिलेशनशिप बेहतर रहने चाहिए.

लड़ाई झगड़े का कोई रिजल्ट है नहीं इसके अलावा विपिन एक टीवी चैनल में बात करते हुए टीवी के स्टूडियो में थे वो तो वहां पर भी उन्होंने कुछ बातें कही जिसमें से कुछ उन्होंने इस तरह के शब्द भी इस्तेमाल किए जो यहां पर हम नहीं ले सकते हैं मगर उन्होंने जो कहा है वो मैं आपको पढ़कर बताता हूं उन्होंने कहा वहां पटाखा भी फट जाता है तो पाकिस्तान का नाम ले लेते हैं वहां से उनका तात्पर्य इंडिया से है कि वहां पटाखा भी फट जाता है तो पाकिस्तान का नाम ले लेते हैं आप लोगों की 8 लाख तादाद में फौज बैठी है कश्मीर में और ये घटना हो गई इसका मतलब आप नाकाबिल हो यहां पर उन्होंने दो शब्दों का प्रयोग किया जो मैं यहां नहीं कर रहा हूं.

आप नाकाबिल हो ना मतलब वो कहते हैं कि इसका मतलब आप नाकाबिल हो ना जो आप लोगों को सिक्योरिटी नहीं दे सके तो कुल मिलाकर उनका यही कहना है कि हमला आतंकी हमला वहां पर हुआ तो आप इतनी फौज रखने के बाद भी वहां पर लोगों की सेफ्टी नहीं कर पा रहे हो सिक्योर नहीं कर पा रहे हो लेकिन यहीं पर मतलब मैं याद दिलाना चाहूंगा शाहिद अफरीदी को कि ये वही सेना है जिसको आप समझ रहे हैं कि नाकाबिल है इसी सेना ने आपके 93,000 सैनिकों को बंधक बनाया था और 1971 की जंग के बाद आपको साथ में बैठाल कर सामने से इंस्ट्रूमेंट ऑफ सरेंडर में साइन करवाए गए थे.

और ये वही सेना है जिनसे आपने हार कबूली थी हम तो आप जिन्हें नाकाबिल बता रहे हैं और कह रहे हैं कि सिक्योरिटी के उसमें नहीं है वो जब सेना अपने पर आती है तो फिर आपको भी जो सिखाना होता है वो सबक सिखा देती है बिल्कुल जो देश खुद सिविल वॉर जैसी चीजों से गुजर रहा है जहां पर कोई भी दुनिया की बड़ी टीम खेलने जाने से इंकार करती है जहां पर पीएसएल का अगला सीजन होगा कि नहीं इसे इस पर संशय बना रहता है जहां पर चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी होती है लेकिन बाकी कई देश न्यूट्रल वेन्यू पर जाकर खेलते हैं वहां के पूर्व कप्तान इस तरीके के आरोप और इल्जाम लगा रहे हैं.

और कह रहे हैं कि भाई साहब हमारी तरफ से ऐसा कुछ नहीं हुआ है और कहीं ना कहीं तंज भी कस रहे हैं लेकिन लगातार दुनिया इन तमाम चीजों को देख रही है लगातार भारत इस मामले पर एक्शन ले रहा है इसके बाद से पाकिस्तान से ऐसे बौखलाहट भरे बहुत सारे बयान और बातें कही जा रही हैं लगातार इन चीजों पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि बहुत बड़े आतंकवादी हमले से हम लोग उभरने की कोशिश कर रहे हैं जो चीजें हमने देखी हैं उसके बाद यह तमाम चीजें सामने आ रही हैं.

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