अस्पताल पहुंचाने के लिए सैफ ने ऑटो वाले को क्या इनाम दिया?..

saif storyry

यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि इंसानियत एहसान मंद स्वभाव और दरिया दिली का प्रमाण है जो साबित करती है कि आज के कलयुग में भी इंसानियत जिंदा है घायल शेर की तरह अस्पताल गए सैफ अली खान ठीक होकर बब्बर शेर की तरह घर लौट चुके हैं लेकिन बॉलीवुड के छोटे नवाब भला दरिया दिल्ली से पीछे कैसे रह सकते हैं खून से लखपत सैफ अली खान को जिस ऑटो ड्राइवर भजन सिंह ने नीलावती अस्पताल पहुंचाया था.

उनसे सेफ ने खुद मुलाकात की और ₹1 की इनामी राशि ऑटो ड्राइवर को दी न्यूज़ एजेंसी आईएनएस के मुताबिक सैफ अली खान ने ऑटो ड्राइवर से वादा किया कि जरूरत पड़ने पर उनकी मदद भी की जाएगी इस दौरान सैफ की मां शर्मिला टैगोर भी वाह मौजूद थी उन्होंने भी ऑटो ड्राइवर का शुक्रिया अदा किया इससे पहले सैफ अली खान की जान बचाने वाले ऑटो ड्राइवर भजन सिंह को फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े फैजान अंसारी ने ₹1 ज इनाम के तौर पर दिए थे.

अब सैफ ने भी ऑटो ड्राइवर से मिलकर जरूरत पड़ने पर मदद का भरोसा दिया साथ ही 000 का इनाम दिया बता दें कि सैफ अली खान को अगर समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो उनकी हालत बिगड़ सकती थी लेकिन उस रात ऑटो ड्राइवर भजन सिंह ने इंसानियत का असली परिचय दिया था उन्होंने सैफ अली खान से बिना पैसे लिए उनको अस्पताल छोड़ दिया था ऑटो ड्राइवर का मानना है कि पैसे किसी की जान से बढ़कर नहीं होते सर कॉल आया था.

उनका पीया गया था हां उन्होंने बोला ठीक है पहले भी कॉल आ र है शैपली खान का जो भी था हां जी जाने का टाइम दिए थे 3:30 बजे तक का मैंने चलो ठीक है पहुंचते हैं थोड़ा लेट भी हो गया था हां वही चार पांच मिनट उनसे हमारी मुलाकात हुई थी जैसे अंदर बाहर से जैसे घूमते थे उनका परिवार सब लोग बेचारे सब थेंकू ठक बोले चलो जो भी काम किया अच्छा किया उनकी मम्मी थी और भी उनके बच्चे बच्चे होंगे इतना मैं नहीं देखता हूं टीवी वगैरह क्योंकि उतना वो नहीं है बाकी और सफली खान से बाकी जो भी था उनके पैर जाके उनकी मम्मी भी हाथ जोड़ थ उनके पैर मैंने और जो भी है.

सम्मान सबको सबने मेरे को सम्मान किया बोले सबसे तुम अच्छा काम किए मैं तो खुश था ज्यादा खुश था मेरे चलो जो भी खुशी है मेरे को सम्मान किया आज मेने बुलाया तो बहुत अच्छा लगा मेरे को कुछ नहीं सर वही है जैसा मुलाकात हुई मैंने आप ठीक हो जाओ बस य दुआ करता था पहले भी दुआ करता था और जो भी है मैं अपना जो काम किया बढ़िया किया आपके लिए गलत नहीं किया तो ये भी बोला कि हां तू बहुत बढ़िया काम किया तो एक दो शिल्पी भी दिया मैंने उनके साथ में था एक दो फोटो भी मेरा निकाल लिया मैंने चलो ठीक है सर एक दो फोट हर कोई चाहता है.

कि आदमी एक फोटो एक सेल्फी ले सकता हां वो कह रहे थे थोड़ा आराम से चलाओ थोड़ा दर्द हो रहा है तो मैं हां तो मैंने कहा जितना जल्दी हो एक डर सा भी लगता है कि जितना जल्दी जो घायल आदमी है वो फटाक से मेरा रिक्शा छोड़े या फिर मैं उनको जल्दी जल्दी पहुंचाओ या ये सब होता है तो उसके बाद देखा जाता कि जैसे कि सफली खान है तो मुझे अच्छा लगा कि हां ये सफली खान जी हां बिल्कुल बोल रहे थे कि थोड़ा दर्द हो रहा थोड़ा आराम से ये है कि चला चलो ठीक है जो भी है बट ये मैं सोच रहा कि मैं दर्द से करर रहे तो जैसे करया तो रहे दर्द तो होता ही है.

अब शॉर्टकट रास्ते में थोड़ा ब्रेकर भी ज्यादा उधर तो मैंने चलो ठीक है जो भी है सही है हां बोले कोई बात नहीं कभी भी जो भी है आप कभी भी मैं आपको आगे से मिलूंगा जो भी है मुझे बहुत खुशी है एक्टर हा जो भी एक्टर की मैंने जान बता मुझे खुशी महसूस हो रही है और उस चीज का मुझे अच्छा लग रहा है बस य सर जी मैं जो भी था मैं ऐसा भर्ती पहन के नहीं गया था मैं थोड़ा ऐसा निकल गया था बस हा लगा के गया था जो भी अगर बुलाएंगे तो जाऊंगा ऐसा नहीं जो भी है.

अगर बुलाएंगे तो जाऊंगा बता दें कि 16 जनवरी की रात करीब 1:4 पर सैफ अली खान के घर में चोरी के इरादे से एक अनजान शख्स घुसाया था वह पहले मेट से भिड़ा शोर सुनकर सैफ बाहर आए तो चोर ने सैफ पर चाकू से कई बार कर दिए सैफ की पीठ में चाकू अंदर तक घुस गया था लेकिन फिर भी वह हमलावर से एक घायल शेर की तरह लड़ते रहे लिहाजा चोर भाग खड़ा हुआ बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी में भी देखा जा सकता है.

कि चोर रात 1:4 पर उनकी बिल्डिंग में घुसा और 2:30 बजे के आसपास वहां से भाग खड़ा हुआ लेकिन हमले के कारण सैफ अली खान बुरी तरह से घायल हो गए थे उस वक्त ऑटो ड्राइवर भजन सिंह ने ही सैफ को लीलावती अस्पताल पहुंचाया था अब जब सेफ ठीक है तो उन्होंने ऑटो ड्राइवर भजन सिंह से मुलाकात की जो उनके एहसानमंद स्वभाव का परिचय है.

Post Comment

You May Have Missed