ईरान का खौफ या फिर दबदबा…ट्रंप क्यों करने लगे तारीफ?..

iran and trump

दोस्तों, ईरान ने भारत के लोगों को धन्यवाद कहा है। थैंक यू कहा है। इसके अलावा ईरान ने जय हिंद भी कहा है। क्यों कहा है यह आपको थोड़ी देर में पता चल जाएगा। दोस्तों, जब से ही ईरान और इजराइल के बीच में जंग चल रही थी, तो ईरान में करीब 10,000 भारतीय फंसे थे। और ईरान ने सिर्फ और सिर्फ भारतीय लोगों के लिए अपना एयर स्पेस खोला था। ताकि जो इंडिया का प्लेन है वो वहां पर जाके अपने लोगों को वहां से निकाल सके। सिर्फ और सिर्फ इंडिया के लिए यह बात ईरान ने की थी। और अब जब जंग खत्म हो चुकी है और ईरान ने पूरी तरह से अपने आप को अपने आप की अपनी जीत का,

ऐलान किया है। ईरान की तरफ से जीत का ऐलान किया गया। इसके बाद ईरान की जो एंबेसी दिल्ली में है उनकी तरफ से एक स्टेटमेंट जारी किया गया और इस स्टेटमेंट में ही जय हिंद भी कहा गया है। क्या है वो स्टेटमेंट? पहले हम आपको बताते हैं। दरअसल ये स्टेटमेंट इंग्लिश में जो ईरान की एंबेसी है ईरान इन इंडिया करके उनका Twitter अकाउंट है उसकी तरफ से किया गया। इसमें लिखा गया कि जायनी शासन और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा सैन्य आक्रमण के सामने ईरानी राष्ट्र की जीत के मौके पर नई दिल्ली में इस्लामी गणराज्य ईरान का दूतावास भारत के सभी महान और स्वतंत्रता,

प्रेमी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है। जिसमें सम्मानित नागरिक, राजनीतिक दल, संसद के माननीय सदस्य, गैर सरकारी संगठन, धार्मिक और आध्यात्मिक नेता, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, मीडिया के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और सभी व्यक्ति और संस्थान शामिल हैं। जिन्होंने हाल के दिनों में और कई तरीकों से ईरान के महान राष्ट्र के साथ दृढ़ता और मुखरता से खड़े रहे हैं। इसके आगे वह लिखते हैं जब ईरानी लोग कब्ज़ा करने वाले जायनी शासन के क्रूर सैन्य हमले से घिरे उस समय एकजुटता, नैतिक समर्थन, सार्वजनिक बयान और शांति,

उन्मुख सभाओं और पहलों में सक्रिय भागीदारी के संदेश गहरे प्रोत्साहन का स्त्रोत रहे हैं। यह इशारे स्पष्ट रूप से राष्ट्रों की जागृत अंतरात्मा और न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस जबरदस्त आक्रमण के सामने ईरानी लोगों की दृढ़ता सिर्फ अपनी मातृभूमि और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा नहीं थी बल्कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर मानवीय सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत मानदंडों के गंभीर उल्लंघन के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक थी। ईरान के लोगों के साथ विश्व राष्ट्रों की एकजुटता सिर्फ एक,

राजनीतिक रुख नहीं है। यह न्याय, वैधता और वैश्विक शांति के लिए सार्वभौमिक मूल्यों की पुष्टि है। ईरान के इस्लामी गणराज्य ने लगातार अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को बनाए रखने और विस्तारवादी और आक्रामक नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रों की एकता और एकजुटता, युद्ध, हिंसा और अन्याय के खिलाफ एक शक्तिशाली ढाल के रूप में काम करती है। एक बार फिर हम भारत के महान राष्ट्र के लोगों और संस्थानों द्वारा दिखाए गए वास्तविक और अमूल्य समर्थन के लिए अपनी ईमानदारी से,

प्रशंसा करते हैं। निसंदेह यह एकजुटता हमारे देश दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक सभ्यतागत सभ्यतागत और मानवीय संबंधों में निहित है। शांति स्थिरता और वैश्विक न्याय के कारण को और मजबूत करेगी। जय ईरान जय हिंद। यह स्टेटमेंट ईरान की एंबेसी की तरफ से दिया गया जिसमें उन्होंने जय ईरान के साथ ही जय हिंद का नारा दिया है और इसके अलावा उन्होंने जो भारत के लोग हैं, भारत की सरकार है और भारत के जितने भी संस्थान हैं जिन्होंने ईरान के लिए आवाज उठाई, ईरान का समर्थन दिया उन सबको धन्यवाद कहा है अपने,

इस इतने बड़े स्टेटमेंट में। दोस्तों, जब से ही ईरान और इजराइल के बीच में युद्ध चल रहा था, तो भारत सरकार और फॉरेन मिनिस्ट्री लगातार ईरान के संपर्क में थी। ईरान से लगातार बातचीत कर रही थी। जब यूएस ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था। इसके बाद भी भारत की तरफ़ से बातचीत की गई थी। ईरान के जो टॉप लीडर्स हैं उनसे बातचीत की गई थी। इसके अलावा भी ईरान ने भारत के साथ दोस्ती निभाने की बात तब बताई थी जब देखा गया कि जिस तरह से ईरान ने सिर्फ और सिर्फ भारत के लोगों के लिए अपना एयर स्पेस खोला था और उनको जाने,

के लिए और भी तरह-तरह की चीजें प्रोवाइड की थी। इससे पहले जब एयर स्पेस नहीं खुला था तब भी उन्होंने रास्ते बताए थे कि किस तरह से जो भारत के लोग हैं वह बाय रोड जा सकते हैं। यही दिखाता है कि ईरान और भारत की दोस्ती कितनी गहरी है। उनका यह स्टेटमेंट यह दिखाता है कि वह भारत की दोस्ती को लेकर कितने ज्यादा अटेंटिव हैं, कितने ज्यादा खुश हैं और इस वजह से ही उन्होंने थैंक्स बोलते हुए जय हिंद की बात भी कही है.

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