फराह खान ने अपने कुक दिलीप के बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में भेजा..

farah khann

दिलीप के बच्चे घरों में काम ना करें, इसके लिए फरा खान ने एक बड़ा कदम उठाया है। फरा के इस कदम की खूब तारीफ हो रही है। बॉलीवुड कोरियोग्राफर और फिल्म मेकर फरा खान इन दिनों खूब लाइमलाइट में हैं। उन्होंने YouTube पर ब्लॉगिंग के जरिए एक नई जर्नी शुरू की है,

वह आए दिन बड़े-बड़े स्टार्स के घर जाकर उनकी पर्सनल लाइफ बताती हैं और उनकी फेवरेट रेसिपीज को लोगों के साथ शेयर करती हैं। फरा के इस काम में उनका साथ उनके कुक दिलीप देते हैं और अब दिलीप फराह से ज्यादा मशहूर हो चुके हैं। उनकी हाजिर जवाबी और भोलापन लोगों को,

खूब पसंद आता है। दिलीप ज्यादा पढ़ नहीं सके। गरीबी के चलते छोटी उम्र में उन्होंने काम करना शुरू किया और फिर कुक बन गए। लेकिन दिलीप के बच्चों को दूसरों के घरों में काम ना करना पड़े इसके लिए फरा ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने दिलीप के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उनका एडमिशन इंग्लिश मीडियम स्कूल में करवा दिया है,

यही नहीं उन्होंने दिलीप के एक बच्चे को कुकिंग का प्रोफेशनल डिप्लोमा भी करवाया है ताकि वह किसी अच्छे फाइव स्टार होटल या रेस्टोर में काम कर सके ना कि किसी के घर में खाना बनाने के लिए मजबूर हो। इस बात की जानकारी फरा ने अपने,

कुकिंग ब्लॉग में दी है। लेटेस्ट वीडियो में जब फरा टीवी एक्टर शालीन भनोट के घर पहुंची तब फरा ने शालीन की मां को बताया क्योंकि अभी हमारा शो चल रहा है तो इसके बच्चों को इंग्लिश मीडियम में डाल दिया है और एक बच्चे को कलनरी स्कूल में डिप्लोमा करवा दिया है ताकि उसे घरों में काम ना करना पड़े,

वो किसी अच्छे रेस्टोरेंट या बड़े होटल में जॉब कर पाए। फराहा दिलीप का बहुत ख्याल रखती हैं। दिलीप फरा के लिए कुक से बढ़कर हो चुके हैं। फराह की बदौलत दिलीप ने गांव में अपना तीन मंजिला घर भी बनवा लिया है। उनका परिवार बहुत खुश है,

क्योंकि फरा अब उन्हें मोटी सैलरी भी देती हैं। साथ ही वह YouTube से होने वाली कमाई का एक हिस्सा भी दिलीप के साथ शेयर करती हैं। फराह ने दिलीप का पासपोर्ट भी बनवा दिया है और जल्द ही वह दिलीप को लेकर विदेश जाने वाली हैं। फरह ने दिलीप को शाहरुख खान,

और कैरा आडवाणी के साथ एक ऐड भी दिलाया जो खूब वायरल हुआ था। फरह की वजह से दिलीप की लाइफ बदल चुकी है। वरना शायद वो एक कुक बनकर रह जाते और कभी अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में नहीं पढ़ा पाते। वेल फराह के इस कदम पर आपका क्या कहना है? अपनी राय हमें कमेंट में दीजिए.

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