अभिनव कश्यप ने सलमान के बाद शाहरुख को नहीं छोड़ा..

आपने खान फैमिली, खान्स के बारे में बहुत कुछ बोला। कभी अक्षय और अजय का आपने नाम नहीं लिया। अक्षय के साथ मैंने कभी काम ही नहीं किया, कभी मिला भी नहीं। अक्षय को मैंने एक अवार्ड सेरेमनी में दूर से देखा था। ही वास् परफॉर्मिंग ऑन द स्टेज। तो क्या ही बोलूं। जब मैं जानता नहीं किसी को तो मैं क्या बोलूं। मैं अक्षय को बतौर उसकी एक्टिंग के मतलब उसकी फिल्मों के माध्यम से जानता हूं,

जितना तो जितना पब्लिक जानती है उतना मैं भी जानता हूं। ही इज अ ओके एक्टर एंड मुझे ऐसा कोई खास पसंद भी नहीं है ना कोई खास उससे चिढ़ है। आई थिंक ही हैज़ डन सम गुड फिल्म्स। ही हैज़ डन सम बैड फिल्म्स। एफर्ट तो करता है पर जितना इंडस्ट्री से सुना है मैंने एक चीज तो है अक्षय डिसिप्लिन बहुत है। और सेट पे बड़ा टाइम से आता है। अनलाइक मेनी अदर्स। और मेहनत तो करता है। अब एंड रिजल्ट अकेले एक एक्टर के हाथ में तो होता नहीं। वो तो पूरी टीम की एक मिलीजुली मेहनत होती है,

तो अक्षय के बारे में इससे ज्यादा मैं कुछ बोल नहीं सकता। अजय अजय के साथ मैंने एक फिल्म की है बतौर असिस्टेंट जब मैं मणि रत्नम का असिस्टेंट था तो युवा में अजय देवगन थे और इनफैक्ट उस फिल्म में बतौर असिस्टेंट मुझे एक्टिंग करने को भी कहा गया तो अजय देवगन के पीछे कई सीन में मैंने एक्टिंग भी करी है मेरे प्रति अजय का बिहेवियर बहुत अच्छा था बहुत नॉर्मल था एंड मैं स्क्रिप्ट असिस्टेंट था तो स्क्रिप्ट पे भी उनसे काफी इंटरेक्ट करता था और बतौर एक्टर भी उनसे इंटरेक्ट करता था। तो अजय वाज़ फाइन विथ मी। उसके बाद में मतलब मिला नहीं,

उनसे और दबंग के बाद एक बार एक फ्लाइट में हम दोनों थे तो हेलो हाय हुआ। इतना ही इंटरेक्शन है। तो देखो मैंने ना आपके पॉडकास्ट में ज्यादातर अपने निजी एक्सपीरियंसेस के बारे में बात किया है। तो जिनके बारे में जिन्होंने मेरा कुछ गलत किया नहीं कि मैं उनके बारे में क्यों कुछ अच्छा या खराब बोलूं?मतलब कुछ अच्छा होगा, किसी ने अच्छा किया होगा तो जरूर बोलूंगा। क्रेडिट देने में मैं बिलीव करता हूं। पर जब जिन्होंने खराब नहीं बोला तो कुछ लोग होंगे जो खराब बोलते होंगे किसी के बारे में। पर सुनी-सुनाई बात पे मैं रिएक्ट नहीं करता,

एक जो नैरेटिव शाहरुख खान ने अपने पिछले कई शोज़ में बोला है कि आई एम द लास्ट सुपरस्टार। आपको नहीं लगता आने वाली जनरेशन के लिए वो ये गलत नैरेटिव दे रहे हैं कि क्या आने वाले जनरेशन के एक्टर्स वो एक्टर्स ही कहलाएंगे। वो सुपरस्टार बनने का हक नहीं रखते हैं। यार, आई एम नॉट कंफर्टेबल वि द वर्ड सुपरस्टार एट ऑल। मैं पिछले पॉडकास्ट में बोला था मैं तारा जानता हूं। तारा तो आसमान में होता है। आई डोंट थिंक शाहरुख इज अ सुपरस्टार आल्सो। ये सब इन बातों को सीरियसली मत लिया करो। ये सब मीडिया से खिलवाड़ करने के वर्ड्स होते हैं। ओ आई एम द सुपरस्टार रही है,

वो बतौर एक्टर शाहरुख खान ने भी कुछ अच्छा काम किया है। कुछ बुरा काम किया है। अच्छी और बुरी सक्सेसफुल और अनसक्सेसफुल फिल्में की हैं। पर शाहरुख खान कोई पहले एक्टर नहीं है। शाहरुख खान के पहले भी बहुत अच्छे-अच्छे एक्टर रहे हैं और शाहरुख खान के बाद भी बहुत अच्छे एक्टर रहेंगे। तो ये एक्टर्स आएंगे और जाएंगे। नाटक नाट्यशास्त्र यहां पे रचा गया था। तो यहां नाटक तो चलते रहते हैं। ये सब पैसे से ये मीडिया के ने शुरू किया है कि जिसने पैसा ज्यादा कमा लिया वो बड़ा सुपरस्टार। मैं किसी भी इंसान का आकलन उसके कमाए धन से नहीं करता,

मैं उसके आचरण से करता हूं। उसके चरित्र से करता हूं। तो मेरे बहुत अच्छे-अच्छे दोस्त हैं। जिनका चरित्र बहुत अच्छा है। आचरण बहुत अच्छा है। बिहेवियर द वे दे ट्रीट मी। दैट्स हाउ आई फील यू नो फॉर मी दे आर द ट्रू सुपरस्टार्स फॉर मी पीपल हु डू गुड लाइक आवर प्राइम मिनिस्टर लाइक योगी आदित्यनाथ जी दे दे आर द पीपल हु है हु मेड द डिफरेंस टू सोसाइटी एज अ होल दे आर सुपरस्टार्स मेरे लिए शाहरुख खान सलमान खान कोई सुपरस्टार नहीं है ये लोग एक्टर हैं इन्होंने थोड़े पैसे कमा लिए हैं और पैसे कमाने के लिए इन्होंने क्या-क्या काम किए हैं पान मसाले ाले बेचे हैं और शादियों में नाचे हैं,

ये तो वो उनको मुबारक। उनको पैसे चाहिए करें जो करना है करें। मैं कम में खुश हूं। शाहरुख की फिल्मों ने 1000 करोड़ कमाए और तब एक यह भी मुद्दा उठा कि इंडस्ट्री में कई सुपरस्टार्स अपना पावर यूज़ करके कॉपर कॉर्पोरेट बुकिंग करवाते हैं। इसके बारे में क्या कहना चाहेंगे?
मुझे नहीं मालूम शाहरुख की फिल्म ने क्या कमाया, क्या नहीं कमाया। कॉर्पोरेट बुकिंग यह आजकल मुझे भी सुनने में बहुत आ रहा है। तो मेरा कोई फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस तो है नहीं पर मैंने बहुत लोगों से बहुत पडकास्ट में इस पे प्रतिक्रिया सुनी है। खासकर ट्रेड वाले लोग बताते हैं जिसमें कॉर्पोरेट्स बल्क में बुक करते हैं। उससे मुझे दिक्कत नहीं है। भाई बल्क में आप बुक करो। पैसा कोई भी दे भाई। लेकिन उस सीट पर देखेगा तो एक इंसान ही बैठ के ना कोई देख रहा है फिल्म और उसको पसंद आ रही है मुझे उससे मतलब है बुकिंग किसने कराई पैसे किसने दिए और मीडिया जो है फॉर सम रीज़न ट्रेड और मीडिया ये लोग नंबर्स से ऑब्सेस्ड हैं,

किस फिल्म इंडस्ट्री का ग्रॉस कलेक्शन क्या हुआ? किस फिल्म इंडस्ट्री का नेट कलेक्शन क्या हुआ? और जिसका कलेक्शन ज्यादा हुआ वो ज्यादा अच्छी फिल्म थी। यार ये ना बिजनेस वालों के मापदंड होते हैं। जिनको सिर्फ पैसे से मतलब है, धंधे से मतलब है उनके मापदंड है। मैं एक आर्टिस्ट हूं। बतौर कलाकार मेरी फिल्म YouTube पे रिलीज हो जाए। एस लॉन्ग एज लोग देख रहे हो। मेरे तो पॉडकास्ट बहुत लोग देख रहे हैं। मैं तो खुश हूं। मेरे लिए अल्टीमेट वैलिडेशन तो यही है कि मुझे पता था कि मैं सच बोल रहा हूं। पर आपके पडकास्ट के नीचे कमेंट्स पढ़े मैंने तमाम और हजारों दसों हजार कमेंट्स हैं और लोग कह रहे हैं कि मैं सच बोल रहा हूं.

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