मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने गुजारा भत्ता राशि बढ़ाने का मामला अपडेट किया..
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। लेकिन मैदान के बाहर उनकी पर्सनल लाइफ उतनी सुलझी हुई नहीं है जितनी उनकी प्रोफेशनल लाइफ। आपको बता दें कि शमी काफी समय से अपनी एक्स वाइफ हसीन जहां के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं,
इस कपल की एक बेटी भी है। अब खबरें हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। दरअसल शमी की एक्स वाइफ हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने मासिक भरण पोषण यानी कि मेंटेनेंस की राशि बढ़ाने की मांग की है,
जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी साल 2025 में कोलकाता हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि मोहम्मद शमी हर महीने अपनी पत्नी हसीन जहां को ₹1.5 लाख और बेटी को ₹.5 लाख दें। यानी कुल मिलाकर ₹4 लाख हर महीने। लेकिन अब हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है और कहा कि यह राशि शमी की कमाई और लाइफस्ट के हिसाब से बेहद कम है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हसीन जहां से सवाल किया क्या ₹4 लाख प्रति महीना पहले से ही बहुत ज्यादा रकम नहीं है,
हालांकि इसके बाद कोर्ट ने श्रमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। अब दोनों को 4 हफ्ते के भीतर जवाब देना होगा और अगली सुनवाई दिसंबर 2025 में होगी। आपको बता दें कि हसीन जहां के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मोहम्मद शमी की एट प्रेजेंट कमाई इस आदेश में बताई गई राशि से कहीं ज्यादा है। वहीं वकील की मानें तो शमी के पास सैकड़ों करोड़ों की संपत्ति है। वह लग्जरी कारें चलाते हैं। अक्सर विदेश यात्रा करते हैं,
और शानदार लाइफस्ट जीते हैं। ऐसे में भरण पोषण की राशि बढ़ाई जानी चाहिए। आपको बता दें कि शमी ने 2014 में हसीन जहां से शादी की थी, लेकिन दोनों 2018 में अलग हो गए। अब यह मामला फिर से चर्चा में है और हर किसी के मन में सवाल है कि क्या हसीन जहां की यह नई मांग जायज है? आपका क्या विचार है? हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा.



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