तीन सुपरस्टारों ने मिलकर इनकी और उनकी बहन की जिंदगी तबाह कर दी..

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कुछ पल की खुशी के बाद दर्द और तकलीफ के बादल गरजने लगे तो इंसान ऐसे तैसे खुद ही संभल लेता है लेकिन उठकर खड़े होने का मौका ही ना मिले तो उस आंधी में इंसान गुमशुदा हो जाता है आज हम ऐसी ही अभिनेत्री की कहानी लेकर आए हैं जिसका पूरा जीवन परेशानियों की आंधी में बह गया ना उन्हें अपनों का प्यार मिला,

और ना ही उनकी कभी शादी हो पाई रहीसी में जन्म होने के बावजूद आज वह अभिनेत्री दाने ने की मोहताज है अगर उनकी छोटी बहन ना होती तो आज वह अभिनेत्री जिंदा भी नहीं होती जी हां दोस्तों हम मशहूर अदाकारा और बहुत ही खूबसूरत अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित के बारे में बात कर रहे हैं.

सुलक्षणा पंडित की कहानी की शुरुआत हम उनकी ही छोटी बहन संध्या पंडित की कहानी के साथ शुरू करने जा रहे हैं सुलक्षणा पंडित का परिवार कितना बदकिस्मत है यह जानना हो तो आपको संध्या पंडित की दर्द भरी दास्ता सुननी पड़ेगी संध्या अपने विवाहित जीवन में बड़ी खुश थी.

लेकिन 2012 के साल में उनके लापता होने की खबर सामने आई तो पंडित परिवार सदमे में चला गया पहले ही दिन से मजली बहन विजेता पंडित ने संध्या के लापता होने की बात बड़ी बहन सुलक्षणा से छुपा कर रखी ढेर सारे दिन गुजर जाने के बाद भी विजेता पंडित अपनी छोटी बहन का इंतजार करती रही वह और उनके दो भाई जतिन ललित प्रतिदिन संध्या की तलाश में घर से बाहर निकलते थे आखिरकार विजेता को संध्या की खबर मिल ही गई.

लेकिन इस बार संध्या की मौजूदगी के सबूत के तौर पर के टुकड़े मिलने लगे संध्या जिस घर में रहती थी उस घर के अगल-बगल वाली जगह की खुदाई हुई तो बहुत सारे कंकाल बाहर निकलने लगे बाद में रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि वोह कंकाल खुद संध्या के हैं पिछले 30 साल से पंडित परिवार के सर पर दुख और आपदाओं के बादल मंडरा ही रहे थे,

और उनमें इतनी शक्ति नहीं बची थी कि वे इस दुख को भी बचा सके खासकर खुद सुलक्षणा भी इस हालत में नहीं थी मछली बहन विजेता पंडित ने इस बार भी दुख और कष्ट का जहर निकल लिया और इस बात को 12 साल होने को आ रहे हैं और आज भी सुलक्षणा को लगता है कि उनकी प्यारी छोटी बहन जिंदा है.

मुंबई के तहत जांच पड़ताल हुई तो पता चला कि संध्या की हत्या के पीछे संध्या के ही बेटे रघुवीर सिंह का हाथ है दरअसल यह मामला पैसा और प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ था नवी मुंबई वाले इलाके में राक्षस के रघुवीर सिंह और उनके दोस्तों ने मिलकर अपनी ही मां संध्या की हत्या को अंजाम दिया था शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके को अलग-अलग जगह में गाड़ करर रघुवीर सिंह ने बड़ी धूर्तता से खुद को बचाने का प्लान बनाकर रखा था लेकिन के अफसरों को रघुवीर और उसके दोस्तों के खिलाफ सबूत मिल गए और थाने कोर्ट में चार्जशीट जारी हो गई.

लेकिन कुछ समय जेल की हवा खाने के बाद रघुवीर को जमानत मिल गई दरअसल जज के सामने क्राइम ब्रांच कोई ठोस सबूत पे पेश कर नहीं पाई खैर विजेता पंडित का कहना है कि अगर सुलक्षणा को यह बात पता चल जाएगी तो वह भी मर जाएंगी जब भी सुलक्षणा अपनी छोटी बहन संध्या के बारे में सवाल पूछती है तो विजेता यह बताती है कि वह इंदौर में अपने परिवार के साथ खुशी से जी रही हैं आपके दिमाग में सवाल आया होगा.

क्या सुलक्षणा इतनी नादान है कि वह अपनी बहन की बातों पर विश्वास कर लेती हैं इस सवाल का जवाब है हां असलियत में सुलक्षणा पिछले दो दशकों से शारीरिक बीमारियों से पीड़ित है उनकी हालत देखकर मन को कष्ट होता है यह वही महिला है जिसने जवाने में स्टारडम देखा था यह वही महिला है जिसे बतौर हीरोइन और गायिका बहुत बड़ी सफलता मिली थी. वही महिला है जिसे भगवान ने खूबसूरत चेहरा दिया था यह वही महिला है,

जिसने संजीव कुमार से बेइंतहा मोहब्बत की थी लेकिन इस मोहब्बत के बदले में उन्हें दुख के अलावा कुछ नहीं मिला सुलक्षणा पंडित की जिंदगी के कैनवास पर चित्रकार ने सिर्फ काले रंग की तस्वीर बनाई बहते नदी को भी एक मुकाम नसीब होता है लेकिन सुलक्षणा पंडित की जिंदगी दर्द की वह मिसाल है जिसके नसीब की किताब में सुख नाम का शब्द ही नहीं था हमारी माने तो आपको भी यकीन कर लेना चाहिए कि सुलक्षणा मानसिक स्तर पर बिल्कुल ठीक-ठाक है.

दरअसल 2017 में आरजे विजय अकेला को उन्होंने इंटरव्यू दिया था उस इंटरव्यू में सुलक्षणा की बात सुनकर आपका भ्रम बिल्कुल टूट जाएगा अभी किसी ने खबर उड़ाई थी कि मेरा मेंटल सेंटल कुछ बिगड़ सा गया है तो उन्होंने बोला कि सुलक्षणा जी हम तो आपसे बात करते हैं मिलते हैं हमको तो कुछ ऐसा लगता नहीं है ऐसा लोगों ने क्यों उड़ाया मेरे हर सवाल का आप इतने अच्छे तरीके से जवाब दे रही हैं कौन ऐसी बातें उड़ा रहा है कि आपका मानसिक संतुलन अच्छा नहीं है आप तो एवन लग रही है देखिए मेरे ही अपने रिश्तेदार हैं जी ने ही लोग है जिन्होंने यह खबर उड़ाई है अब हकीकत तो सामने आ ही जाती है. मैं आपके सामने बैठी हूं आपको कुछ ऐसा महसूस हो रहा है,

जी नहीं नहीं आप बिल्कुल एवन लग रही है जैसा कि मैंने आपसे अभी अर्ज किया थैंक लेकिन इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जीवन में आए उतार चढ़ाव में उनका जीवन बर्बाद हो चुका है और जो कुछ उम्मीद बाकी है वह भी विजेता के प्रयास के बल पर टिकी हुई है इस बात के लिए विजेता तारीफ के काबिल है उन्होंने छोटी बहन होते हुए भी मां का किरदार निभाकर सुलक्षणा का जीवन फैलाया फुलाया है खैर अब सुलक्षणा पंडित की किताब के सबसे प्रकाशम पन्ने पर नजर डालते हैं सुलक्षणा की पहली फिल्म थी उलझन 1975 में रिलीज हुई इस फिल्म में उनके हीरो थे संजीव कुमार उन्हें देखकर सुलक्षणा प्यार के सागर में डूब गई लेकिन उस वक्त संजीव कुमार ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के दीवाने थे ऐसे में सुलक्षणा की प्रेम कहानी आगे बढ़ नहीं पाई फिर भी संजीव कुमार ने इस रिश्ते को दोस्ती का नाम दिया.

आपको तो पता है कि संजीव कुमार शराब के शौ शौकीन थे वे अक्सर फिल्म सेट पर शराब पीकर आते थे और नशे की हालत में भी सिंगल टेक के साथ फाइनल शॉट दे देते थे इसके अलावा संजीव कुमार भली भाति जानते थे कि कौन सी हीरोइन उनसे मोहब्बत करने लगी है इसलिए वे अक्सर अपने चाहने वाली अभिनेत्रियों को नंबरों में गिनते थे उन्हें करीब से जानने वाले लोगों को पता है कि सुलक्षणा उनके पहले क्रमांक की गर्लफ्रेंड हुआ करती थी इस रिश्ते के मद्देनजर वे उनके लिए सेट पर टिफिन बॉक्स भी भेजती थी दूसरी तरफ हेमा मालिनी चाहकर भी संजीव कुमार को अपना नहीं सकती थी,

क्योंकि वह जानती थी कि संजीव कुमार ऐसी बीवी चाहते थे. जो उनका घर संभाल पाए और साथ में बूढ़ी मां की सेवा भी करें इसलिए हेमा मालनी ने संजीव कुमार का रिश्ता ठुकरा दिया ऐसे में खफा होकर संजीव कुमार ने आजीवन कुवारे रहने का बड़ा फैसला लिया क्योंकि सुलक्षणा के मन में भी उनके लिए गहरा प्यार था इसलिए उन्होंने भी शादी ना करने का फैसला लिया दूसरी तरफ हेमा मालनी ने धर्मेंद्र से शादी कर ली और संजीव तथा सुलक्षणा कुवारे रह गए अपने जीवन में मात्र 30 फिल्मों में अभिनय करने वाले सुलक्षणा पंडित को बड़ी अभिनेत्री बनने के खूब मौके मिले थे.

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