बिल्डिंग गिराना पड़े तो गिरा दो, एक भी आ!’तं!’की जिन्दा नहीं निकलना चाहिए – रतन टाटा

ratan tata say this

ताज होटल पर आ*तंकी ह*मले के वक्त टाटा की सोच ने पूरे देश को झ’कझो’र दिया। 26/11 की उस भ’यावह रात जब मुंबई द*हल रही थी, तब रतन टाटा के लिए सबसे कीमती चीज़ होटल या मुनाफ़ा नहीं, बल्कि इंसानी ज़िंदगियाँ थीं। बताया जाता है कि उन्होंने साफ कहा— “अगर ज़रूरत पड़े तो पूरी बिल्डिंग … Read more