ज़ुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार में लाखों की भीड़ जुटी गुवाहाटी में..
मेरे दो-चार ख्वाब हैं जिन्हें मैं आसमान से दूर चाहता हूं। जिंदगी चाहे गुमनाम रहे लेकिन मौत…
मेरे दो-चार ख्वाब हैं जिन्हें मैं आसमान से दूर चाहता हूं। जिंदगी चाहे गुमनाम रहे लेकिन मौत…