इन 5 स्टार किड्स को फ़िल्मों में कामयाबी नहीं मिली, लेकिन आज ये फ़िल्मों से बाहर करोड़ों कमाते हैं..
बॉलीवुड में स्टार किड्स को एंट्री तो आराम से मिल जाती है लेकिन सफलता इतनी आसानी से नहीं मिलती। वहां टैलेंट और मेहनत लगती है। कई स्टार किड्स भव्य ल्च के बावजूद कामयाब नहीं हो पाए। वक्त की आंधी में हो गए लेकिन कुछ स्टार किड्स ऐसे जरूर रहे जिन्होंने वक्त रहते हालात को पहचाना और अपनी राह बदल ली। वो फिल्मों में भले ही नाकाम रहे लेकिन बिजनेस में जबरदस्त कामयाबी हासिल की,
आज हम बात करेंगे ऐसे ही पांच स्टार किड्स की जिनका फिल्मी करियर तो डूब गया लेकिन बिजनेस वर्ल्ड में उन्होंने करोड़ों की कंपनियां संभाली और अपनी अलग पहचान बनाई। राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल खन्ना ने 1995 में बॉबी देओल के साथ बरसात से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस रोमांटिक फिल्म ने उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट डेब्यू अवार्ड भी दिलाया। उनकी शुरुआत शानदार थी,
लेकिन उसके बाद का करियर उतना सफल नहीं रहा। हालांकि उन्हें मौके बहुत मिले। 90ज में तीनों खानों के समेत उनके सारे बड़े स्टार्स के साथ फिल्में आई। सलमान खान के साथ जब प्यार किसी से होता है। आमिर खान के साथ मेला, शाहरुख खान के साथ बादशाह और अक्षय कुमार के साथ इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसी फिल्में उन्होंने की। हालांकि उनकी ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औसत या फ्लॉप रहीं। क्रिटिक्स ने उनकी एक्टिंग को लेकर मिक्स्ड रिव्युज़ दिए,
2001 में अक्षय कुमार से शादी के बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला किया। फिल्मों से सन्यास लेने के बाद ट्विंकल ने इंटीरियर डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रखा। 2002 में उन्होंने द वाइट विंडो नाम से एक इंटीरियर डिज़ स्टोर शुरू किया जो मुंबई में चलता है। लेकिन उनकी असली पहचान बनी लेखिका के रूप में। 2015 में उनकी पहली किताब मिसेज फनी बोनस आई जिसकी 1 लाख से ज्यादा कॉपीज बिकी और जिसने उन्हें 2015 की इंडिया की हाईएस्ट सेलिंग फीमेल राइटर बना दिया,
उन्होंने 2016 में द लेजेंड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद और 2018 में पायजामाज़ आ फ गेमिंग जैसी किताबें लिखी जो सभी बेस्ट सेलर रही। टिंकल आज एक सफल ऑथर, कॉलमिस्ट, फिल्म प्रोड्यूसर और बिजनेस वुमेन है। उन्होंने मिज फनी बों्स मूवीस नाम से एक प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया जिसने पैडमैन जैसी सोशली रेलेवेंट फिल्म बनाई। वो टाइम्स ऑफ इंडिया और डीएनए के लिए रेगुलर कॉलम लिखती रही हैं,
उनकी नेटवर्थ करोड़ों में है और वह साबित करती हैं कि फिल्मों के बाहर भी एक शानदार करियर बनाया जा सकता है। [संगीत] प्रोड्यूसर वासु भगनानी के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में कल किसने देखा से बॉलीवुड में एंट्री की? ली स्टार्स बग्स थिएटर एंड फिल्म इंस्टट्यूट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने अपने पिता के बैनर पूजा एंटरटेनमेंट के तहत अपना डेब्यू किया। लेकिन एक्टर के रूप में उनका सफर बेहद निराशाजनक रहा,
कल किसने देखा को नेगेटिव रिव्यूज मिले और यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। उसके बाद आई अजब गजब लव रंग रेज यंग वेलकम टू कराची। और मित्रों सभी बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर रही। सिर्फ फालतू थोड़ी बहुत चली। जैकी की एक्टिंग और फिल्म चॉइससेस को लेकर हमेशा सवाल उठे। जब एक्टिंग करियर नहीं चला तो जैकी ने प्रोडक्शन की तरफ रुख किया। उन्होंने सरजीत नाम की फिल्म प्रोड्यूस की जो क्रिटिकली अक्लेम्ड रही,
इसके बाद उन्होंने जवानी जानेमन, कुली नंबर वन, बेल बॉटम, कठपुतली, मिशन रानी, गणपत और बड़े मियां, छोटे मियां जैसी फिल्में प्रोड्यूस की। हालांकि इनमें से ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रही जिससे पूजा एंटरटेनमेंट को भारी नुकसान हुआ। 2016 में उन्होंने अपना म्यूजिक लेवल जस्ट म्यूजिक भी ल्च किया। 204 में बड़े मियां छोटे मियां फ्लॉप होने के बाद पूजा एंटरटेनमेंट को गंभीर फाइनेंसियल क्राइसिस का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें 250 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए मुंबई का सात मंजिला ऑफिस भी बेचना पड़ा,
कई क्रू मेंबर्स को 2 सालों तक फीस नहीं मिली। अक्षय कुमार और टाइगर शॉप ने भी लीगल नोटिस भेजा। जैकी ने फरवरी 2024 में एक्ट्रेस रकुलप्रीत सिंह से शादी की। फाइनेंसियल सेटबैक के बावजूद वो अपनी प्रोडक्शन कंपनी और म्यूजिक लेवल को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल यह खबर है कि उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस को मुसीबत से उबारने में कामयाबी हासिल कर ली है,
यश चोपड़ा के छोटे बेटे उदय चोपड़ा ने 2000 में शाहरुख खान की मोहब्बत से बॉलीवुड में डेब्यू किया। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया। लेकिन उदय के एक्टिंग करियर को इसका कोई फायदा नहीं हुआ। मोहब्बतें के बाद उदय ने मेरे यार की शादी है। सुपारी, नील एंड निक्की और प्यार इंपॉसिबल जैसी फिल्में की जो सभी फ्लॉप रही। सिर्फ धूम फ्रेंचाइज में अली के सपोर्टिंग रोल के लिए ही उन्हें याद किया जाता है,
वो भी कॉमेडी रिलीफ के तौर पर। यशराज फिल्म्स के तमाम रिसोर्सेज के बावजूद उदय कभी भी एक सक्सेसफुल लीड एक्टर नहीं बन पाए। 2013 के बाद उन्होंने एक्टिंग पूरी तरह छोड़ दी। अपना फोकस फिल्म प्रोडक्शन और बिजनेस की तरफ शिफ्ट किया। 2011 में उन्होंने यशराज फिल्म्स का हॉलीवुड सब्सिडियरी वफ एंटरटेनमेंट ल्च किया और इसके सीईओ बने। बेवरली हिल्स कैलिफोर्निया में बेस्ड यह कंपनी इंटरनेशनल कंटेंट प्रोड्यूस करती है,
उन्होंने ग्रेस ऑफ मोनाको और द लॉन्गेस्ट वीक जैसी फिल्में प्रोड्यूस की। 2012 में उन्होंने योमिक्स नाम का एक कॉमिक बुक इंप्रिंट भी शुरू किया जो बॉलीवुड फिल्मों को इलस्ट्रेटेड सीरीज में अडॉप्ट करता था। उदय चोपड़ा का यशराज फिल्म्स में भी स्टेक है। इसके अलावा वो रियलस्टेट इन्वेस्टमेंट्स के कारोबार में भी हैं और टेक्स स्टार्टअप्स में इन्वेस्टमेंट्स भी उनकी इनकम के सोर्स है। उदय आज वफ एंटरटेनमेंट के सीईओ हैं और यशराज फिल्म्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी हैं.



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