अभिनेत्री सौंदर्या अमिताभ की फिल्म सूर्यवंशम की सह-कलाकार की विमान दुर्घटना में मौत..

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अगर आज वह जिंदा होती तो शायद फिल्म इंडस्ट्री की सबसे कामयाब एक्ट्रेस होती जिसकी खूबसूरती पर सारा जमाना फिदा था। जिसके कदमों के नीचे लोग फूलों की सेज बिछा देते थे। जिसकी एक झलक पाने के लिए लाखों लोग इंतजार किया करते थे। जिसके आगे बड़े-बड़े हीरो भी फेल हो जाते थे,

महज 31 साल की उम्र में उस एक्ट्रेस ने अपनी जान गवा दी। एयरक्राफ्ट क्रैश में मारी गई एक्ट्रेस सौंदर्य की लाश तक उनके घर वालों को नसीब नहीं हुई। जिस वक्त सौंदर्या की जान गई उस वक्त उनके पेट में एक नन्ही सी जान भी पल रही थी। आज अचानक सौंदर्या की बात इसलिए हुई क्योंकि पिछले दिनों अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश में 270 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई,

इस हादसे में मरने वालों के शव का ऐसा हाल हुआ कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया। डीएनए का मिलान कर शवों की पहचान हो सकी। इस हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। ठीक ऐसा ही 19 साल पहले एक्ट्रेस सौंदर्या के साथ हुआ था। परिवार को उनके अंतिम संस्कार के लिए उनकी लाश तक नसीब नहीं हो पाई। सौंदर्या वो एक्ट्रेस थी जिनकी साउथ से लेकर बॉलीवुड तक में तूती बोलती थी। उस दौर के हर हीरो की सिर्फ एक इच्छा थी सौंदर्या के साथ काम करना। अमिताभ बच्चन से लेकर रजनीकांत जैसे बड़े-बड़े सुपरस्टार्स ने उनके साथ काम किया,

सौंदर्या डॉक्टर बनना चाहती थी। लेकिन एमबीबीएस में दाखिला लेते ही उनके पास फिल्मों के ऑफर आने लगे और फिर उन्होंने कन्नड़ फिल्म प्रियांंशु से एक्टिंग में डेब्यू किया। जिसने भी सौंदर्या को पहली बार पर्दे पर देखा वो अपना दिल हार गया। सौंदर्य के पास फिल्मों की लाइन लग गई। छोटे से करियर में सौंदर्या ने नौ बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड जीता। इससे आप उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा लगा सकते हैं,

साल 2003 में सौंदर्या ने एक इंजीनियर से शादी कर ली और शादी के 1 साल बाद 2004 में सौंदर्या ने राजनीति में कदम रखा। वो भारतीय जनता पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी में शामिल हो गई। करीम नगर में होने वाली एक पॉलिटिकल रैली के लिए सौंदर्या अपने भाई अमरनाथ के साथ सुबह फ्लाइट से निकली। 17 अप्रैल साल 2004 को सौंदर्या ने बेंगलुरु के करीम नगर से जाने वाले फोर सीटर प्राइवेट एयरक्राफ्ट 180 ली,

फ्लाइट ने सुबह 11:05 पर बेंगलुरु के चक्कूर एयर फील्ड से उड़ान भरी। लेकिन 100 फीट ऊपर जाते ही फ्लाइट ने आग पकड़ ली। पूरा विमान जल गया और तेजी से जमीन पर नीचे गिरा। यह फ्लाइट बेंगलुरु के गांधी कृषि विज्ञान केंद्र के कैंपस में गिरी। कैंपस में एक्सपेरिमेंट कर रहे चंद लोग इस बात के गवाह बने। वह एयरक्राफ्ट में बैठे लोगों की मदद करने के लिए पहुंचे,

लेकिन प्लेन पूरी तरह से जल चुका था और उसमें बैठा हर पैसेंजर भी जला हुआ था। फोर सीटर एयरक्राफ्ट में सौंदर्य के अलावा उनके भाई अमरनाथ, हिंदू जागरण समिति के सेक्रेटरी रमेश और पायलट जय फिलिप मौजूद थे। सौंदर्य की लाश तक उनके घर वालों को नसीब नहीं हुई। सब कुछ पूरी तरह से जल चुका था। उस दिन सौंदर्य की मौत पर उनका हर चाहने वाला रोया था.

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