एन्ड वक्त पर क्यों बदल दिया गया पायलट? फिर से हूवा चौंकानेवाला खुलासा..

28 जनवरी को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बारामती में प्लेन क्रैश हुआ था। इस हादसे में डिप्टी सीएम समेत प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी। प्लेन के पायलट एंड कमांड सुमित कपूर ने भी इस हादसे में जान गवा दी थी। लेकिन अब उनके दोस्त की ओर से खुलासा किया गया। जिसके मुताबिक सुमित कपूर तो उस प्लेन के पायलट ही नहीं थे। जिसमें अजित पवार सवार थे। सुमित की जगह उस दिन प्लेन का जो मेन पायलट था उस वो किसी और को होना था। उस दिन प्लेन की जिम्मेदारी किसी और को संभालनी थी।

जिस पायलट को प्लेन उड़ाना था वो पायलट जाम में फंस गए थे। जिसके बाद सुमित को प्लेन ऑपरेट करना पड़ा। एनडीटी की रिपोर्ट के मुताबिक सुमित के दोस्तों ने बताया कि सुमित को तो अचानक ही अजीत पवार का प्लेन ऑपरेट करने का आदेश आया था क्योंकि जो उसके पायलट होने थे, वह जाम में फंसे थे। सुमित के दोस्तों ने प्लेन क्रैश हादसे की जांच की मांग की है। दोस्तों का आरोप है कि प्लेन क्रैश तकनीकी खराबी की वजह से हुआ है।

इसकी सही से जांच होनी चाहिए। एक दोस्त ने कहा कि कपूर को प्लेन उड़ाने का बहुत अनुभव था। उनके गलती करने की संभावना ना के बराबर थी। अजीत पवार के प्लेन की कमान कैप्टन सुमित कपूर ही संभाल रहे थे। सुमित वीआरएस वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ जुड़े हुए थे। कई सालों से एिएशन सेक्टर में एक्टिव सुमित को 16,500 घंटे से ज्यादा फ्लाइट उड़ाने का अनुभव था। कैप्टन सुमित कपूर इससे पहले कई हाई प्रोफाइल पैसेंजर्स के लिए फ्लाइट ऑपरेट कर चुके थे। अगर सुमित के फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो पायलट सुमित कपूर दिल्ली के रहने वाले थे।

उनका परिवार राजौरी गार्डन के एम ब्लॉक में रहता है। उनके बेटे और दामाद भी पायलट हैं। उनके पड़ोसी ने क्या बताया वो सुनिए। सुमित जी बहुत ही अच्छे आदमी थे। हमारे मोहल्ले में सबके साथ मिलना जुलना हमारी एसोसिएशन के भी एक्टिव मेंबर भी रहे हैं। ऑफिस बर भी रहे हैं और बहुत अच्छे घर में 101 दिन पहले ऐसी मतलब मुलाकात होती थी सड़क पे चलते हुई थी। सब ठीक-ठाक हां सब ठीक-ठाक कौन-कौन पायलट?

उनके उनकी वाइफ है। उनका बेटा है। वो भी पायलट है। वो भी पायलट वो भी पायलट है। जी की वाइफ। सुमित जी की वाइफ नहीं सुमित जी का बेटा पायलट है तो उनकी घर में वाइफ डॉटर इन लॉ और एक पोता भी है तो काफी अच्छा परिवार है सबसे मेलसार है दुर्घटना के बारे में कब पता लगा कैसे ये दुर्घटना तो सुबह जब न्यूज़ पे देखी तो पता चला हम सोच भी नहीं सकते थे कि हमारे ही मित्र हैं जो इस प्लेन को चला रहे थे तो उसके बाद धीरे धीरे तीन घंटे बाद जब पता चला तो मेले में है तो वहां निकलते खैर कटे बातचीत हो जाती थी या कोई मोहल्ले की मीटिंग है सेशन है

उसमें आते थे अपने विचार रखते थे तो काफी बहुत ही भले आदमी थे बहुत ही भले आदमी थे और मेरे ख्याल में शायद ही कोई ऐसा मीटिंगवेटिंग या जो भी कार्यक्रम भले में रहते हैं वो अटेंड ना किए हो हादसे के बाद सुमित के शव की पहचान उनके हाथ में पहने ब्रेसलेट से की गई थी सुमित कुछ दिनों पहले हांगकांग से लौटे थे। उनका परिवार इस पूरे हादसे के बाद से सदमे में है। 29 जनवरी को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार हुआ था। इस खबर में फिलहाल इतना ही। ट्रेन क्रैश से जुड़े अपडेट्स आप तक पहुंचाते रहेंगे.

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