ईरानी सेना का बयान आ गया। अधिकारिक तौर पर ईरानी सेना ने जो बयान जारी किया है उसमें उन्होंने कहा है कि खामने की मौत हो गई है। हमने एक महान नेता खो दिया है। ये ईरानी सेना आईआरजीसी के बयान में कहा गया है। शहादत हमें और दृढ़ मनाएगी। यह भी इस बयान में कहा गया है। हम खामई की मौत का बदला लेंगे। ईरानी सेना ने अपने सुप्रीम लीडर और खामने की मौत का ऐलान कर दिया है। इससे पहले यह ईरानी मीडिया की तरफ से भी दावा किया गया था। सबसे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन नेहू ने इसका दावा किया था।
फिर डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कहा गया। अब बाकायदा आईआरजीसी यानी कि ईरान की मीडिया सेना की तरफ से यह दावा कर दिया गया है कि खामिनी की मौत हो चुकी है। हमने एक महान नेता खो दिया है। शहादत हमें और दृढ़ बनाएगी और हम खामने की मौत का बदला लेंगे। ईरान इरादे जो है वो ईरानी सेना के वो खामिनी की मौत के बाद भी कमजोर नहीं पड़े। विशाल विवेक हमारे सहयोगी इस खबर पर ज्यादा जानकारी के साथ जुड़ गए हैं। तो एक तरह से अब आधिकारिक तौर पर ईरान ने मान लिया है कि उसके सुप्रीम लीडर की मौत हो चुकी है।
लेकिन युद्ध से पीछे अभी भी नहीं हटने को तैयार है ईरान। विशाल जी हां और जैसा आप आईआरजीसी के बारे में नाम ले रहे आईआरजीसी जो है जो पूरी कंट्री जो ईरान की है वो खामने के बाद जो सबसे पावरफुल कोई एंटिटी है ईरान में तो आईआरजीसी है। हर चीज में आईजीसी का इन्वॉल्वमेंट है। चाहे वो फाइनेंस हो चाहे वो आर्मी आईआरजीसी का अलग आर्मी एयरफोर्स नेवी सब कुछ है। तो इससे पता लगता है कि आईआरजीसी खुद में कितना पावरफुल है। कितना ताकतवर है। तो ये सरप्राइज नहीं है कि उन्होंने बोला है कि वो बदला लेंगे। लेकिन अभी कहना ये होगा कि क्या आईआरजीसी जो है जो यूएस और इजराइल का जो सेकंड वेव ऑफ अटैक्स अभी हो रहा है
क्या उसको वो सस्टेन कर पाएगा क्योंकि जो आईआरजीसी चाहे कितना भी पावरफुल हो यूएस और इजरलीय इंटेलिजेंस और जो उनके सेना है उनसे ज्यादा स्ट्रांग तो नहीं है तो ये कितने दिन तक वो सस्टेन कर पाएंगे ये सवाल है और जो एक डीमोरलाइजिंग फैक्टर जो यहां पे होगा जो कि खामई के मरने पर होगा ये भी एक बहुत बड़ा रोल प्ले करेगा हो सकता है काफी सारे आईआरजीसी के लोग हो वो अब ये सोच रहे हो कि भाई लड़ना सही नहीं होगा अब यूएस इजराइल से और हथियार डाल देने में ही फायदा है ताकि जो ईरानियन जो पूरा कंट्री है उसमें केओस ना फैल जाए और जो वहां के लोग हैं वो ऑलरेडी सेलिब्रेट करना स्टार्ट कर दिए हैं। वो जश्न मना रहे हैं
कि जो सबसे बड़ा एक डिक्टेटर था जो हजारों लोगों को रातोंरात मार देता था। उसकी उसको उसको निधन हो गया है। तो इस वजह से देखिए एक और अपडेट आ रहा है जो ईरान से आ रहा है। सीधे खामने की मौत के बाद ईरान में सड़कों पर भीड़ उतरेगी। छात्र और आम लोग खामने की मौत पर शोक व्यक्त करेंगे। खामने की मौत के बाद सड़कों पर भीड़ उतर सकती है। लेकिन विशाल विवेक जो जानकारी दे रहे हैं उसमें जानकारी यह आ रही है कि अभी तो जश्न खामने की मौत के बाद ईरान की सड़क ईरान में अलग-अलग शहरों की सड़कों पर जश्न की तस्वीरें आ रही हैं। विशाल जी बिल्कुल यहां पर दो तरह के फैशंस होंगे जो कि अभी एक्टिवेट किए जाएंगे। ईरानियन रिजीम के खुद के भी सपोर्टर्स हैं जो कि आपको याद होगा जो कुछ महीने पहले जो एक ब्रूटल क्रैकडाउन हुआ था जिसमें करीब 3000 लोगों की जाने गई थी जिसमें हजारों लाखों लोग रोड पर प्रोटेस्ट कर रहे थे। तो उस समय भी खामनी के सपोर्ट में काफी लोग रोड पर आए थे।
पूरा उनको उनके सपोर्ट में आए थे। तो वही लोग हो सकता है कि फिर से मोबिलाइज किए गए हो। लेकिन जो एक वहां पर डर का माहौल जो क्रिएट था पिछले 40-50 सालों से वह माहौल जाता हुआ दिख रहा है क्योंकि जो एक जो एक के बाद एक बार जो ब्रूटल क्रैकडाउन होते थे जिसमें कि कम से कम 35 से 40 हजार लोगों की मौतें हुई है पिछले 10 साल में और सिर्फ 32,000 लोग तो पिछले दो महीने में ही मारे गए थे। तो लोग जो हैं वो तो एक साई ऑफ रिलीफ जो अंग्रेजी में बोलते हैं वो तो ले ही रहे होंगे बट देखना होगा आईआरजीसी कब तक खड़ा रहता है यूएस और इजराइल के सामने। जी विशाल एक सवाल यह भी है कि अब खामलेई की मौत के बाद अगला उत्तराधिकारी कौन होगा? खामलेई का उत्तराधिकारी की रेस में कौन-कौन से नाम है?
जी देखिए सबसे पहले तो जो ईरानियन रिजीम ने जिस एक आदमी को अपॉइंट किया था जो हमने अपने स्पेशल रिपोर्ट में भी दिखाया। आली लारी जानी जो है जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ है वहां पे वो सबसे पावरफुल आदमी थे कामिनी के बाद। खामिनी ने कमिनी ने सारा कुछ उन्हीं के हाथ में दे रखा था। इवन प्रेसिडेंट जो पेसियान है उनको साइडलाइन कर दिया गया था ताकि अली लारी जानी सब कुछ चला सके। तो अली लारी जानी का अभी क्या स्टेटस है? उन पे हमला हुआ है या नहीं ये देखना होगा। अगर उनको भी उनको भी मार दिया गया है तो ये सबसे बड़ी जो एक होगी सबसे बड़ी ब्लो होगी ईरानजीम के लिए और आईआरजीसी के टॉप लीडर को भी कल ही मार दिया गया है। तो आईआरजीसी में भी चार लेवल्स ऑफ सक्सेशन है जो कि कंपनी ने बनाए थे। एक्चुअली कंपनी ने ऑलमोस्ट हर एक जो बड़े-बड़े आईआरजीसी हो गए, डिफेंस मिनिस्ट्री हो गए,
बासीज मिलिट्री हो गए ये सभी फैशंस में चार लेवल्स ऑफ सक्सेशन बना दिए थे ताकि एक के बाद एक अगर निधन होता जाए तो लोग उसको रिप्लेस करने के लिए आ जाए। तो प्लानिंग तो पूरा किया हुआ था कंपनी ने। तो ये कब तक सस्टेन होगा, कितने दिन तक चलेगा यह देखना होगा। लेकिन जो वर्तमान में ईरान में सक्सेशन है वो एक धार्मिक लीडर यानी कि कोई क्लेरिक ही ईरान का प्रमुख बन सकता है। हमारे साथ एयर कमांडोर हैं बहल साहब वो बता रहे थे कि वहां पर कोई चुना हुआ व्यक्ति कोई लोकतंत्र के लोकतांत्रिक तरीके से चुना गया व्यक्ति ईरान का प्रमुख नहीं बन सकता। वो कोई धार्मिक नेता ही होना चाहिए। तो ऐसी सूरत में जो प्रमुख धार्मिक लीडर हैं वो कौन-कौन है?
देखिए जो विशाल एक और बड़ी खबर आ रही था की मौत पर यूक्रेन का एक बड़ा बयान आया है तानाशाह की मौत से बढ़कर कुछ नहीं है। यह यूक्रेन की तरफ से कहा गया है तानाशाह की मौत से बढ़कर कुछ भी नहीं है। हयातुल्लाह अली खामने की मौत के बाद देखिए अब दुनिया भर से रिएक्शन आना शुरू हो चुके हैं। सबसे पहला रिएक्शन वो यूक्रेन की तरफ से आया है जो रूस के साथ लगातार पिछले तीन सालों से युद्ध में है और खामने की मौत पर यूक्रेन का बयान यह आया है कि तानाशाह की मौत से बढ़कर कुछ नहीं है। विशाल दुनिया भर से अब रिएक्शन आना शुरू होंगे लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि आखिर खामने का उत्तराधिकारी कौन होगा और पब्लिक ईरान की आम जनता किस तरह से इस मौत की खबर आने के बाद रिएक्ट करती है। जी बिल्कुल और जो खामनी के जो बेटे हैं
उनको काफी सालों से उनको ट्रेन किया जा रहा था कि अगर खामनी की मौत होती है और वो काफी एजेड भी थे वो 86 बरस के थे तो उनके बाद कौन आएगा उसका प्लानिंग तो काफी सालों से ऑलरेडी चल रहा था जो उनके बेटे हैं उनकी भी खबर अभी तक नहीं आई है क्या उनकी मौत हुई है क्या इनको अससनेट किया गया है तो हो सकता है वो भी अभी आ जाए अपने क्योंकि पिछले साल जो हमने युद्ध देखा था उसमें 10 से 12 दिन जो लगातार हमले हुए थे तो खामी एक बंकर बस जगह पर बंद थे पूरे 10ों दिन उस समय जो थे वो किसी से भी कम्युनिकेशन में नहीं थे तो हो सकता है अभी जो उनके बेटे हो वो भी सिमिलर सरकमस्ट्ससेस में हो उनको भी किसी बंकर बस जगह पर रखा गया हो ताकि उन पे कोई भी किसी भी तरह का हमला ना हो सके क्योंकि इजराइल का जो इंटेलिजेंस है वो यू नो वो इंटरफेरेंस ऑफ कम्युनिकेशन के थ्रू काफी सारा लोकेशन निकाल लेता है तो हो सकता है कि पूरी तरह से कम्युनिकेशन उनका तोड़ दिया गया हो
ताकि किसी भी तरह से इजराइल उनको पेनिट्रेट नहीं कर पाए तो यही देखना होगा अगले कुछ दिनों में। बिल्कुल और देखिए हम वो तस्वीर दिखा देते हैं जो एयतुल्ला अली खामई का तेहरान में निवास था जो उनका प्रिमिसेस था रेजिडेंस का वहां की तस्वीरें आपको दिखाते हैं जो कि अमेरिका की तरफ से जारी की गई है। सेटेलाइट तस्वीरें हैं। यहां पर 30 से ज्यादा बम गिराए गए थे इजराइल ने कहा था और बमबाजी के बाद बमबारी के बाद यहां पर जो तस्वीरें आई सेटेलाइट के जरिए वो यह दिखाने के लिए काफी है कि वो पूरा जो परिसर था वो खंडर में तब्दील हो गया है। और यह दावा किया गया है ईरान और इजराइल की तरफ से कि इसी परिसर में आया अली खामने थे जिसमें जब उन्होंने हमला किया 30 से ज्यादा बम गिराए तो उसकी मौत हो गई है। इस वक्त की जो बड़ी खबर है ईरान के सुप्रीम लीडर आया अली खामिनेई की मौत हो चुकी है। ये ईरानी मीडिया और आईआरजीसी की तरफ से बाकायदा बयान जारी करके कहा गया है और आईआरजीसी की तरफ से जो बयान जारी करके कहा गया है उसमें यह भी बताया गया है कि उन्होंने महान नेता और सुप्रीम लीडर को खो दिया है
लेकिन वो युद्ध जारी रखेंगे यानी कि ईरान के जो इरादे हैं वो आयतुल्ला अली खामेली की मौत के बाद भी कमजोर पड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं। लेकिन अब जब सुबह होगी कुछ देर में ईरान में ईरान यहां से तकरीबन 3 घंटे पीछे चलता है भारत से तो अगर जैसे ही सुबह होगी उसके बाद पब्लिक किस तरह से रिएक्ट करती है आम लोग किस तरह से रिएक्ट करते हैं दो तरह की खबरें आ रही है एक ये कि लोग वहां पर जश्न मना रहे हैं और दूसरी ये कि लोग वहां पर निराश भी हैं। कामिले की मौत पर ट्रंप का एक बड़ा बयान आया है। उत्तराधिकारी कौन होगा मुझे पता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है। कुछ अच्छे लोग नेतृत्व कर सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहा है खामने की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि उत्तराधिकारी कौन होगा यह मुझे पता है। कुछ अच्छे लोग देश का नेतृत्व कर सकते हैं। उत्तराधिकारी बन सकते हैं।