अमेरिका के बदनाम करोड़पति और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों की फाइल से एक बड़ा खुलासा हुआ जिसने इस्लामिक दुनिया में तहलका मचा दिया। यह खुलासा इस्लाम के सबसे बड़े धर्म स्थल सऊदी अरब के मक्का में स्थित काबा से जुड़ा है। मक्का में स्थित काबा से दुनिया के 200 करोड़ मुस्लिमों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां हर साल करीब 20 लाख मुस्लिम अपनी तीर्थ यात्रा हज के लिए आते हैं। काबा को अल्लाह का घर कहा जाता है। इसीलिए करोड़ों मुस्लिमों की आस्था, विश्वास और अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा से जुड़ा है
लेकिन एस्टीन को लेकर घिनौने खुलासे हुए हैं। उसने इस धार्मिक स्थल और यहां से जुड़ी इस्लामिक मान्यताओं का अपमान किया है। एस्टीन फाइल्स में बताया गया है कि साल 2017 में जेफरी एपस्टीन के फ्लोरिडा वाले घर पर मक्का के काबा पर उड़ाए जाने वाले पवित्र कपड़े के तीन टुकड़े भेजे गए थे। और इस पवित्र कपड़े को किसवा कहा जाता है। एप्सन फाइल्स के मुताबिक फरवरी और मार्च 2017 में सऊदी मूल की एक महिला बिजनेसमैन अजीजा अल अहमदी ने सऊदी अरब के एक व्यक्ति अब्दुल्ला अलमारी के साथ मिलकर किसवा की डिलीवरी एफसीन के घर पर करवाई थी।
किसवा के तीन टुकड़े आर्ट वर्क के रूप में दिखाते हुए डिलीवरी की पूरी व्यवस्था की गई थी। तो काबा पे ये जो होली कपड़ा वहां पर चढ़ता है उसको किसवा कहते हैं। किसवा को अल्लाह की शानो शौकत की निशानी माना जाता है और किसवा शुद्ध रेशम से बना सोने चांदी के धागों की कढ़ाई वाली चादर है जिससे काबा को ढका जाता है। किसवा पर कुरान की आयतें की कढ़ाई होती है। इसीलिए किसवा को काफी पवित्र माना जाता है और हज यात्रा के दौरान हज यात्री इसे बहुत उम्मीदों और आस्था से छूते हैं। हर साल हिजरी कैलेंडर के हिसाब से धूल हिज्जा महीने में इसे बदला जाता है।
जैसे साल 2026 में यह प्रक्रिया मई जून में होगी। नया किस्सवा चढ़ाने के बाद पुराने कपड़े को काटकर टुकड़ों में बांट दिया जाता है। कई मुस्लिम संगठन म्यूजियम में अमानत के तौर पर इसको रखवाया जाता है क्योंकि ये दुनिया भर के मुसलमान मुस्लिम्स के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। अब जेफरी एफसीन को इसके तीन टुकड़े दिए गए थे। इनमें से एक टुकड़ा काबा के अंदर वाले हिस्से से जुड़ा था। दूसरा टुकड़ा बाहरी हिस्से को ढकने वाले कपड़े का हिस्सा था। तीसरा टुकड़ा कावा में तब तक इस्तेमाल नहीं हुआ था।
बच्चों का यौन शोषण करने वाला अपराधी एस्टीन को जब पवित्र किसवा गिफ्ट किया गया था तो उस वक्त का एक ईमेल भी एस्टीन फाइल्स में मौजूद है। ये ईमेल अजीजा अल अहमदी ने जेफरी एप्स्टीन को किया था। इसमें किसवा की शिपमेंट डिटेल्स अटैच की गई थी और बताया गया था कि इस्लाम में किसवा को कितना पवित्र समझा जाता है। इस ईमेल में किस्सवा को लेकर अजीजा अल अहमदी कहती हैं इस काले टुकड़े को सुन्नी शिया और अन्य मुस्लिम समुदायों के कम से कम 1 करोड़ मुस्लिम्स ने छुआ