जॉनी लीवर ने समय रैना और जाकिर खान जैसे आज के स्टैंडअप कॉमेडियन की आलोचना की..
कंट्रोवर्सी से हमेशा दूर रहने वाले जॉनी लीवर का पारा अचानक चढ़ गया है। उन्होंने आज के स्टैंड अप कॉमेडियंस को कड़ी फटकार लगाई है। जॉनी ने कहा है कि अगर हम ऐसा करते तो इनकी औकात हमारे सामने खड़े होने की नहीं होती। जॉनी ने कहा कि आज की कॉमेडी में डबल मीनिंग जोक्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है,
कुणिका सदानानंद के पॉडकास्ट में जॉनी ने कहा कि आज के कॉमेडियंस सिर्फ हॉलीवुड फिल्मों को फॉलो कर रहे हैं। जॉनी ने बताया कि अब ज्यादातर एक्टर केवल इंग्लिश फिल्में देखते हैं और वही कंटेंट कॉपी करने की कोशिश करते हैं। जॉनी ने कहा लोग अब हॉलीवुड की फिल्मों की वजह से ओपनली अब्यूज देते हैं,
वेस्ट में कॉमन है गंदी भाषा का इस्तेमाल करना या खराब जोक मारना। अब तो हमारे एक्टर्स और कॉमेडियंस भी उसे कॉपी करते हैं। उन्हें आदत हो गई है। वो सिर्फ इंग्लिश फिल्में देखते हैं। लोग हॉलीवुड से सब उठा लेते हैं। सोच कर कि चल जाएगा क्या फर्क पड़ता है। यही वजह है कि डबल मीनिंग जोक्स अब कॉमन हो गए हैं। जब हमारी ट्रेनिंग हुई थी, हमें हमेशा यही सिखाया गया कि कभी ऐसा नहीं करना है,
अगर हम डबल मीनिंग बोलेंगे तो इनकी औकात नहीं है हमारे सामने खड़े होने की। लेकिन हम ऐसा नहीं करते। जॉनी ने कहा कि साफ अच्छी बातों से लोगों को हंसाना ज्यादा मुश्किल है। उन्होंने कहा कि टाइम लगता है लेकिन अगर किसी में टैलेंट है तो वह यही करके दिखाएगा। जॉनी ने आगे कहा अगर वह सच में टैलेंटेड हैं तो मैं उन्हें चैलेंज करता हूं कि कुछ साफ कहो और फिर लोगों को हंसाओ। यही रियल टेस्ट है,
मैं यह नहीं कह रहा कि वह बुरे हैं। लोग उनके कंटेंट को एंजॉय कर रहे हैं। लेकिन मेरी तो फैमिली ऑडियंस है। मुझे तो जवाब देना होता है। जॉनी ने अपनी बेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी सोलो शोज़ करती है। लेकिन कभी बेलगैरिटी नहीं करती और अपने माता-पिता के नक्शे कदम पर चलती है। जॉनी ने 300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है,
जॉनी ने 1982 में अपने करियर की शुरुआत की और बॉलीवुड में एक नई कॉमेडी को इंट्रोड्यूस किया। इतने सालों में कितने एक्टर आए, कितने कॉमेडियंस गए लेकिन जॉनी वहीं टिके रहे। आज भी वह इंडिया के सबसे बड़े कॉमेडियन माने जाते हैं। आप जॉनी की बात से कितना सहमत हैं हमें कमेंट में बताइए.



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