पायलट बोला मेडे..मेडे..मेडे..तेल खत्म हो गया… 168 यात्रियों से भरा था प्लेन..

indigo plane tel khatm

आज इंडिगो की फ्लाइट हवा में थी लेकिन तभी फ्लाइट का फ्यूल खत्म हो जाता है। पायलट मे डे मे डे कॉल करता है। जिसके बाद फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ती है। फ्लाइट कहां से उड़ी थी? कहां जा रही थी? हम तमाम जानकारी जानेंगे। हमारे साथ भरत जी हैं। भरत जी आखिर फ्लाइट में हुआ क्या था? देखिए अवंतिका जी देर ना करते हुए हम सीधे आपको दिखलाते हैं कि गुवाहाटी से ये फ्लाइट उड़ती है। इस जगह से इंडिगो की ये फ्लाइट है और इस फ्लाइट के भीतर 168 यात्री सवार होते हैं और 168 यात्रियों को लेकर गुवाहाटी से यह फ्लाइट उड़ती है और फ्लाइट को चेन्नई आना था इस जगह पर इस जगह पर इस फ्लाइट को लैंड करना था चेन्नई में। गुवाहाटी से उड़कर चेन्नई आना था,

लेकिन पायलट जैसे ही हवा में होते हैं यहां के आसमान के आसपास तेलंगाना के आसपास आंध्र प्रदेश के आसमान में जब जब वो होते हैं तो यहां पर मेढे-मेढ़े की कॉल पायलट की तरफ से आती है। मेढे-मेढ़े तभी कोई कहता है या करता है जब बिल्कुल ही इमरजेंसी हो जब विमान गिरने वाला हो। आपात स्थितियां बन जाती हैं। इस मेढ़े-मेढ़े की कॉल को सुनकर जो है पूरा जो हवाई यातायात का प्रशासन देखता है वो वो पूरी एजेंसी हिल जाती है और उसके बाद अचानक तुरंत बेंगलुरु में यहां पर इस प्लेन को उतारा जाता है। इमरजेंसी लैंडिंग इस प्लेन की कराई जाती है,

जो प्लेन जा रहा था गुवाहाटी से चेन्नई वो जो प्लेन जा रहा था गुवाहाटी से चेन्नई वो पहुंच गया गुवाहाटी से बेंगलुरु। यह घटना तब होती है अवंतिका जी। यह घटना तब होती है जब इस देश में इतना बड़ा हादसा हो चुका है और यह घटना आज जब हम बात कर रहे हैं शनिवार को शनिवार को शनिवार से दो दिन पहले यानी यानी गुरुवार को बृहस्पतिवार को यह घटना होती है और इस घटना को छिपा लिया जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से यह खबर अब जाकर सामने आई है और एनडीटीवी ने इसको छापा है। अभी तक बहुत जगहों पर यह खबर पहुंच भी नहीं पाई है,

वंतिका जी और इस प्लेन में इंडिगो के प्लेन में 168 यात्री सवार थे। आप सोच समझ आप सोच सकती हैं कि ये है भारत में फ्लाइटों का हाल। जहाज हवा में है। तेल है नहीं। ऐसा लग रहा है वंतिका जी जैसे मांग कर कोई गुड्डू चुन्नू मुन्नू जो है पड़ोस की गाड़ी स्प्लेंडर मांग कर ले गया है चौराहे तक और गली में उसका तेल खत्म हो गया है। अब वो वहां चिल्ला रहा है कि भैया ₹10 दे दो ₹10 तेल डाला दो इसमें। हैं ये हाल ये हाल है फ्लाइट्स का भारत में जब एयर इंडिया के साथ अहमदाबाद में इतना भीषण और भयंकर हादसा हुआ। 270 लोग लगभग मारे गए,

तब तब इस देश में एयर इस देश में इंडिगो का पायलट हवा में चिल्लाता है। कहता है मेढ़े-मेढ़े मतलब गिरा गिरा गिरा गिरा बचाओ बचाओ बचाओ बोले काहे बचाओ बोले तेल नहीं है तेल नहीं है दिखाते हैं हम आपको ये जो NDTV के सौजन्य से हम आपको इस खबर को दिखा रहे हैं NDTV ने इस इस इसको छापा है जी और इसमें इसमें तेल का जो जिक्र है वो भी हम आपको बतलाते हैं दिखलाते हैं। ये है इंडिगो विमान में इमरजेंसी की लैंडिंग की यह घटना गुरुवार की है। इस घटना के बाद पायलटों को हटा दिया गया है। इंडिगो विमान में ईंधन की गंभीर कमी थी जिसके बाद उसकी बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई है। आप समझ सकती हैं मेढे-मेढ़े कॉल की ईंधन की कमी थी। जहाज में तेल नहीं भर रहे हैं,

आप सोच कर देखिए अवंतिका जी जहाज में तेल नहीं भर रहे हैं। गुवाहाटी से चेन्नई जा रहे हैं। जहाज में तेल है नहीं। टंकी छूची है। भाई आप जहाज में तेल नहीं भर रहे हो। 168 68 लोगों को लेकर उड़ रहे हो और गिर जाए जहाज कहीं ऐसे चिल्ला रहे हैं मेढे-मेढ़े जैसे लग रहा है अवंतिका जी अगले पेट्रोल पंप पे इंडियन वाले पे या भारत वाले पे एचपी वाले पे Reliance वाले पे कहीं रोक के भाई भर लेगा और उसके बाद उड़ जाएगा। इतनी बड़ी लापरवाही, इतनी बड़ी लापरवाही, इतनी बड़ी सुरक्षा में चूक दोनों पायलटों को हटा दिया गया है। नौकरी से दोनों पायलटों को को जो है निकाल दिया गया है। हुआ ये कि जब जब ये टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से मतलब ये ये खबर इन्होंने भी ये भी नहीं निकाल पाए एनडीटीवी वाले भी,

इन्होंने भी टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से छापा है कि कि कैंपेगोड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के सूत्रों के हवाले से बताया कि संकट की सूचना मिलने के बाद एटीसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल जो होता है ग्राउंड स्टाफ को उन्होंने सूचित किया और तुरंत हरकत में ये लोग आए मेडिकलवेडिकल लेकर पट्टी और और जो है मरहम लेकर दौड़े कि भैया इमरजेंसी लैंडिंग हो रहा है। मेडमेढे हो गया गिर ना जाए कहीं जहाज में आग ना लग जाए। अग्निशमन वाले लोग बेचारे कर्मचारी लोग जो है वह भी अपना ट्रकवक लेकर दौड़े जिसमें पानीानी भरा होता है। मौके पर यह सब लोग पहुंच गए,

विमान जो है रात में 8:20 पर जो है इसको सुरक्षित उतारा गया है और और इस विमान में 100 168 यात्री सवार थे जो यहां पर NDTV इसको छाप रहा है इस खबर को और इस खबर को बतला रहा है। शुक्रवार को एक और विमान में खराबी आई थी। वो इस बात को बता रहा है और इस बात को ये कहना चाह रहा है कि इससे पहले भी इतना बड़ा हादसा हुआ है। इतनी बड़ी-बड़ी जांचें बैठी हैं। पता नहीं लगा। अरे भाई क्या पता लगा पाओगे आप? अवंतिका जी क्या पता लगा पाओगे आप? आपके जहाज में ग्रीस नहीं लगी। आपके जहाज में मोबियल नहीं पड़ा। आपके जहाज में तेल नहीं है,

आपके जहाज में पेट्रोल नहीं भरा है। इसकी कौन सी जांच करोगे आप? बिना तेल। बिना तेल भरे उड़ा दिया। कौन सी जांच करोगे आप? क्या जांच? ब्लैक बॉक्स खोजोगे। अब भाई इसमें कौन सा ब्लैक बॉक्स खोजोगे? आप उड़ रहे हैं, तेल नहीं भरा रहे हैं, तेल नहीं डलवा रहे हैं। ईंधन की कमी वेबसाइटें छाप रही हैं कि ईंधन की कमी थी जिसके कारण वो मेढे-मेढ़े चिल्लाने लग गया। कहते हैं कि जब प्लेन टेक ऑफ करने वाला होता है तब उसकी चेकिंग होती है कि कितना फ्यूल वगैरह भरा है। उसके बाद कहीं उड़ने देते हैं। दरअसल अवंतिका जी भारत में भारत भारत में लोगों की जान की फिक्र और जान की कीमत नहीं है किसी को। भारत सरकार के पास एयर इंडिया का एयर इंडिया कंपनी थी,

जहाज थे उनको तो वो बेच बाच के छुट्टी पाए अपना जो है तेल कंघा लगा के एकदम टहल रहे हैं। बनके विमान मंत्री एिएशन मंत्री ना एक को जहाज है ना कोई एिएशन का काम है। टाटा चला रहे हैं इंडिगो वाले चला रहे हैं फलाने चला रहे हैं। ढिमकाने चला रहे हैं। बस सबको जो है सेठ बनके देख रहे हैं। अच्छा तुम्हारी उड़ी कितनी फ्लाइटें उड़ी तुम्हारी लाओ टैक्स लाओ जमा करो। तुम्हारी कितनी उड़ी टैक्स लाओ जमा करो। केवल यही जिम्मेदारी सरकार की रह गई है क्या? काहे के एिएशन मंत्री? आपके पास तो जो एक जहाज था वह आप खुद उड़ा नहीं पाए। टाटा के यहां तो बेच दिया आपने उसको। तो फिर आप निगरानी भी आपसे नहीं की जा रही है। आप निगरानी भी नहीं कर पा रहे हैं,

ऐसे लोगों को ऐसी कंपनीज़ को तो बैन कर देना चाहिए। सिर्फ पायलट हटाए हैं इन लोगों ने कि पायलट हटा दिए। ताकि तेल की कमी है। मेढे-मेढ़े आप कर रहे हैं। हां खबर और खबर छुपा ली गई अवंतिका जी। बृहस्पतिवार की खबर आज शनिवार शाम है और शनिवार शाम में यह कितने बजे खबर छपती है वो खबर छपती है अभी जब हम आपसे बात कर रहे हैं तब 21 जून को 18:17 हम आपसे बात कर रहे हैं रात में 8:30 बजे अब यह खबर छप अब यह खबर छपती है कि कहीं ये खबर बाहर ना चली जाए भाई आप इतने लोगों की जान के साथ खेल रहे हैं आप खेल है कोई मेढे-मेढ़े-मेढ़े कल को आप ब्लैक बॉक्स ढूंढेंगे कहां है ब्लैक बॉक्स कल को आप बताएंगे कि इतने यात्री सवार थे,

इसमें 11 ए पर बैठा हुआ जिंदा कैसे बचा? आपके लिए तो यही खबर रह जाएगी। देश के लिए सरकार के लिए यही यही यही देखना बाकी रह जाएगा कि 11 ए वाला बच जाता है। बाकी सब मर जाते हैं। भाई ये कोई बात हुई ये घोर लापरवाही है और इस घोर लापरवाही पर सरकार को बहुत बड़ा एक्शन लेना चाहिए। इस कंपनी के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। बिल्कुल। और जाहिर तौर पर जैसा यह लापरवाही भरा जो पूरी खबर है देखिए इस खबर को दो दिन तक दबा लिया गया है। खबर शनिवार की शाम 6:00 बजे सामने आती है और तब पता चलता है कि यह गुरुवार का मामला है और इस खबर को इस तरीके से दबाया जाता है,

ताकि जनता तक यह बात ना पहुंचे जबकि उस प्लेन में 168 यात्री सवार थे और उस प्लेन में अचानक जब वो प्लेन बीच हवा में होता है तब उसमें फ्यूल खत्म हो जाता है। आखिर इसकी जवाबदेही किसकी बनती है? यह भी सवाल उठ रहे हैं और दूसरी तरफ सरकार से इस पूरे मामले पर एक्शन लेने की मांग की जा रही है। अभी तक सरकार ने इस पर क्या किया है वो कुछ भी सामने नहीं आया है। लेकिन हां खानापूर्ति के लिए दो पायलट्स को हटा दिया गया है। देखना होगा कि अब किस तरीके से जब अहमदाबाद का एक बड़ा प्लेन हादसा हो चुका है उसके बाद आखिर सरकार कब चेतती है.

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