83 लाख का एक पक्षी!, इसमें ऐसा क्या है जो बड़े-बड़े अमीर भी सोचेंगे?..
सोचिए आपके पास ₹83 लाख हैं। आप क्या खरीदेंगे? एक चमचमाती लग्जरी कार, किसी पौश इलाके में घर के लिए डाउन पेमेंट या शायद एक पक्षी। जी हां, आपने सही सुना। ₹83 लाख का एक बाज। हाल ही में अबू धाबी में एक नीलामी हुई जहां एक बाज को इतने में खरीदा गया कि सुनने वालों के होश उड़ गए। तो आखिर इस बाज में ऐसा क्या खास है? यह कोई मामूली परिंदा है या सोने का अंडा देने वाली मुर्गी का कोई रिश्तेदार? चलिए आज इस वीडियो में आपको बताते हैं,
इस उड़ते हुए खजाने की पूरी कहानी। नमस्कार, मैं हूं सिद्धार्थ प्रकाश। तो कहानी शुरू होती है अबू धाबी से। यहां पर हाल ही में एक नीलामी रखी गई थी और यह कोई पुरानी कारों और पेंटिंग्स की नीलामी नहीं थी। यह थी बाजों की नीलामी। और इस नीलामी का स्टार था एक प्योर गरमोशा बाज। इस बाज को नीलामी करने वाले ने एक निक नेम भी दिया था। द ब्राइड ऑफ द नाइट यानी रात की दुल्हन,
और यकीन मानिए इस दुल्हन को पाने के लिए जो होड़ मची वो देखने लायक थी। आधे घंटे से भी ज्यादा समय तक चली बोली के बाद क़तर के रहने वाले हसन अल कुबैसी ने इसे 3.5 लाख दरहम यानी भारतीय रुपयों में करीब-करीब 83 लाख में खरीद लिया। अब आपके और मेरे जैसे आम इंसान के मन में पहला सवाल यही आएगा कि भाई एक पक्षी के लिए 83 लाख क्यों? क्या यह बाज हवा में कलाबाजियां करते हुए गाना गाता है,
या इसके पंखों में हीरे जड़े हैं? तो इसका जवाब छुपा है इसकी खासियत में। खलीज टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन नीलामी ग्रुप के एक सदस्य मोहम्मद नबील ने बताया कि इस बाज को क्यों इतना खास माना जाता है। नबील कहते हैं कि गर्मोशा बाज को ब्रीडिंग के लिए एक बैंक माना जाता है। मतलब इससे जो बच्चे पैदा होते हैं वह सबसे बेहतरीन नस्ल के होते हैं और ऐसी नस्ल के बाज को ढूंढना बहुत ही मुश्किल होता है,
यही नहीं यह गर्मोशाबा अल्ट्रा वाइट ब्रीड की बहन है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जिस भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेती है। खासकर ब्यूटी पेजेंट्स यानी खूबसूरती की प्रतियोगिताओं में यह हमेशा पहला स्थान ही जीतती है। सोचिए पक्षियों के भी ब्यूटी पेजेंट्स होते हैं। और यह बाज उन सबका अनडिस्प्यूटेड चैंपियन है। मोहम्मद नबील ने एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि जो खरीदार थे,
यानी हसन अल कुबैसी वो इस बाज को किसी भी कीमत पर खरीदना चाहते थे। उन्होंने अपनी टीम से कह दिया था कि बोली लगाते रहो जब तक हम इसे जीत ना लें। कोई लिमिट नहीं है। यह नीलामी कोई छोटी-मोटी घटना नहीं थी। यह अबू धाबी के मशहूर इंटरनेशनल हंटिंग एंड इक्वेस्टियन एग्बिशन यानी एडी हेक्स 2025 से पहले होने वाली लाइव नीलामी थी। इस इवेंट में दुनिया के सबसे एलट यानी टॉप क्लास के बाजों को नीलाम किया जाता है,
डायरेक्टर सैयद अल हसानी के मुताबिक नीलामी के लिए 1000 से ज्यादा बाजों ने अप्लाई किया था। जिनमें से जांच परख कर सिर्फ बेस्ट ऑफ द बेस्ट को ही चुना गया। अब आप सोच रहे होंगे कि मिडिल ईस्ट में बाजों को लेकर इतनी दीवानगी क्यों है? दरअसल बाज पालना या बाजों से शिकार करवाना जिसे अंग्रेजी में फेल्कनरी कहते हैं,
मिडिल ईस्ट की सदियों पुरानी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। यूएई और क़तर जैसे देशों में तो इसे नेशनल स्पोर्ट का दर्जा हासिल है। यह दीवानगी इस हद तक है कि यूएई में बाजों के अपने पासपोर्ट भी बनते हैं। जी हां, फेल्कंस हैव देयर ओन पासपोर्ट्स। इन पासपोर्ट्स की मदद से उन्हें फ्लाइट में यात्रा करने और दूसरे देशों में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में आसानी होती है,
तो यह जो ₹83 लाख की कीमत है वो सिर्फ एक पक्षी की नहीं यह कीमत है उसकी दुर्लभ नस्ल की। उसकी बेमिसाल खूबसूरती की उसके चैंपियन जींस की और उस संस्कृति की जहां बात सिर्फ एक परिंदा नहीं बल्कि शान, शौकत और परंपरा का प्रतीक है। आपको क्या लगता है? क्या एक पक्षी के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करना जायज है? अपनी राय कमेंट्स में नीचे लिखकर जरूर बताएं.



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