टेकऑफ के कुछ सेकंड में ही बंद हो गए दोनों इंजन? पता चल गया..
32 सेकंड। बस इतने ही समय में आसमान से जमीन पर आ गिरी थी Air इंडिया की Boeing 787 ट्रेन लाइन। अहमदाबाद में हुए अब इस भयानक हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले राज़ खोले हैं। क्या थी वो गलती जिसने 260 मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया। चलिए एक नजर डालते हैं इस प्रारंभिक रिपोर्ट पर। अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया ड्रीम लाइनर हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने निकल कर आ रही हैं। इस रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि टेक ऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन हवा में ही बंद,
हो गए थे। यह रिपोर्ट विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने तैयार की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डोइंग ड्रीम लाइनर 787 विमान में ईंधन आपूर्ति को नियंत्रित करने वाले फ्यूल कट ऑफ स्विच एक के बाद एक चंद सेकंड के अंदर रन से कट ऑफ की स्थिति में चले गए। इसके कारण दोनों इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया और वह तुरंत ही ठप पड़ गए। बता दें कि इस विमान में कुल 242 यात्री सवार थे। जिनमें से 241 की मौत हो गई थी। विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से टकराया था। जिसके चलते हॉस्टल,
के छात्रों की भी मौके पर मौत हो गई थी। जबकि कई घायल भी हुए थे। कुल मिलाकर हादसे में 260 लोगों की जाने चली गई थी। रिपोर्ट के बाद Air इंडिया का भी बयान सामने आया था। पहले जानते हैं कि इस रिपोर्ट में क्या कुछ सामने निकला है। रिपोर्ट के प्रमुख पॉइंट्स, फ्यूल कट ऑफ स्विच का रहस्य। टेक ऑफ के ठीक बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कट ऑफ स्विच रन से कट ऑफ मोड में चले गए। जिससे इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया, और वह हवा में ही बंद पड़ गए। पायलटों में कंफ्यूजन, कॉकपेट वॉइस रिकॉर्डर में एक पायलट पूछता है, तुमने इंजन क्यों बंद किया? दूसरा जवाब देता है,
“मैंने नहीं किया?” यह सुझाता है कि स्विच का बदलना अनजाने में हुआ। रैम एयर टरबाइन यानी रैट का एक्टिव होना। विमान की बिजली और इंजन की शक्ति खत्म होने पर रैट सक्रिय हो गया था जो हादसे की गंभीरता को दर्शाता है। इंजन रिकवरी की कोशिश। पायलटों ने स्विच को दोबारा रन किया। इंजन एक में थोड़ा सुधार दिखा लेकिन इंजन टू रिकवर नहीं हो पाया था। कोई तकनीकी खामी नहीं। शुरुआती जांच में ना तो कोई मैकेनिकल फौल्ट ना ही फ्यूल कंटैमिनेशन और ना ही बर्ड स्ट्राइक के सबूत मिले। फ्लैप सेटिंग और लैंडिंग गियर भी सामान्य थे। पुरानी,
चेतावनी नजरअंदाज की गई। 2018 में एफए ने Being 737 के फ्यूल कंट्रोल स्विच की लॉकिंग में खामी की चेतावनी दी थी। लेकिन एयर इंडिया ने इसकी जांच नहीं कराई। आईबी की यह प्रारंभिक रिपोर्ट बड़े सवाल खड़े करती है। क्या यह पायलट की गलती थी या सिस्टम में छिपी कोई खामी? जांच अभी भी जारी है। लेकिन 260 परिवारों के दर्द का जवाब जल्द मिलना चाहिए। Air इंडिया ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और जांच में पूरा सहयोग देने का वादा किया है.



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