भारती सिंह ने मां और परिवार के साथ अपने बचपन के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की..

bharti mother

कुछ लोगों को मुकाम पर देखकर बहुत सुकून मिलता है। उनमें से एक नाम भारती सिंह का भी है। भारती की जर्नी हम सब ने अपनी आंखों से देखी है। भारती इंडिया की पहली फीमेल स्टैंड अप कॉमेडियन है जिन्हें लोगों का इतना प्यार मिलता है और तभी उन्हें लाफ्टर क्वीन कहा जाता है। लेकिन भारती की इस जर्नी के पीछे कितना दर्द और अनगिनत काली रातें कटी हैं, उसका खुलासा उन्होंने राज शमानी को दिए एक इंटरव्यू में किया है,

इस इंटरव्यू में भारती ने वह सब कुछ कह दिया जो आज से पहले लोगों को नहीं पता था। भारती ने इस इंटरव्यू में बताया कि बचपन में ही उनके पिता की मौत हो गई थी और तब उनकी मां घर-घर जाकर काम करके पेट पाला करती थी। बचपन के दिनों को याद करते हुए भारती ने कहा मुझे याद है कि मालकिन से डांट खाकर मेरी मां घर आती थी। वो इस बारे में मेरी बहन को बताती थी। कई दफा मां को चोट भी लग जाती थी,

हम मां के हाथ में बैंडेज लगी देखते थे। दिवाली पर हम बेकरारी से मां का इंतजार करते थे क्योंकि हमें पता होता था कि मां मिठाई लेकर आएंगी। हम खुद से मिठाई नहीं खरीद पाते थे। हमारे पास दिवाली पर पटाखे खरीदने के पैसे नहीं होते थे। नए कपड़े खरीदने की तो हम सोच नहीं सकते थे। मां को मालकिन जो पुराने कपड़े देती थी मुझे वही मिलते थे। भारती ने इंटरव्यू में आगे कहा, “मेरी मां बहुत सुंदर थी,

वह आसानी से दूसरी शादी कर सकती थी। लेकिन वो हाउससेल्फ बनी। काम वाली बन गई थी लोगों के घर में। मैं काम बाली की बेटी हूं। मुझे याद है कि कई बार काम पर मैं मां के साथ जाती थी। महिलाएं उनसे सही से पोछा लगाने के लिए कहती थी। वो मां को बचा हुआ बासी खाना देती थी। वो खाना पाकर हम इतने ज्यादा खुश हो जाते थे कि आज हमें कोफ्ते और दाल मखनी खाने को मिलेगी। इस इंटरव्यू में भारती ने यह भी खुलासा किया कि पैदा होने से पहले उनकी मां उन्हें मार देना चाहती थी,

और मारने के लिए उन्होंने लाखों जतन भी किए। भारती ने कहा दो बच्चे हो चुके थे। पहले तो पता ही नहीं चलता था कि अरे मैं प्रेग्नेंट हो गई। दो-तीन महीने बाद पता चला। फिर मेरी मम्मी ने इतनी सारी जड़ी बूटियां बाबा से मिलकर खाई। पैर के बल बैठकर पूंछे मारे। गरम चीज पपीता खा लिया। खजूर खा लिए कि ना रहे। आना ही था मुझे। मेरी मम्मी ने खुद पैदा किया मुझे। मेरी मम्मी घर में अकेली थी,

रात की मेरे पापा की ड्यूटी थी तो अकेले ने ही पैदा किया। लेकिन वो कार्ड काटने के लिए बस दाई को बुलाया जिसने ₹60 लिए। मैं ₹60 में हुई हूं। मैं ₹60 का बच्चा हूं। और आज देखो मैंने अपनी मम्मी को ₹1 करोड़ 60 लाख का घर लेकर दिया है। मैं अनचाहा बच्ची थी। नहीं चाहते थे क्योंकि मेरे पहले लड़का लड़की थे। उनको होता था कि बच्चे दो ही अच्छे, एक लड़का और एक लड़की। तीसरा नहीं करना कि कौन पालेगा,

पर मैं हो गई। फिर उसके बाद उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया। भारती की यह कहानी सुनकर लोगों की आंखें भर आई हैं। आज भारती जिस मुकाम पर हैं, उससे लड़कियों को सीख लेनी चाहिए। उनका ख्वाब सिर्फ शादी करके घर बसा लेना नहीं होना चाहिए। वेल, आप क्या कहेंगे इस पर? अपनी राय हमें कमेंट में दीजिए।

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