अगर आपको गुजरा हुआ वक्त दोबारा जीने का मौका मिले तो आप उसे जीना चाहेंगे। आपके बिना कहे हम बता देते हैं कि आपका जवाब हां है। परिवार के साथ मिलकर वो टीवी देखना किसी बात की टेंशन ना होना जो चाहे वो करना। भले ही आज लोगों के पास पैसे आ गए हो लेकिन उनका सुकून बहुत पीछे छूट गया है। हर कोई अपने पुराने वक्त को याद करता है। लेकिन एक मौका आया है जब आप अपने पुराने वक्त को दोबारा से जी पाएंगे। ऐसा सचमुच होगा अगर आपने एकता कपूर का क्योंकि सास भी कभी बहू वाला यह नया सीरियल देख लिया,
जी हां, क्योंकि सास भी कभी बहू का पहला एपिसोड रिलीज हो गया है। और सिर्फ एक वर्ड में अगर इसे डिस्क्राइब करना हो तो हम कहेंगे नस्टेल्जिया माइंड ब्लोइंग आउटस्टैंडिंग। सचमुच एकता ने इस नए शो में बहुत मेहनत की है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें 90ज का जो फ्लेवर उन्होंने डाला है, वह आपको आपकी पुरानी यादों में ले जाएगा। यह आपको वह वक्त याद दिला देगा जब आप अपनी मां, भाई, बहन, दीदी, दादा-दादी के साथ टीवी देखा करते थे,
अब आपको बताते हैं क्योंकि सास भी कभी बहू के पहले एपिसोड में क्या हुआ। क्योंकि सास भी कभी बहू थी के पहले एपिसोड की शुरुआत थीम सॉन्ग रिश्तों के भी रूप बदलते से होती है। इसके बाद तुलसी वीरानी बा और सास सविता विरानी को श्रद्धांजलि देती हैं। दादी सास और सास को याद करते हुए वह शांति निकेतन में कदम रखती हैं। शांति निकेतन में तुलसी और मिहिर की 38वीं वेडिंग एनिवर्सरीज की तैयारियां चल रही हैं,
पूरा घर तुलसी और मिहिर की वेडिंग एनिवर्सरी के सेलिब्रेशन में जुटा हुआ है। लेकिन मिरर इस खास दिन को भूल जाता है। सीरियल में ट्विस्ट तब आता है जब मेहर तुलसी को वेडिंग एनिवर्सरी पर कार गिफ्ट में देता है। यानी मेहर ने तुलसी को सरप्राइज़ करने के लिए वेडिंग एनिवर्सरी भूलने का नाटक किया था। मेहर जो पहले आदर्श बेटा हुआ करता था, अब वह आदर्श पति और पिता है। पिछले 25 सालों में तुलसी वीरानी की जिंदगी में कई बदलाव आए हैं,
लेकिन इन बदलाव के बीच उसने कभी अपने संस्कारों पर आंच नहीं आने दी। आज भी तुलसी ने विनानी परिवार के सदस्यों को जोड़कर रखा है। पहले एपिसोड में यह भी पता चलता है कि करण, शोभा और हेमंत अब शांति निकेतन में नहीं रहते। हेमंत अब एक वकील बन गया है जो दिल्ली में रहता है। दक्षा चाची सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की दीवानी हैं। शो खत्म होने से पहले यह भी पता चलता है,
कि गायत्री का किरदार आने वाले समय में कुछ ज्यादा ग्रे होने वाला है। सीरियल में उसके अच्छे और बुरे दोनों पहलू देखने को मिलने वाले हैं। सीरियल में कुछ नए किरदारों की एंट्री भी हुई है और कुछ पुराने चेहरे भी गायब हैं। एपिसोड में अंगद, परी रतिक की छोटी सी झलक भी देखने को मिलती है। हालांकि इनके किरदारों से यह साफ पता चलता है कि ये तीनों आने वाले समय में शो में अहम रोल अदा करने वाले हैं,
साथ ही आने वाले अपकमिंग एपिसोड्स में कुछ नए किरदारों की भी एंट्री होगी। 25 साल पहले भी तुलसी अपने परिवार को एकजुट रखने में जुटी थी। आज भी उसकी यही कोशिश है कि वीरानी परिवार टूट कर बिखर ना जाए। उसे भरोसा है कि उसके बच्चे कभी उसके दिए संस्कारों पर दाग नहीं लगने देंगे। तुलसी और मेहर को साथ देखना आपको 90 के दशक के दौर में वापस ले जाता है। दोनों की वेडिंग एनिवर्सरी का सेलिब्रेशन दिल छूने वाला है,
आज भी शांति निकेतन में रौनक है लेकिन कुछ पुराने किरदारों की कमी खलती है। दक्ष, गायत्री, करण, नंदिनी, हेमंत, शोभा इन सबको देखकर आपको तुरंत जुड़ाव महसूस होगा। एकता कपूर ने पूरी कोशिश की है कि पुरानी और नई पीढ़ी दोनों शो से जुड़ पाएं, जिसमें वो सफल होती हैं,
तुलसी और मेहर एक बार फिर दर्शकों के दिल में उतरते दिखते हैं। कुल मिलाकर शो का पहला एपिसोड बहुत अच्छा रहा है। आप यह एपिसोड अपनी फैमिली के साथ जरूर देखिए। अच्छा लगेगा। और यह एपिसोड देखकर हमें जरूर बताइएगा। और अगर आपने यह एपिसोड देख लिया है तो हमें कमेंट में जरूर बताइए। और भी ज्यादा ऐसी अपडेटस के लिए.