ओबामा ने क्यों कहा एलियन असली में होते हैं? क्या एरिया 51 में है यूएफओ और एलियन? अमेरिका ने कहां छुपा रखे हैं एलियंस? नमस्कार Zee मीडिया के डिजिटल प्लेटफार्म पर आपके साथ मैं हूं आयुष सूर्यवंशी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बार फिर से एलियंस को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा ब्रह्मांड में पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन उन्होंने एग्जैक्टली कहा क्या है यह समझिए। दरअसल ओबामा ने एक पडकास्ट में कई मुद्दों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
खुलकर बातचीत की और जब उनसे एलियंस के बारे में सवाल किया गया तब बराक ओबामा ने कहा वह असली हैं लेकिन मैंने उन्हें देखा नहीं है और उन्हें एरिया 51 में भी नहीं रखा जा रहा है। बराक ओबामा आगे कहते हैं कोई अंडरग्राउंड जगह नहीं है। इसको भी खारिज किया कि एरिया 51 में एलियन टेक्नोलॉजी या लाशें छिपी हुई हैं। एरिया 51 को दरअसल अक्सर यूएफओ कॉनस्परेसी थ्यरी से ही जोड़ा जाता है। बराक ओबामा का कहना था कि ब्रह्मांड इतना विशाल है कि यह मानना तर्कसंगत है कि कहीं ना कहीं जीवन मौजूद हो सकता है।
भले ही अभी तक उसका कोई ठोस प्रमाण हमारे पास ना हो। हालांकि ओबामा ने साफ किया कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो जाए कि अमेरिकी सरकार ने एलियंस को पकड़ लिया है। किसी गुप्त जगह पर रखा हो। उन्होंने उन कास्परेसी थरीज को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जाता है कि अमेरिका सरकार एलियंस [संगीत] को गुप्त रूप से छिपा कर रखती है।
खास करके निवेदा में जो चर्चित सैन्य ठिकाना एरिया 51 है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर ऐसा कोई बड़ा राज होता तो उसे राष्ट्रपति से छिपा पाना लगभग असंभव होता। उन्होंने कहा कि उन्हें एरिया 51 में नहीं रखा गया। वहां कोई अंडरग्राउंड इस तरह की फैसिलिटी नहीं है जब तक कि कोई बहुत बड़ी साजिश ना हो और इसे राष्ट्रपति से भी छिपा लिया गया हो। इस बात का जिक्र उन्होंने किया कि अगर राष्ट्रपति से ही छिपा ली जाए ये बात तो हो सकता है ऐसा कुछ वहां हो। उनके नॉलेज में कभी ऐसा नहीं आया। दरअसल एरिया 51 लंबे समय से एलियंस और बिना वेरीफाई यूएफओ देखे जाने से जुड़ा रहा है
हालांकि अमेरिकी सरकार ने 2013 तक ऑफिशियली बेस होने को भी नहीं माना था। कहा जाता है कि एडवांस मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लिए एक टेस्टिंग ग्राउंड है और पिछले कुछ सालों में अमेरिका में अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं को लेकर यानी कि यूएफओ को लेकर लोगों की दिलचस्पी भी काफी बढ़ी है। अमेरिकी सरकार अब इन्हें अनआइडेंटिफाइड एनेमोलस फिनोमिना कहती है। सरकार की ओर से कुछ आधिकारिक दस्तावेज और वीडियो भी जारी किए गए। इसके बाद चर्चा और तेज हुई। इन वीडियोस में आसमान में उड़ती कुछ ऐसी चीजों को देखा गया जिनकी पहचान स्पष्ट रूप से नहीं सामने आ पाई है।
वहीं ओबामा की टिप्पणी अनआइडेंटिफाइड एनिमलस फिनोमना यानी कि यूएपीस में बढ़ती दिलचस्पी के बीच आई है जो सरकार का यूएफओस को लेकर इस्तेमाल किया जाने वाला एक नया तरह का शब्द है। पेंटागन ने यूएपी देखे जाने की जांच के लिए ऑल डोमेन एनमली रेजोल्यूशन ऑफिस बनवाया है। वहीं ऐसे कानून पास किए जिसके तहत सरकार को इन घटनाओं के बारे में और जानकारी देनी होगी। वहीं पृथ्वी के बाहर जीवन के होने की पुष्टि करने वाला कोई पक्का सबूत नहीं मिला लेकिन फिर भी साइंटिस्ट जो हैं वो कोई सुराग खोजने की उम्मीद नहीं बाहरी अंतरिक्ष के बड़े हिस्सों को लगातार स्कैन करते रहे हैं।
हालांकि साइंटिस्ट को हाल ही में एक क्राउड सोर्स प्रोजेक्ट की वजह से सफलता भी मिली जिसका मकसद एलियन इंटेलिजेंस की खोज करना था। सेटी एट होम नाम का यह प्रोजेक्ट 1999 में ल्च किया गया था और दुनिया भर के लाखों वालंटियर्स ने इसमें हिस्सा लिया था। इस प्रोजेक्ट का मकसद पटोरिको में अरेबो ऑब्जरवेटरी के डाटा में अजीब रेडियो सिग्नल की पहचान करना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी वायुसेना के रिपर ड्रोन के एक दशक से भी पहले रिकॉर्ड किए गए
रेडार फुटेज में मध्यफ के ऊपर कुछ असामान्य वस्तुएं देखी गई थी। इन वस्तुओं की उड़ान का तरीका सामान्य विमान या ज्ञात तकनीक से अलग बताया गया था। इस तरह के लेकर कई कयासबाजी के दौर जो हैं वो देखे गए हैं और साथ ही कास्परेसी थ्यरीज भी कई तरह की चलती हैं। लेकिन फिलहाल ओबामा का यह बयान लगातार चर्चा में बना हुआ है।