“भ्रष्टाचार की फ़ाइल मेरे पास है”, निधन के 15 दिन पहले अजित पवार ने कहा था ऐसा..

15 दिन पहले ही अजीत पवार ने कह दिया था कि भाजपा के भ्रष्टाचार की सारी पोल पट्टी उनके पास है। यह देखिए अजीत पवार ने बाकायदा दावा किया था कि बीजेपी के 110 करोड़ के भ्रष्टाचार की फाइल उनके पास रखी है। दोस्तों अजीत पवार और भाजपा के रिश्ते तो ठीक नहीं थे। लेकिन क्या यह रिश्ते इतने ज्यादा खराब थे कि उन्हें भाजपा के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 110 करोड़ के घोटाले का खुलासा करना पड़ा? आज उनकी मौत हो गई है। सिर्फ इतना ही नहीं गठबंधन में रहते हुए अजीत पवार ने भाजपा को चेतावनी तक दे डाली थी कि अगर उस फाइल पर कानूनी कारवाई आगे बढ़ी तो प्रदेश में हाहाकार मच जाएगा। यह देखिए उन्होंने भाजपा को क्या कुछ कहा था।

अजीत पवार ने कहा था कि कृष्णा घाटी विकास महामंडल में कामकाज के दौरान जब इस योजना की फाइल मेरे पास आई तब इस परियोजना की लागत ₹330 करोड़ दिखाई गई थी। लेकिन मैंने इसे रद्द कर दिया और दोबारा मंजूरी के बाद वही योजना ₹220 करोड़ में पूरी हो सकती थी। ऐसा सामने आया। ₹100 करोड़ पार्टी फंड के लिए और ₹10 करोड़ संबंधित अधिकारियों के लिए बढ़ाए गए थे। अगर यह बढ़ाई गई रकम रद्द नहीं की जाती तो राज्य में आर्थिक हाहाकार मच जाता। यह बात अजीत पवार ने 15 दिन पहले ही कह दी थी।

और देखिए दोस्तों अजीत पवार ने क्या कुछ कहा भाजपा को। यह मैं नहीं कह रही। यह देखिए स्क्रीनशॉट आपके सामने हैं। यह बड़े मीडिया चैनल पर यह स्क्रीनशॉट चल रहे हैं। यह यह सब कुछ अजीत पवार ने अपने मुख मंडल से कहा था। उन्होंने कहा था बीजेपी हफ्ताखोरी करती है। मेरे पास सबूत है। अजीत पवार ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया था। उन्होंने कहा था कि सत्ता का नशा सर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पिंजरी चिंचवड़ महानगर पालिका में जमकर पैसा लूटा है। इतने आरोप, इतने बड़े-बड़े आरोप अजीत पवार भाजपा पर लगातार लगा रहे थे। अब अजीत पवार तो इस दुनिया में नहीं है। लेकिन एक सवाल हर किसी के मन में है कि आखिर अजीत पवार के साथ क्या हुआ?

ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री वो साफ कह रहे हैं कि अजीत पवार की मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट के जजों की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने अजीत पवार की प्लेन हादसे में मौत पर कई सवाल उठाए हैं और उन्होंने कहा है कि अजीत पवार भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने की योजना बना रहे थे और उसी बीच उनकी मौत कई सवाल खड़े करती है। ममता बनर्जी ने बड़े साफ शब्दों में कहा कि यहां नेता भी सुरक्षित नहीं है। मुझे नहीं पता क्या दिक्कत है। मुझे सोशल मीडिया से पता चला था कि वह बीजेपी से अलग होने वाले थे और आज अचानक उनका निधन हो गया। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सही जांच होनी चाहिए। क्या यह बेवजह डर फैलाना है या कोई साजिश?

सिर्फ ममता बनर्जी ही नहीं दोस्तों, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अजीत पवार की मौत पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा वीआईपी के साथ इस तरह की घटना ना हो और यह बात साफ होनी चाहिए कि आखिरकार ये घटना क्यों हुई? उनकी पूरी बात सुनिए। आप समझ जाएंगे कि वो कहना क्या चाहते हैं। पवार जी के का प्लेन क्रैश हुआ है। उसकी जांच होनी चाहिए पूरे मामले की और सुप्रीम कोर्ट मॉनिटर होनी चाहिए जांच। साजिश भी बता रही है ममता। स्वाभाविक है क्योंकि बहुत बड़े नेता थे। डिप्टी सीएम कई बार रहे वो और महाराष्ट्र के बहुत लोकप्रिय नेता रहे और अगर ऐसी घटना हो जाए और आज के समय पे जहां हम इतने जागरूक हैं टेक्नोलॉजी को इतना समझते हैं

चीजें तो उन्होंने ठीक ही मांग की होगी क्योंकि वीआईपी के साथ इस तरह की घटना ना हो तो एक बार तो ये बात तो साफ होनी चाहिए कि आखिरकार ये घटनाएं क्यों हुई पूर्व में भी कई हमारे वीआईपी इसी तरह उनकी जान गई तो आखिरकार आखरकार ऐसी जांच हो जिससे निष्पक्ष पता लगे कि आखिरकार घटना किस वजह से हुई। दोस्तों अभी तक भारत के नागरिक उयन मंत्री की तरफ से कोई जवाब कोई सफाई नहीं आई है कि आखिर ये प्लेन हादसा हुआ क्यों? ये प्लेन हादसे हो क्यों रहे हैं? अजीत पवार जिस प्लेन में सवार थे

एक्चुअली में उसके साथ क्या हुआ था? दोस्तों जिस प्लेन में अजीत पवार सवार थे वो कोई मामूली प्लेन नहीं था। एरागैरा प्लेन हो। ना ना वो मोस्ट सिक्यर्ड मोस्ट लग्जरियस प्लेन था। जिस प्राइवेट प्लेन में अजीत पवार सवार थे उसका नाम लियर जेट 45 है। ये बड़ा प्रीमियम बिजनेस जेट है। हाई सिक्योर प्लेन है। ये 800 कि.मी./ घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। एक बार में 3700 कि.मी.
तक उड़ सकता है। उसमें दो-दो इंजन मौजूद हैं। छ से आठ यात्री बैठ सकते हैं। ये छोटे रनवे पर बड़ी आसानी से लैंड कर सकता है। बिजनेसमैन और वीआईपी लोग इसी तरह के प्लेन का इस्तेमाल करते हैं भाई। लेकिन यह प्लेन भी हादसे का शिकार हो गया। जो पांच लोग इस प्लेन में मौजूद थे वो सब आज इस दुनिया में नहीं हैं। जानते हैं उनमें कौन-कौन सवार था। पहले तो अजीत पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम जो आज हमारे बीच नहीं है।

दूसरे एच सी विदिप जाधव जो अजीत पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी थे। कैप्टन सुमित कपूर जो पायलट थे। कैप्टन श्यामभवी पाठक जो पायलट थी। उसके बाद उत्तर प्रदेश की पिंकी माली जो फ्लाइट अटेंडेंट थी। यह सब आज हमारे बीच इस दुनिया में नहीं है। दोस्तों, कारण यह बताया जा रहा है कि भैया प्लेन हादसा कम विजिबिलिटी की वजह से हो गया। तो अब सवाल यह है कि अगर विजिबिलिटी नहीं थी, कम थी, तो प्लेन लैंड ही क्यों किया गया? सवाल बहुत सारे हैं। लेकिन भारत का एिएशन मंत्रालय बिल्कुल दो कौड़ी का साबित हो गया। उसकी कोई जिम्मेदारी, कोई जवाबदेही है ही नहीं। अरे इतनी बड़ी घटना हो गई। पूरा देश हाकार कर रहा है। पूरे देश में हाय तौबा मची है।

लेकिन मंत्री जी मुंह में दही जमाए बैठे हैं। दोस्तों ये विजिबिलिटी वाली कहानी बिल्कुल बकवास मालूम पड़ती है। अगर यकीन नहीं हो रहा है तो प्लेन हादसे का ये सीसीटीवी फुटेज खुद अपनी आंखों से देख लीजिए। गौर से देखिएगा। शायद आप प्लेन नहीं देख पा रहे होंगे। लेकिन ऊपर यहीं आसमान में इसी जगह पर प्लेन मंडरा रहा है। देखिए देखिए। और यह प्लेन कैसे नीचे गिर गया। और ये देखिए आग का गुबार कितना भयानक कितना भयावह। इतना भयानक गुबार तो तभी होता है ना जब ब्लास्ट होता है। जब कोई तीव्र गति से प्लेन नीचे गिरता है और बड़ा बंपार्टमेंट यानी बड़ा ब्लास्ट होता है। तभी तो ऐसा होता है। दोस्तों ये सीसीटीवी फुटेज आपने देखी। अभी भी अगर आपको समझ नहीं आया तो फ्लाइट रडार का ये डाटा देखिए। मैप के थ्रू समझिए कि ये प्लेन कैसे उड़ान भरता है और कैसे क्रैश हो जाता है।

भरत जी एक-एक पॉइंट समझा रहे हैं। उनसे उनसे समझिए और देखिए कि कैसे ये प्लेन उड़ान भरता है और कैसे ये एकदम से आसमान में गायब हो जाता है यानी क्रैश हो जाता है। देखिए यहां पर आप देखिए ये सारी फ्लाइट्स हवा में उड़ रही हैं। देखिए ये ये मुंबई का इलाका है। मुंबई के इलाके से इस पर नजर रखिए। एलजे 45 ये जो फ्लाइट है एलजे 45 ये वो फ्लाइट है जिस फ्लाइट में लाल रंग की जो फ्लाइट आपको दिखाई दे रही है ये वो फ्लाइट है और ये एक्चुअल फ्लाइट है ये कोई ग्राफिक्स से बनाई गई नहीं है ये एलजे 45 यहां पर आती है। अब आप देखिए कि जब ये फ्लाइट यहां पर आती है जो मैं अभी बात कह रहा था कि फ्लाइट हवा में घूमती है वो यहां पर होता हुआ एक्चुअल आपको दिखाई देगा। ये देखिए ये फ्लाइट ये फ्लाइट यहां से निकलती है। देखिए फ्लाइट यहां से निकलती है और निकलते हुए आगे पहुंचती है।

ये देखिएगा ये फ्लाइट यहां से ये फ्लाइट यहां से निकलती है। थोड़ा ज़ूम करिए। थोड़ा ज़ूम करिए। ज़ूम करके दिखाइए। LJ 45 नंबर की फ्लाइट यहां से निकलती है। एक बार टेक ऑफ करने की कोशिश करती है। बारामती हवाई अड्डे पर नीचे उतरती है। लेकिन वो उतर नहीं पाती है और और और पायलट उसको फिर से घुमा लेते हैं। घुमा करके जैसे ही वो नीचे उतरने की कोशिश करते हैं फ्लाइट गायब हो जाती है रडार से। गायब हो जाने का मतलब यह है कि उसका सिग्नल खत्म हो जाता है। आप देखिए कि यह लाल रंग की फ्लाइट है LJ 45। यह आ रही है अपनी स्पीड से और ये यहां पर पहुंचने में 45 मिनट लेती है जो आपको दिखाई दे रहा है और 45 मिनट में ये यहां पहुंच जाती है

और उतरने की कोशिश करती है उतर नहीं पाती है। फिर यह हवा में एक बार पायलट इसको चक्कर लगाता है कि शायद दोबारा से इसको उतार लेंगे। लेकिन वो उतार नहीं पाता है और वो वहां पर क्रैश हो जाती है। क्रैश का वीडियो हमने आपको दिखाया। दोस्तों अजीत पवार की मौत के बाद चाहे कार्यकर्ता हो, नेता हो, पत्रकार हो या फिर आम आदमी हो। हर कोई बस यही जानना चाहता है कि अजीत दादा की मौत हादसा थी या साजिश। चलते-चलते आज तक की ये खबर आपको दिखाते हैं। देखते चलिए। भाजपा को नहीं रही अजीत पवार की जरूरत। क्या पार्टी छुटकारा पाना चाहती है? नहीं नहीं ये मैं नहीं कह रही हूं। ये बड़े मीडिया चैनल की खबर है। देखिए अंदर क्या लिखा है? पढ़कर सुनाती हूं। इन्होंने लिखा है कि एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार को महायुती मिलाने को लेकर बीजेपी में अंतरविरोध रहा है। यह अंतर्विरोध एक बार फिर उठ गया।

पर जिस तरह शिवसेना नेता डिप्टी सीएम एकनाथ शिंद के पर्व निकल रहे हैं। क्या बीजेपी पवार से छुटकारा पाने का रिस्क लेगी?
सवाल बहुत सारे हैं। आज सवाल सिर्फ अजीत पवार की मौत पर नहीं उठ रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह भी है कि भारत के वीआईपी लोग प्लेन और हेलीकॉप्टर क्रैश में ही क्यों मारे जा रहे हैं? और खासतौर पर सीएम और डिप्टी सीएम टाइप के लोग। 2014 में 3 जून को केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम गोपीनाथ मुंडे की सुबह 6:30 बजे एयरपोर्ट जाते समय दिल्ली में सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है। सब हैरान थे कि भैया जब नेताओं की फ्लट के समय सड़कें खाली करा दी जाती है तो फिर कैसे गोपीनाथ मुंडे की सड़क हादसे में मौत हो गई।

उसके बाद 8 दिसंबर 2021 तीनों सेनाओं के मुखिया विपिन रावत की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो जाती है। उसके बाद 21 जून 2025 को गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के एयर इंडिया क्रैश में मौत हो जाती है और अब अजीत पवार का दो-दो इंजन वाला लेयर जेट 45 प्राइवेट प्लेन ही क्रैश हो जाता है और उनकी मौत हो जाती है। महाराष्ट्र के दो डिप्टी सीएम गोपीनाथ मुंडे और अजीत पवार 2014 के बाद मारे जाते हैं। एक पूर्व सीएम विजय रूपाणी प्लेन क्रैश में मारे जाते हैं। तीनों सेनाओं के प्रमुख हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे जाते हैं। क्या यह सब कुछ सिर्फ इत्तेफ़ाक है? जवाब कमेंट में दीजिएगा.

Leave a Comment