महाराष्ट्र सरकार में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार अब नहीं रहे। 67 साल की उम्र में अजीत पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। जिसके बाद तमाम तरीके की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। आखिर अजीत पवार के साथ हुए इस विमान दुर्घटना की वजह क्या रही? क्योंकि हर किसी के ज़हन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अजीत पवार कैसे इस विमान दुर्घटना का शिकार हुए? विमान में क्या कमियां रही? किस कारण विमान लैंडिंग के वक्त दुर्घटनाग्रस्त हुआ? और सबसे बड़ा सवाल कि दुर्घटनाग्रस्त होते ही पूरे विमान में कैसे ब्लास्ट हुए? किस तरीके से पूरा विमान एकदम से आग का गोला बन गया? यह तमाम तरीके के सवाल अब सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे हैं।
तो देखिए अजीत पवार के साथ हुए इस हादसे के पीछे की जो जो भी वजह है वो चश्मदीपद ने बताई है। वो वहां पे जिस वक्त बारामती में यह उनका हेलीकॉप्टर यानी अजीत पवार का हेलीकॉप्टर उतरा और उसके बाद लैंडिंग के समय जिस तरह से प्लेन क्रैश हुआ उस वक्त जो लोग वहां पे मौजूद थे जो आईबिटनेस थे उन्होंने इसकी वजह बताई है वो बताए हैं कि उस दौरान क्या कुछ हुआ है। आपको बता दें कि फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है कि हादसे की वजह क्या थी। आपको बता दें कि इस प्लेन में दो क्रू मेंबर अजीत पवार और उनके दो सहयोगी यानी कुल पांच लोगों की मौत हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई से बारामती जा रहा यह प्लेन एक चार्टर प्लेन था जिसका नंबर वी टीएसएस के एलजे 45 था। बताया गया है कि यह प्लेन बारामती में उतरने की कोशिश कर रहा था लेकिन क्रैश हो गया। चश्मदीद ने बताया है बहुत दुख भरी घटना है। जब यह प्लेन नीचे जा रहा था तो ऐसा लग रहा था कि उसका क्रैश हो जाएगा। हम सोच ही रहे थे तभी क्रैश हो गया। हमें लगा नहीं कि क्रैश होगा। एक बार को एयर स्ट्रिप हुआ।
फिर उसके बाद कैसे नाप पता क्रैश हो गया और उसमें जबरदस्त विस्फोट हो गया। चश्मदीद आगे बताते हैं विस्फोट होने के बाद जब हम देखने आए तो उसमें आग लग गई थी। उसके बाद चार से पांच विस्फोट और हुए तब तक और लोग आ गए थे। लोगों ने कोशिश की कि बचाया जा सके लेकिन बड़ी आग थी इसलिए कुछ नहीं किया जा सका। आपको बता दें कि इसी के साथ एक और आई विटनेस ने बताया है कि दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई जिसके बाद लगातार चार से पांच विस्फोट हुए। यह बयान हादसे की गंभीरता दिखाते हैं। लेकिन साथ ही एक सवाल भी छोड़ते हैं। लैंडिंग के आखिरी पलों में ऐसा क्या हुआ? तकनीकी खराबी या कुछ और?
सरकारी बयान में शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी और लैंडिंग के दौरान कंट्रोल फेल होने की बात कही जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या एक अनुभवी क्रू और वीआईपी मूवमेंट वाला विमान इतनी आसानी से कंट्रोल खो सकता है? क्या विमान की मेंटेनेंस रिपोर्ट पूरी तरह क्लियर थी? क्या लैंडिंग स्ट्रीप पूरी तरह सुरक्षित और तैयार थी?
क्या मौसम को लेकर कोई चेतावनी थी जिसे नजरअंदाज किया गया? या फिर किसी गड़बड़ी को तकनीकी कारण कहकर ढक दिया जाएगा। साजिश का एंगल क्यों उठ रहा है? अजीत पवार कोई सामान्य नेता नहीं थे। वे महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्रबिंदु रहे। पिछले कुछ वर्षों में उनकी राजनीति भूमिका, फैसले और गठबंधन हमेशा चर्चा में रहे। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है। क्या यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या फिर किसी तरह की सुरक्षा चूक जानबूझकर हुई। क्या वीआईपी मूवमेंट में मानक प्रक्रियाओं से समझौता किया गया? कुछ लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या विमान की आखिरी पलों में एटीसी रिकॉर्डिंग और ब्लैक बॉक्स डाटा पूरी तरह सार्वजनिक किया जाएगा?
अब इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या एक सामान्य विमान दुर्घटना में चार से पांच धमाके हो सकते हैं? आपको बता दें कि सोशल मीडिया एक्स पर डॉक्टर रंजन नाम के एक यूजर आई विटनेस की वीडियो शेयर करते हुए लिखते हैं एक जबरदस्त धमाका हुआ। उसके बाद हम यहां दौड़े आए और देखा कि विमान में आग लगी हुई है। विमान में फिर से चारप बार धमाके हुए। विमान दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी क्या एक सामान्य विमान दुर्घटना में चार से पांच धमाके हो सकते हैं? क्या अजीत पवार के विमान में तोड़फोड़ की गई थी?
आपको बता दें कि इसी के साथ पत्रकार विनीता यादव भी इसी मुद्दे पर सोशल मीडिया एक्स पर तंज कसते हुए लिखती हैं। इसका क्या मतलब हुआ? क्या समझा जाए? आपको बता दूं इस हादसे को लेकर विपक्ष की तरफ से जांच की मांग की जा रही है। विपक्ष के तमाम नेता हादसे की जांच की मांग कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ सीएम ममता बनर्जी कह रही हैं कि अजीत पवार एनडीए छोड़कर वापस शरद पवार के साथ आने वाले थे और अब यह घटना हो गया। यह बात किसी पर आरोप नहीं लगाती लेकिन यह जरूर पूछती है। अगर सब कुछ सामान्य था
तो हादसे की परिस्थितियां इतनी असामान्य क्यों थी? अगर यह सिर्फ दुर्घटना थी तो सरकार स्वतंत्र जांच से क्यों डर रहती है? अंत में आज देश शोक में है। लेकिन लोकतंत्र में शोक के साथ सवाल भी जरूरी होते हैं। क्योंकि अगर सवाल दबा दिए गए तो सच्चाई भी मलवे में दफन हो जाएगी। हादसा आसमान से गिरा लेकिन उसके जवाब जमीन पर देने होंगे। फिलहाल ये तमाम चीजें सोशल मीडिया पर पूछी जा रही हैं। यूज़र्स के जरिए लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह सच में एक हादसा था या फिर साजिश? लेकिन इस खबर में इतना ही है और आपको क्या लगता है इस तमाम खबर पे?