14 वर्षीय सिद्धार्थ ने AI के माध्यम से 7 सेकंड में हृदय संबंधी समस्याओं का पता लगाया..

ai detector

टेक्नोलॉजी और एआई ने हमारी जिंदगी को इतना ज्यादा आसान बना दिया है कि अब हर कोई उसकी ओर दौड़ता है हर काम के लिए हम एआई की तरफ देखते हैं लेकिन जो हम बड़े बुजुर्ग एआई की तरफ अपना काम आसान करने के लिए जाते हैं आपने कभी क्या ऐसा सोचा है कि एक 7 साल का छोटा बच्चा उस एआई को बना देगा.

जी हां मात्र 14 साल के सिद्धार्थ नंदियाला ने यह काम कर दिया है अब आखिर यह बच्चा है कौन और इसने क्या किया है चलिए आज की वीडियो में जानते हैं नमस्कार मैं हूं आप सभी के साथ कृतिका और आप देख रहे हैं बोल्ड स्काई मात्र 14 साल की उम्र में सिद्धार्थ नंदियाला पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थ केयर की दुनिया में हलचल मचा रहे हैं.

जी हां भारत के अनंतपुर से और अब टैक्सेस के फ्रिस्को में रहने वाले सिद्धार्थ दुनिया के सबसे कम उम्र के एआई प्रमाणित पेशेवर यानी कि एंप्लॉय बन चुके हैं जिनके पास ओरेकल और एआरएम की डिग्री भी मौजूद है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिद्धार्थ ने केरविया नाम के एक अभिनव एआई संचालित एप्लीकेशन को डेवलप किया है.

जो स्मार्टफोन आधारित हृदय ध्वनि यानी कि हार्ट बीट रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल करके 7 सेकंड के भीतर आपके हार्ट डिजीज का पता लगा सकता है जी हां 96% से भी ज्यादा की उल्लेखनीय सटीकता दर के साथ इस टेक्नोलॉजी का परीक्षण पहले ही अमेरिका में 15,000 से ज्यादा पेशेंट्स पर हो चुका है.

और भारत में 700 रोगियों पर अभी किया जा रहा है इस एप्लीकेशन का मिशन हृदय संबंधी बीमारियों का जल्द से जल्द पता लगाना है ताकि सही बीमारी का पता लगाने के बाद उसका जल्द से जल्द इलाज किया जा सके स्वास्थ्य सेवा में अपने योगदान से परे सिद्धार्थ एक निपुण टेक्नोलॉजी उद्यमी हैं.

वो एसटीईएमआईटी के संस्थापक और सीईओ हैं जो दुनिया भर के बच्चों के बीच एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक पहल है एसटीईएमआईटी के माध्यम से वो युवा शिक्षार्थियों यानी कि यूथ टीचर्स को कोडिंग रोबोटिक्स और एआई से रिलेटेड इंफॉर्मेशन प्रोवाइड करता है.

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