क्या आपने T20 वर्ल्ड कप के दौरान उस चेहरे को देखा जिसने चौकों और से ज्यादा सुर्खियां बटोरी। भारत और अमेरिका के मैच के बीच कैमरा स्टैंड्स में बैठी एक लड़की पर गया और बस वही एक पल इंटरनेट पर भूचाल लाने [संगीत] के लिए काफी था। नीली जर्सी, प्यारी सी मुस्कान और रातों रात 3000 फॉलोअर्स का लाखों में बदल जाना। लेकिन ठहरिए। क्या आप जिसे देख रहे हैं वह सच [संगीत] में एक इंसान है या फिर हमारी आंखों को धोखा दिया जा रहा है? क्या यह वायरल लड़की महज कंप्यूटर [संगीत] पर बनी एक कोडिंग है? आज हम इसी वायरल मिस्ट्री का पूरा सच खंगालेंगे। नमस्कार, मैं हूं सिद्धार्थ प्रकाश। [संगीत] आज हम बात करेंगे डिजिटल दुनिया के उस फरेब की जिसने क्रिकेट फैंस के साथ-साथ इंटरनेट की दुनिया को भी दो हिस्सों में बांट दिया है। कहानी शुरू होती है
CC मेंस T20 वर्ल्ड कप के एक रोमांचक [संगीत] मैच से। भारत और अमेरिका आमने-सामने थे। मैच का रोमांच अपनी जगह था लेकिन सोशल मीडिया पर एक अलग ही गेम चल रहा था। आयरा रावत नाम की एक लड़की की तस्वीरें हर जगह वायरल होने लगी। नीले रंग की टीशर्ट और सफेद स्कर्ट में मैच का लुत्फ उठाती आयरा का रिएक्शन, [संगीत] उनकी मुस्कुराहट और उनका अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि लोग मैच का स्कोर भूलकर उनकी प्रोफाइल [संगीत] खोजने लगे। देखते ही देखते Instagram पर उनके फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई। जो आंकड़ा 3000 पर था वो कुछ ही घंटों में लाखों पार कर गया। सब कुछ फिल्मी लग रहा था। जैसे किसी को रातोंरात स्टारडम मिल गया हो। लेकिन कहते हैं ना कि जब कोई चीज हद से ज्यादा परफेक्ट [संगीत] होती है तो वहां दाल में कुछ काला जरूर होता है।
आयरा रावत की वायरल तस्वीरों के साथ भी यही हुआ। जैसे ही नशा उतरा इंटरनेट के जासूसों ने उन तस्वीरों को गौर से देखना शुरू किया। लोगों ने नोटिस किया कि आयरा के चेहरे की बनावट, स्किन की स्मूथनेस और जिस तरह की लाइटिंग उनके चेहरे पर पड़ रही थी, वह आम इंसानी तस्वीरों से काफी अलग थी। सवाल उठने लगे कि क्या स्टेडियम की भीड़ में किसी की फोटो इतनी परफेक्ट आ सकती है? बस यहीं से यह थ्योरी शुरू हुई कि आयरा रावत कोई असली लड़की नहीं बल्कि एक एआई जनरेटेड इमेज यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कमाल है।
अब आप सोच रहे होंगे कि भला कोई नकली इंसान इतना फेमस कैसे हो सकता है? तो आपको बता दूं कि यह एआई इन्फ्लुएंसरर की दुनिया है। यह एक ऐसी वर्चुअल पर्सनालिटी होती है जिसे एडवांस 3D डिजाइन और एआई की मदद से बनाया जाता है। इनका असली दुनिया में कोई वजूद नहीं होता लेकिन सोशल मीडिया पर यह खाते हैं, पीते हैं, घूमते हैं और बड़े-बड़े ब्रांड्स का प्रमोशन भी करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण लिल मिक्वेला है। जिन्हें 2016 में बनाया गया था और आज उनके लाखों चाहने वाले हैं। आयरा रावत को लेकर भी यही कहा जा रहा है कि वह इसी टेक्नोलॉजी का एक नया नमूना है।
तो क्या आयरा सच है या झूठ? देखिए अभी तक आयरा रावत की तरफ से या उन्हें बनाने वालों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कई ऑनलाइन एआई डिटेक्शन टूल्स ने इन तस्वीरों पर रेड फ्लैग लगाया है। यह खबर सिर्फ एक लड़की के वायरल होने की नहीं है बल्कि यह बताने के लिए काफी है कि अब हम उस दौर में हैं जहां अपनी आंखों पर भी भरोसा करना मुश्किल हो गया है। [संगीत] अगली बार जब आप किसी वायरल चेहरे को फॉलो करें तो एक बार जरूर सोचिएगा कि आप किसी इंसान को पसंद कर रहे हैं या किसी एआई क्रिएशन को।