अजीत पवार प्लेन क्रैश में नया मोड़ आ गया। मामला कहीं से नहीं दबा। फाइल कहीं से नहीं दबा। रोहित पवार विधायक और अजीत पवार के जो भतीजे हैं मोर्चा को पूरी तरीके से संभाले हुए हैं। और आज पार्लियामेंट के अंदर इस मामले को संजय राउत ने उठाने का काम किया। मतलब कुल मिला के मामला धीरे-धीरे गंभीर हुआ चला है। और गंभीर इसलिए भी हो गया क्योंकि एयर इंडिया एआई171 की जो रिपोर्ट आई है जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री पूर्व विजय रूपाणी सवार थे। उनको लेकर जो रिपोर्ट आई है इसलिए अजीत पवार के मामले में परिवार से लेकर जो राजनेता उनके समर्थक हैं वह भी बड़े चौकन्ना हो गए हैं और इस रिपोर्ट को चाहते हैं कि पूरी निष्पक्ष तरीके से जांच हो।
देखिए आपको बता दें जानकारी के लिए कि अहमदाबाद का जो एयर इंडिया एआई71 जो प्लेन क्रैश हुआ सुमित सवरवाल जो कैप्टन थे उसको लेकर ये जो ब्लैक बॉक्स प्राप्त हुआ था उस मामले में वो ब्लैक बॉक्स गया था यूएस। यूएस के अंदर इंडिया और यूएस की टीम मिलकर के जांच कर रही थी कि अहमदाबाद का वह प्लेन क्रैश कैसे हुआ? तो जांच में जो रिपोर्ट इटालियन मीडिया ने जो सोर्स से दिया वो ये दिया कि इंटेंशनली पायलट ने जो फ्यूल स्विच है उसको बंद करने का काम किया और हमने ये देखा भी जो एआईबी ने रिपोर्ट जारी किया जो शुरुआती रिपोर्ट जारी किया उसमें ये था जो पायलट दूसरे पायलट से कह रहा है कि तुमने जो है वो क्यों बंद कर दिया स्विच क्यों बंद किया पेट्रोल का?
दूसरा पायलट रिप्लाई करता है कि हमने नहीं बंद किया। दूसरा पायलट जब ततब उस ऑन करता है दूसरे इंजन को इंजन स्टार्ट होते-होते जो है पूरा स्टार्ट नहीं हो पाता और प्लेन जाकर के क्रैश कर जाता है। ये रिपोर्ट निकल के आई एयर इंडिया के मामले कि पायलट जो है वो इंटेंशनली जो है स्विच को बंद कर दिया। अब सवाल जो है संजय राउत ये उठा रहे हैं और रोहित पवार ये उठा रहे हैं कि पायलट पे दबाव दबाव दिया जाता है। पायलट जो है उसको मजबूर किया जा रहा है। इसकी जांच हो कि पायलट पे कौन दबाव दे रहा है जो इंटेंशनली घटनाएं हो रही है।
ये जो इंटेंशनली घटनाएं हुई इसको लेकर के भी रोहित पवार ने ट्वीट किया। कई सवाल उठाए कि अब तो हमारा जो हमने जो आरोप लगा रहे हैं वो और ठोस होता जा रहा है। अब सीधे मुद्दे पे आते हैं कि नया खुलासा क्या हुआ और उस खुलासे के बाद सीधा पार्लियामेंट की वीडियो दिखाते हैं जो संजय राउत ने वहां पे उठाया है। देखिए नया खुलासा क्या है? देखिए फोन कॉल फाइल और बदल गया अजीत पवार का पूरा प्लान। विमान हादसे में चौंकाने वाला खुलासा। खुलासा देखिए। क्या खुलासा? उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे को लेकर अब एक चौंकाने वाला दावा सामने आया। एनसीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और उनके करीबी सहयोगी प्रमोद हिंदुराव ने शोक सभा में ऐसा बयान दिया जिससे सियासी हलचल तेज हो गई।
अजीत पवार ने करीबी प्रमोद ने कहा कि अजीत पवार पहले सड़क मार्ग से मुंबई से बारामती जाने वाले थे लेकिन आखिरी वक्त में एक फोन कॉल आया और पूरा कार्यक्रम बदल गया। इसी बदलाव के बाद उन्होंने विमान से यात्रा करने का निर्णय लिया। देखिए ये बातें रोहित पवार ने भी कहा था कि जो चाचा हैं हमारे वो कभी जो है प्लेन से बहुत कम ही सफर उस तरह का करते थे और अचानक एक फोन आया कि आपको एक फाइल पे साइन करना है मंत्रालय से फोन आया और इनको जो जाना था कार से वो उन्हें लौटना पड़ा आवास पे और मंत्रालय जाकर के साइन करना पड़ा और वहां से जब क्योंकि सभा में पहुंचा जाना था तो तुरंत के जो है वह प्लेन लेना पड़ा और प्लेन से वह वहां पे गए और कैप्टन के बारे में यह कहा जा रहा है कैप्टन बदल गया जो कैप्टन इनके थे
सुमित वो कैप्टन इनके नहीं थे इनके कैप्टन कोई और थे। वह जाम में फंस गए थे इसलिए कैप्टन बदल गया। इस तरह की बात भी सामने आई। देखिए अब जो इनके भतीजे हैं अजीत पवार के रोहित पवार वो वीडियो कॉन्फ्रेंस में क्या आरोप लगा रहे हैं वो आरोप को सुनाने से पहले सीधा आप वीडियो देखिए पार्लियामेंट की क्या कह रहे हैं संजय राउत। आज मुझे अजीत पवार जी की याद आ रही है। फिर हमारे बड़े नेता थे महाराष्ट्र के। आपके साथी भी रहे। हमें आज बहुत सालों से तीन साल से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से उनकी मौत हो गई। आज भी हम लोग सदमे में है कि यह कैसा हो गया।
इतना एक दमदार आदमी जिस तरह से उनकी मौत हो गई, दुर्घटना हो गई। आज भी हम लोग सदका टाइम खत्म हो गया। ठहरो सर अजीत पवार के ऊपर 7000 करोड़ के सिंचाई घोटाले का आरोप किया था। आपकी सरकार ने आपकी सरकार ने किया। लेकिन वो भारतीय जनता पार्टी के साथ आ गए और पवित्र हो गए। 15 जनवरी को अजीत पवार जी ने एक बयान दिया था। 15 जनवरी को अजीत पवार ने बयान दिया था और भारतीय जनता पार्टी को एक जवाब दिया था। आप के क्या कहा था कि अगर आप सिंचाई घोटाले का आरोप करते हो यह विषय नहीं है सिंचाई घोटाले का आरोप करते हो तो सिंचाई घोटाले का पैसा नहीं है भारतीय जनता पार्टी ने भी इस सिंचाई घोटाले में जमकर पैसा खाया है और भारतीय जनता पार्टी की फाइल मेरे पास है।
यह अजीत पवार का बयान 15 जनवरी को आया है और उसके बाद 10 दिन बाद अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत होती है। देखिए मैं आरोप नहीं कर रहा हूं लेकिन यह बहुत रहस्यपूर्ण है। आपके ऊपर आरोप किया फाइल कहां है? मेरी जानकारी है कि अजीत पवार वो फाइल हमेशा अपने साथ रखते थे। जब मुंबई से वो निकले बारामती में तब भी वो फाइल उनके पास थी और आधे घंटे में अजीत पवार जी की दर्दनाक दर्दनाक मौत हो गई। उसकी जांच होनी चाहिए और यह जांच इस तरह से होनी चाहिए। एक इंडिपेंडेंट जुडिशियल इंक्वायरी होनी चाहिए कि ये क्या है? धन्यवाद का आरोप मुझे तो जस्टिस लोया की याद आ गई। मुझे जस्टिस लोया की याद आ गई।
जब अजीत पवार का एक्सीडेंट मैंने देखा तो मुझे जस्टिस लोया की याद आ गई। क्या इस प्रकार का कोई हादसा तो नहीं हो गया? देखिए देखिए सुनने की आदत रखो। ये डेमोक्रेसी है। आप सुनने की आदत रखो। देखिए जो नए खुलासे की हम बात कर रहे थे उसमें आगे उन्होंने क्या कहा एक और आर्टिकल मिला मुझे जरा देखिए उन्होंने कहा कि मंत्रालय भी से एक महत्वपूर्ण फाइल क्लियर करने की बात कही गई थी उसके बाद अजीत पवार ने अपने सचिव को जरूरी कागजात लाने के लिए कहा आने में देर हो गई और रात काफी हो चुकी थी इसी वजह से अजीत पवार ने अगले दिन सड़क सड़क मार्ग के बजाय विमान से जाने का निर्णय लिया हालांकि यह फोन किसका था इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी कि किसने अजीत दादा को फ़ किया था। यह तमाम बातें देखिए अब संजय राउत को आपने सुना।
उन्होंने तमाम तरह की बातें वहां पर रखी। देखिए एक हेडलाइंस देखिए। अजीत पवार विमान हादसे की जांच पर संजय राउत के गंभीर सवाल। का एजेंसियां समझौता कर चुकी है। तो उन्होंने जो एजेंसी है भारत की उस पे भी सवाल उठाया कि वह जांच कर ही नहीं सकती है सही से और वह समझौता कर चुकी है। क्योंकि देखिए विजय रूपाणी का केस इस तरह का जो गुजरात में हुआ मामला और अब रिपोर्ट यही निकल के आ रही है शुरुआती कि जो इटालियन रिपोर्ट है वो ये कह रही है इटालियन रिपोर्ट कि इंटेंशनली बंद किया गया था। और एक बड़ी बात और बड़ी खबर आपको हम यहां पे बताते हैं कि जो विमान आया था उसको लेकर संजय राउत ने क्या कहा जरा देखिए संजय राउत ने कहा हादसे में शामिल विमान गुजरात से आया था जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हुआ है लोगों का शक करना स्वाभाविक है|
जिस विमान में अजीत दादा सवार थे वह भी गुजरात से आया था| अहमदाबाद विमान हादसे को देखिए लगभग 300 लोग मारे गए| लेकिन उसकी जांच का क्या हुआ? कोई बता सकता है कि वह विमान कैसे गिरा? उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की जांच एजेंसियों पर भरोसा करने की अपील को खारिज करते हुए यह सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कोई भरोसा नहीं और सीधा सवाल कि जो Air इंडिया AI171 क्रैश हुआ जिसमें विजय रूपाणी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सवार थे वो भी विमान गुजरात से आया था। अजीत पवार जिसमें सवार थे वो भी विमान गुजरात से आया था। इसलिए जो है इनके हिसाब इनको जो है शक की सुबह की गुंजाइश ज्यादा बढ़ जा रही है।
तो ये तमाम चीजें और अजीत पवार की जो हादसा हुआ उस हालांकि ये लोग हादसा मानने को तैयार नहीं है। एक साजिश और गहरी साजिश मान रहे हैं। लेकिन इसमें ये कहा गया जो शुरुआती रिपोर्ट आया ब्लैक बॉक्स का अजीत पवार के मामले में वो ये है कि विजिबिलिटी जो है वो नहीं थी और पायलट ने जो है लैंडिंग का प्रयास किया पायलट की यहां पे कुल मिला के गलती जो है शुरुआती रिपोर्ट में बताई जा रही है। देखिए इसको अब अजीत पवार के जो भतीजे हैं रोहित पवार उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और अजीत पवार विमान हादसा रोहित पवार ने साजिश का आरोप लगाया उठाया सवाल देखिए वीडियो जरा देखिए क्या कह रहे हैं रोहित पवार एक कोई तो फाइल थी
जो फाइल शायद 10 दिन के बाद 15 दिन के बाद वो सिग्नेचर हो सकती थी लेकिन कहा गया कि कुछ भी करो लेकिन ये फाइल पे आज ही आज साइन करना पड़ेगा दादा की आदत अगर आप देखो तो इमीडिएटली कोई भी फाइल वो पेंडिंग नहीं रखते थे तो उनको लगा उनके घर में वो फाइल है लेकिन इनेशन निकालने के बाद वो फाइल मंत्रालय में थी। मंत्रालय से वो फाइल उस ट्रैफिक में घर पे लाई गई और लाने के बाद वो एक्चुअली सिग्नेचर वहां पे हुआ और उसके कारण जो लेट हुआ तो दादा के पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं था। इसीलिए उसके बाद दादा ने निर्णय लिया कि आप एक काम कीजिएगा। प्लेन वो बुक कीजिएगा। फिर उसके बाद प्लेन वहां पे बुक किया गया। अभी किसने उनको कहा या सजेस्ट किया वो मैं तो नहीं बता सकता।
उसके बारे में इंफॉर्मेशन मेरे पास नहीं। जो इंफॉर्मेशन मेरे पास थी वो आपको बताई। फिर 27 तारीख के बाद 28 तारीख का प्रोग्राम मैंने आपको बताया था। कैसे-कैसे वो फ्लाई किए। इसलिए ये 27 और 28 का विषय वहां पे है। कुल मिलाकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुजरात से ये प्लेन आया और गुजरात से आया। किससे आखिरी कॉल अजीत दादा बात किए? यह तमाम सवाल इस वक्त उठ रहे हैं। लेकिन आप बताइए क्या इस वक्त की महाराष्ट्र की चाहे भारत की एजेंसियों पे आप भरोसा करते हैं कि सही जांच हो पाएगा? क्योंकि संजय राउत को बिल्कुल भरोसा नहीं है। तो फिलहाल इस वीडियो में इतना मिलते हैं.