राजपाल यादव एक फिल्म के चक्कर में कैसे पहुंचे जेल? पैसों की तंगी की वजह से रोते-रोते गए तिहाड़ जेल..

फिल्म बनाने का शौक राजपाल यादव को इतना महंगा पड़ा कि उन्हें जेल तक जाना पड़ गया है। ₹9 करोड़ के चेक बाउंस केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने पैसे जमा करने की डेडलाइन आगे बढ़ाने से साफ मना कर दिया है। मजबूरन राज्यपाल को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है। जेल जाने से पहले वो काफी इमोशनल हो गए इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि मुसीबत के वक्त उनकी मदद करने के लिए फिल्म इंडस्ट्री से कोई भी आगे नहीं आया है। NS एक्स को दिए गए बयान में राजपाल रोते हुए कहते हैं सर क्या करूं मेरे पास पैसे नहीं है और कोई उपाय भी नहीं दिखता। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म इंडस्ट्री से किसी ने उनकी मदद की? राजपाल कहते हैं यहां हम सब अकेले हैं। कोई भी दोस्त नहीं है। मुझे इस मुसीबत का सामना खुद ही करना पड़ेगा। राजपाल ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में काम किया है।

उन्हें इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक माना जाता है। फिर हेराफेरी, भूल भुलैया, क्रेजी फोर, हंगामा, गरम मसाला, भागमभाग और चुपके-चुपके में उनके काम की लोग आज भी तारीफ करते हैं। उनके काम को लोग आज भी पसंद करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि वो ₹9 करोड़ के इस केस में फंसे कैसे? पूरा मामला समझने के लिए आज से 16 साल पहले यानी 2010 में जाना होगा। दरअसल 2010 में राजपाल बतौर डायरेक्टर एक फिल्म बनाना चाहते थे। फिल्म का नाम अतापता लापता। इस मूवी से वो अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू कर रहे थे। उनकी पत्नी राधा यादव फिल्म की प्रोड्यूसर थी। फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने दिल्ली बेस्ड कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से ₹5 करोड़ का लोन लिया था। इस भरोसे के साथ कि वह सूद समेत ₹8 करोड़ वापस लौटा देंगे।

बाद में इस अमाउंट कोघटाकर 7 करोड़ कर दिया गया। बावजूद इसके गया हुआ पैसा कभी लौट कर नहीं आया। 2012 में फिल्म रिलीज़ हुई और बॉक्स ऑफिस पर लापता हो गई। 5 करोड़ में बनी इस मूवी ने मात्र ₹38 लाख का कलेक्शन किया था। ऐसे में राजपाल और राधा पर भारीभरकम कर्ज आ गया। उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स को जो सात चेक दिए वो भी बाउंस कर गए। मजबूर होकर लोन देने वाले कोर्ट जा पहुंचे। राजपाल और उनकी पत्नी पर तब तक केस हो चुका था। 2013 में राजपाल यादव को कोर्ट में झूठे एफिडेविफिट देने की वजह से 10 दिन के लिए जेल जाना पड़ा था। उन्होंने 3 दिसंबर से 6 दिसंबर 2013 तक 4 दिन जेल में बिताए जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक लगा दी। खैर लंबी सुनवाई के बाद अप्रैल 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल और राधा को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी पाया।

अदालत ने उन्हें दोबारा 3 महीने की जेल की सजा सुनाई। हालांकि वहां से उन्हें बेल मिल गई थी। जून 2024 में कोर्ट ने उनसे कहा कि वो बकाया पैसा ईमानदारी से चुकाएं। तब तक उन पर इंटरेस्ट जोड़कर करीब ₹9 करोड़ का कर्ज हो चुका था। अक्टूबर 2025 में उन्होंने ₹75 लाख जमा किए। लेकिन बाकी पैसा फिर भी नहीं चुका पाए। उन्होंने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में भी पैसे लौटाने का वादा किया था। मगर यह वादा भी पूरा नहीं हुआ। तंग आकर कोर्ट ने उन्हें फटकारते हुए कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। फरवरी 2026 की शुरुआत तक मामला अपने चरम पर पहुंच चुका था। ऐसे में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने राज्यपाल को तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का आदेश दे दिया।

कोर्ट ने साफ कहा कि किसी को भी चाहे वह सेलिब्रिटी ही क्यों ना हो बार-बार राहत नहीं दी जा सकती है। 4 फरवरी 2026 को राज्यपाल ने पैसे जुटाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी। मगर कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी। जज का कहना था कि राज्यपाल अब तक 20 बार पैसे लौटाने के वादे से मुकर चुके हैं। ऐसे में उन्हें और राहत नहीं दी जा सकती। 5 फरवरी 2026 को कोर्ट में आखिरी पेशी के दौरान भी उन्हें कोई छूट नहीं मिली। तब राज्यपाल के वकील ने ₹25 लाख का नया चेक देने का प्रस्ताव रखा। लेकिन जज ने सरेंडर का आदेश वापस लेने से साफ मना कर दिया था। नतीजन उसी शाम 4:00 बजे राज्यपाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। वहां उन्हें 6 महीने की सजा काटनी है। दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने अब तक जमा की गई पूरी रकम को मुरली प्रोजेक्ट्स को देने का आदेश दे दिया है।

इस मामले में राज्यपाल को आम लोगों से काफी सिंपथी मिल रही है। दूसरी तरफ सोनू सुद के अलावा फिल्म इंडस्ट्री से किसी ने अब तक इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है। सोनू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और एक्टर्स से राजपाल के लिए क्राउड फंडिंग की अपील की है। साथ ही यह वादा भी किया है कि वह राजपाल को अपनी फिल्म में कास्ट जरूर करें। हालांकि उन्होंने इसे चैरिटी मानने से मना कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तरफ से राजपाल को दिया जाने वाला पैसा दोनों के फ्यूचर प्रोजेक्ट के साइनिंग अमाउंट में एडजस्ट कर लिया जाएगा। यह तमाम जानकारी मेरे साथी शुभांजल ने जुटाई है। आपकी इस पूरी खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा

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