पहली बार बोल रहा हूं आन का बाप आज भी आधी चीजें अपने पैसों से करता है और जिस दिन अगर यह चीज आगे बढ़ी तो उस दिन मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सब खोल दूंगा। बॉलीवुड में अक्सर कहा जाता है कि स्टार किड्स को सब कुछ प्लेट में परोस दिया जाता है। बड़े-बड़े बैनर, बड़े प्रोड्यूसर, ढेर सारी फिल्में बस नाम होना चाहिए। लेकिन सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी की कहानी इस सोच को पूरी तरह गलत साबित करती है। सुनील शेट्टी जो खुद 90 के दशक के एक एक्शन हीरो रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में गुस्से में कहा धज्जियां उड़ा दूंगा हर एक को एक्सपोज कर दूंगा। यह गुस्सा उनके बेटे अहान के करियर को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड के कुछ लोग अहान के खिलाफ नेगेटिव कैंपेन चला रहे हैं। अफवाहें फैला रहे हैं और उसे फिल्मों से हटा रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक पिता का गुस्सा नहीं बल्कि बॉलीवुड की अंदरूनी राजनीति, नेपोटिज्म की कड़वी सच्चाई और एक पिता की अपने बेटे के करियर के प्रति गहरी चिंता को भी उजागर करता है। आखिर सुनील शेट्टी ने ऐसा क्यों कहा? अहान के करियर के लिए वे इतने गंभीर क्यों हैं?
फिल्म तड़प के बाद आहान को काम क्यों नहीं मिला और बॉर्डर 2 ने उनके लिए नई उम्मीद कैसे जगाई? आइए इस पूरी कहानी को गहराई से समझते हैं। बॉलीवुड के अन्ना कहे जाने वाले सुनील शेट्टी उन एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने 90 के दशक में एक्शन हीरो के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनकी पहली फिल्म बलवान से लेकर बॉर्डर, हेराफेरी और धड़कन जैसी हिट फिल्मों तक सुनील ने अपनी मेहनत और डेडिकेशन से इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाई। लेकिन उनका बैकग्राउंड फिल्मी नहीं था। उनके पिता वीरप्पा शेट्टी 9 साल की उम्र में घर से भागकर मुंबई आ गए थे।
यहां उन्होंने साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में वेटर का काम शुरू किया। टेबल साफ करना, प्लेटें धोना, खाना परोसना सब कुछ किया। दिनरा की मेहनत से उन्होंने धीरे-धीरे अपना छोटा सा रेस्टोरेंट बिजनेस शुरू किया। सुनील ने अपने पिता की इस यात्रा से बहुत कुछ सीखा। बचपन में सुनील खुद अपने पिता के होटल में पढ़ाई के साथ वेटर का काम करते थे। 9 साल की उम्र में पापा घर से भाग के मुंबई आए थे क्योंकि कुछ करना था। मुझे आज भी याद है पापा बोलते थे कि एक टेबल साफ करने के लिए हमें चार बार घूमना पड़ता था। इतना छोटा था। बचपन से ही सुनील स्पोर्ट्स में रुचि रखते थे।
खासकर क्रिकेट और मार्शल आर्ट्स में। उन्होंने किक बॉक्सिंग में ब्लैक बेल्ट हासिल की। कॉलेज के बाद वे पिता के बिजनेस में शामिल हो गए। लेकिन मन में सपना था कुछ बड़ा करने का। सुनील शेट्टी ने फिल्मों में एंट्री तब की जब वे 31 साल के थे। 1992 में आई उनकी पहली फिल्म बलवान थी जिसमें उनके साथ दिव्या भारती दिखी। फिल्म एवरेज रही और सुनील को एक्शन हीरो के रूप में पहचान मिली लेकिन शुरुआत आसान नहीं थी। उस समय अक्षय कुमार और अजय देवगन जैसे यंग एक्टर्स पहले से इंडस्ट्री में थे। सुनील को अपनी उम्र की वजह से भी चुनौती मिली।
कई क्रिटिक्स ने उन्हें स्टिफ एक्टर कहा और कहा कि वे रेस्टोरेंट बिजनेस में ही रहें। सुनील ने बताया कि पहली फिल्म हिट होने के बावजूद उन्हें लगातार साबित करना पड़ा कि वे सिर्फ एक्शन नहीं बल्कि अच्छा अभिनय भी कर सकते हैं। उन्होंने मेहनत से अपनी बॉडी बनाई, मार्शल आर्ट्स पर फोकस किया और जोखिम भरे स्टंट्स खुद किए। 1994 में मोहरा, अंत, गोपीशन और दिलवाले जैसी फिल्मों से वे सुपरस्टार बन गए। वक्त हमारा है में अक्षय के साथ उनकी जोड़ी हिट हुई। वे एक्शन, कॉमेडी और ड्रामा तीनों में फिट थे। लेकिन सफलता हमेशा नहीं रहती।
2000 के बाद उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं। उन्होंने खुद माना कि उन्होंने गलत स्क्रिप्ट्स चुनी और एक्शन हीरो की इमेज से बाहर निकलने की कोशिश की। जिससे करियर पर असर पड़ा। 2010 से 2017 तक उनका करियर लो फेज में था। कई फिल्में फ्लॉप हुई। काम कम मिला। सुनील ने कहा मेरी वजह से ही हालात बिगड़े किसी और को दोष नहीं दूंगा। इंडस्ट्री ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने फिटनेस पर फोकस किया, बिजनेस शुरू किया और रियलिटी शोज़ में आए। आज उनके पास रेस्टोरेंट्स, क्लब्स, होटल्स और शॉप्स हैं।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने उन तीनों बिल्डिंग्स को खरीद लिया, जहां कभी उनके पिता वेटर का काम करते थे। यह उनके संघर्ष की सबसे बड़ी मिसाल है। मालिक ने तीन रेस्टोरेंट्स इवेंचुअली होटल्स, बिल्डिंग्स खरीदे। तो पापा ने तीनों वो रेस्टोरेंट जहां वो काम किए उसे खरीद लिया उन्होंने। आज वो तीनों बिल्डिंग्स मेरे पास है। सुनील की शादी 1991 में माना शेट्टी से हुई और उनके दो बच्चे आिया शेट्टी और अहान शेट्टी हैं। आिया ने 2015 में फिल्म हीरो से डेब्यू किया। लेकिन उनका करियर ज्यादा सफल नहीं रहा। तीन लगातार फ्लॉप देने के बाद 2023 में उन्होंने क्रिकेटर के एल राहुल से शादी कर ली।
सुनील हमेशा से कहते आए हैं कि वे अपने बच्चों को आसान रास्ता नहीं देना चाहते। वे चाहते हैं कि अहान अपनी मेहनत से सफल हो क्योंकि इंडस्ट्री में नेपोटिज्म की वजह से स्टार किड्स को ट्रोल किया जाता है। अहान का जन्म 1995 में हुआ था और वे बचपन से ही फिल्मों में इंटरेस्टेड थे। सुनील खुद कहते हैं, मैंने कभी अहान के डेब्यू फिल्म तड़प में इंटरफेयर नहीं किया। मैंने एक फ्रेम भी नहीं देखा। यह दिखाता है कि वे कितने सीरियस हैं अहान के इंडिपेंडेंट ग्रोथ के बारे में। लेकिन जब बात इंडस्ट्री की गंदी राजनीति की आती है तो सुनील चुप नहीं रहते।
यही वजह है कि उनका गुस्सा फूट पड़ा। और जिस दिन अगर यह चीज आगे बढ़ी तो उस दिन मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर सब खोल दूंगा। अहान शेट्टी ने 2021 में फिल्म तड़प से बॉलीवुड में एंट्री की जो तेलुगु फिल्म आरx का रीमेक थी जिसमें अहान के अपोजिट तारा सुतारिया दिखी। डायरेक्टर मिलन लुथरिया थे और प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला। फिल्म की कहानी एक इंटेंस लव स्टोरी थी। जहां अहान ने एक गुस्सैल युवक का रोल प्ले किया। रिलीज से पहले काफी हाइप थी क्योंकि अहान सुनील शेट्टी के बेटे थे। ट्रेलर में आहान की फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और एक्टिंग की तारीफ हुई। लेकिन रिलीज के समय कोविड-19 महामारी का दौर था।
थिएटर्स में 50% ऑक्यूुपेंसी थी और कुछ दिनों बाद तो 25% पर आ गई। पांच राज्यों में थिएटर्स बंद थे जिस कारण बॉक्स ऑफिस पर फिल्म फ्लॉप रही। हालांकि क्रिटिक्स ने आहान की परफॉर्मेंस की तारीफ की। अहान ने खुद कहा तड़प रिलीज हुई तो लॉकडाउन था। इंडस्ट्री में फिल्में नहीं चल रही थी इसलिए लोग थिएटर्स नहीं जा रहे थे। फिल्म ने करीब 30 करोड़ कमाए लेकिन बजट को रिकवर नहीं कर पाई। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स वर्सेस इनसाइडर्स का मुद्दा जोरों पर था। अहान को नेपोकिड कहकर ट्रोल किया गया और प्रोड्यूसर्स रिस्क नहीं लेना चाहते थे। तड़प के रिलीज होने के बाद सबको लग रहा था कि अहान जो एक स्टार किड है को ढेर सारी फिल्में मिलेंगी।
आखिरकार सुनील शेट्टी जैसे पिता का बेटा होने का फायदा तो मिलना ही था। लेकिन हकीकत इससे उलट थी। तड़प के फ्लॉप होने के बाद अहान को कोई बड़ी फिल्म ऑफर नहीं हुई। सुनील ने एक इंटरव्यू में कहा लोग सोचते हैं स्टार किड्स को सब प्लेट में मिल जाता है। लेकिन अहान ने बहुत संघर्ष किया। उसने कई फिल्में खो दी क्योंकि प्रोड्यूसर्स फ्लॉप डेब्यू वाले को चांस नहीं देना चाहते। सुनील ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में फेलियर को ज्यादा सेलिब्रेट किया जाता है। जबकि सक्सेस को नहीं। यह दौर अहान के लिए मानसिक रूप से कठिन था
और सुनील ने इसे एक पिता के नजरिए से देखा। जहां वे खुद को लाचार महसूस कर रहे थे। इस दौरान अहान ने फिटनेस और एक्टिंग स्किल्स पर काम किया। लेकिन इंडस्ट्री की राजनीति ने उन्हें पीछे धकेल दिया। बॉर्डर 2 अहान के करियर का टर्निंग पॉइंट बना। सुनील ने बताया कि जेपी दत्ता ने आहान को चुना क्योंकि वे बॉर्डर की लेगसी को आगे ले जाना चाहते थे। सुनील ने आहान को सलाह दी कि बॉर्डर 2 को अपना सब कुछ दे दो। भले ही उसके बाद कोई फिल्म ना मिले। उन्होंने कहा ये फिल्म तुम्हें और मुझे दशकों तक जिंदा रखेगी। किसके आगे फिल्में करो ना करो ये फिल्म में जान लगा देना। बिकॉज़ दिस इज द फिल्म दैट विल कीप यू अलाइव लाइक इट विल कीप योर फादर अलाइव फॉर द रेस्ट। अहान ने इस फिल्म के लिए कई ऑफर्स छोड़ दिए और पूरी कमिटमेंट दिखाई लेकिन इसी कमिटमेंट की वजह से उन्हें दूसरी फिल्मों से हटा दिया गया।
सुनील ने कहा कि बॉर्डर 2 साइन करने के बाद अहान को ट्रोल किया गया और अफवाहें फैलाई गई कि वे महंगे हैं। बॉर्डर 2 का ऐलान 3 अक्टूबर 2024 को हुआ और अहान की एंट्री ने सुनील को भावुक कर दिया। एक इवेंट में सुनील रो पड़े कहते हुए कि काश उनका कैरेक्टर बॉर्डर में मरा ना होता तो वे भी इसमें होते। लेकिन अब अहान के जरिए उनका सपना पूरा हो रहा है। यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज हुई है और अहान इसमें एक आर्मी ऑफिसर का रोल प्ले कर रहे हैं। वरुण और दिलजीत जैसे को-स्टार्स अहान को भाई की तरह ट्रीट करते हैं जो सुनील को खुशी देता है। खैर दोस्तों क्या बॉर्डर टू आान के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगी या वे भी बॉलीवुड के फ्लॉप नेपो किड्स की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे और क्या सुनील शेट्टी बॉलीवुड की इस गंदी राजनीति को देखकर चुप बैठेंगे या सबकी पोल खोल देंगे अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं।