Who is Ajit Pawar: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की दुखद खबर ने पूरे देश को हैरान कर दिया है. बुधवार की सुबह बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका निजी विमान क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार सहित सभी यात्रियों की मौत हो गई. यह हादसा महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है, जहां अजित पवार लंबे समय से एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे. अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां वे जिला परिषद चुनावों से पहले चार सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करने वाले थे. सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान Learjet 45 विमान रनवे से फिसल गया और क्रैश हो गया. DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने पुष्टि की है कि विमान में सवार 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें अजित पवार, उनके सुरक्षा कर्मी और अन्य शामिल थे. हादसे के बाद मौके पर आग लग गई और विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
अजित पवार कौन थे? अजित अनंतराव पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे चर्चित और शक्तिशाली नेताओं में से एक थे. वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता थे और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के चचेरे भाई तथा शरद पवार के भतीजे थे. 66 वर्षीय अजित पवार ने अपनी मेहनत, रणनीति और जन-संवाद से खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया था. वे बारामती से कई बार विधायक चुने गए और राज्य में वित्त मंत्री के रूप में भी कार्यरत रहे. उनका राजनीतिक सफर पारिवारिक विरासत से शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. शरद पवार के प्रभाव में आने के बावजूद, अजित पवार ने पार्टी और सरकार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. 2023 में उन्होंने एनसीपी में बगावत की और एक गुट का नेतृत्व किया, जिससे पार्टी दो हिस्सों में बंट गई. एक गुट उनका था और दूसरा शरद पवार का. इसके बाद वे महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री बने और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे.
राजनीतिक करियर और योगदान अजित पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में कई बार जीत हासिल की. वे वित्तीय मामलों के जानकार माने जाते थे और बजट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके कार्यकाल में किसानों, ग्रामीण विकास और सिंचाई जैसी योजनाओं पर खास फोकस रहा. जनता के बीच उनकी छवि एक व्यावहारिक और निर्णायक नेता की थी, जो मुश्किल समय में भी पार्टी और सरकार के लिए मजबूत सहारा बनते थे. हालांकि, वे कुछ विवादों में भी घिरे रहे, लेकिन उनकी लोकप्रियता और प्रभाव कभी कम नहीं हुई. महाराष्ट्र राजनीति पर असर अजित पवार का अचानक निधन महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है. वे एनसीपी के एक मजबूत स्तंभ थे और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले नेता थे. उनके जाने से पार्टी और गठबंधन में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं. शरद पवार परिवार के लिए यह बहुत बड़ा दुख का समय है. यह हादसा न केवल राजनीतिक जगत बल्कि आम जनता के लिए भी बेहद दुखद है. अजित पवार जैसे नेता का जाना महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है.