बॉलीवुड के वो बाप बेटे की जोड़ी जिनकी किस्मत में लिखा एक जैसा दर्द। कभी खलनायक बनकर तो कभी फरेबी। सीने प्रेमियों के दिलों में छाई यह मशहूर जोड़ी। कम उम्र में पिता और बेटे दोनों ने दुनिया को कह दिया अलविदा। एक ही परिवार से उठे दो-दो जनाजे। जी हां, बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में कुछ ऐसी कहानियां भी होती हैं जो दिलों को झकझोर कर रख देती हैं। आज हम बात कर रहे हैं
बाप बेटे की एक ऐसी जोड़ी जिसने पर्दे पर खलनायक बनकर पहचान बनाई। भले ही आज यह दोनों हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनका अभिनय और उनकी यादें आज भी जिंदा है। 90 के दशक में फराज खान ने कई फिल्मों में विलेन के किरदार निभाए। वहीं उनके पिता यूसुफ खान ने भी खलनायक के रोल से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। इनकी कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती। लेकिन हैरानी की बात तो यह है
कि सिर्फ किरदार ही नहीं बल्कि किस्मत ने इन्हें मौत भी लगभग एक जैसी ही नसीब की। यूसुफ खान का जन्म 1 मई 1940 को मिस्र में हुआ था। बचपन से ही उन्हें हिंदी फिल्मों का शौक था और इसी सपने को लेकर वह भारत आए। वहीं उनके बेटे फराज खान का जन्म 27 मई 1970 को मुंबई में हुआ। पिता की तरह ही फराज भी बचपन से अभिनेता बनना चाहते थे और फिल्मी माहौल में ही उनकी परवरिश हुई
इसके अलावा फराज खान के एक सौतेले भाई हैं जिनका नाम फहमान खान है जो कि टीवी एक्टर हैं और इमली जैसे टीवी शो के लिए जाने जाते हैं। करियर की बात करें तो यूसुफ खान ने 1969 में जंगल की हसीना से शुरुआत की। लेकिन असल पहचान उन्हें बॉम्बे टू गोवा और सुपरहिट फिल्म अमर अकबर एंथनी में जेबिस्को के किरदार से मिली। इसके बाद डॉन नसीब कर्ज और डिस्को डांसर जैसी फिल्मों में उन्होंने खलनायक बनकर अलग पहचान बनाई
वहीं उनके बेटे फरियाज़ खान की बात करें तो उन्होंने 1996 में फिल्म फरेब से डेब्यू किया। वो मैंने प्यार किया के लिए पहली पसंद थे लेकिन बीमारी के कारण यह मौका सलमान खान को मिला। फराज को पहचान मेहंदी फिल्म से मिली जिसमें वो रानी मुखर्जी के पहले हीरो बने और उनके नेगेटिव रोल को काफी सराहा गया। दर्दनाक बात यह रही कि पिता और बेटे दोनों को कम उम्र में ही दुनिया छोड़नी पड़ी
साल 1985 में यूसुफ खान हैदराबाद में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। सेट पर जाने से ठीक पहले उनके कदम लड़खड़ाए और वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ब्रेन हैमरेज ने महज 45 साल की उम्र में उनसे जिंदगी छीन ली। एक मजबूत कद काठी वाला खलनायक कैमरे के सामने गिर पड़ा और हमेशा के लिए खामोश हो गया
वक्त गुजरते-गुजरते ठीक ही हो रहा था कि किस्मत ने उनके बेटे के साथ भी वही खेल दोहराया। फराज खान सालों तक बीमार रहे और 2019 में उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पता चला कि उनके दिमाग तक संक्रमण फैल चुका है। इलाज का खर्च लाखों में था और इस मुश्किल वक्त में सलमान खान ने उनका पूरा मेडिकल बिल चुका मदद की। कुछ समय के लिए लगा कि फराज मौत को मात दे चुके हैं
लेकिन नवंबर 2020 में अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 50 साल की उम्र में उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पिता की तरह बेटे की कहानी भी अस्पताल की चार दीवारी में ही खत्म हो गई। जहां यूसुफ और फराज दोनों की जोड़ी ही 50 साल का आंकड़ा पार नहीं कर पाई। वहीं परिवार से दो जनाजे उठ गए। जिसने इस कहानी को हमेशा के लिए दर्दनाक बना दिया।