प्रियंका चोपड़ा की 4 साल की बेटी ने मौत को दी मात,100 दिन ICU में रही भर्ती..
मिरेकल बेबी है प्रियंका की बेटी। 100 दिन तक नन्ही मालती ने लड़ी जिंदगी की जंग। बेटी की हालत देख पल-पल तड़पे प्रियंका और निक। हॉस्पिटल के आईसीयू में मालती ने दी मौत को मात। तो बेटी को घर लाने के बाद मम्मी प्रियंका ने जाहिर किए अपने जज्बात। जी हां, हर दिन डर, हर रात दुआ। ऐसी थी प्रियंका चोपड़ा की मां बनने की कहानी। बॉलीवुड की देसी गर्ल अब अमेरिका की बहू और ग्लोबल आइकॉन बन चुकी हैं।
पूरी दुनिया में प्रियंका पहचानी जाती हैं। लेकिन प्रियंका की पूरी दुनिया सिर्फ एक शख्स है। और वो कोई और नहीं बल्कि उनकी नन्ही लाडली बेटी मालती हैं। प्रियंका और निक की बेटी मालती बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर स्टार किड्स में से हैं। बेटी से जुड़ी अपडेट्स मालती और निक अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि प्रियंका अपनी लाडली को फाइटर कहती हैं।
मालती को उन्होंने मिरेकल बेबी कहा है। दरअसल प्रियंका और उनके पति निक जॉनस ने 15 जनवरी 2022 को सेरोगेसी के जरिए अपनी बेटी मालती का दुनिया में स्वागत किया था। लेकिन मालती का दुनिया में आना तब कपल के लिए खुशियां नहीं बल्कि गम, डर, आंसू और दर्द लेकर आया था। दरअसल मालती का जन्म समय से लगभग 12 हफ्ते पहले हो गया था। वह एक प्रीमेच्योर बेबी थी। ऐसे में जन्म के फौरन बाद नन्ही सी मालती को एनआईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। जहां मालती ने 3 महीने से ज्यादा लंबे वक्त तक जिंदगी के लिए जंग लड़ी।
बेटी के जन्म के बाद प्रियंका ने खुलासा किया था कि वह कई बार मालती को खोने की कगार पर थी। कई बार उनकी उम्मीदें टूटती तो कई बार डॉक्टरों की छोटी सी पॉजिटिव अपडेट उनके अंदर नई जान फूंक देती। मालती के जन्म को लेकर प्रियंका ने कहा था कि मैं ऑपरेशनरूम में थी जब वह इस दुनिया में आई। वो आकार में हाथ से भी छोटी थी। मैंने इंटेंसिव केयर में नर्सों को काम करते देखा। वह भगवान के लिए काम को करती हैं।
जब वह बेटी की बॉडी में ट्यूब डाल रहे थे, तब मैं और निक वहीं खड़े होकर यह सब देख रहे थे। मुझे नहीं पता कि वह कैसे जान लेते हैं कि ट्यूब कहां इंसर्ट करनी है। मैं यह भी नहीं जानती थी कि बेटी बचेगी या नहीं। निक जॉनस भी इस दौरान पूरी तरह से प्रियंका के साथ खड़े रहे। उन्होंने बाद में बताया कि वह दौर उनके रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत बना गया। मालती के साथ हॉस्पिटल में बिताए उन बेहद मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए प्रियंका ने इंटरव्यू में कहा था कि मैं कई बार उसे खोने वाली थी। मैं बस उसे खुश देखना चाहती थी। वो सुपर स्माइली और खुश रहने वाली बेबी है।
मेरा लक्ष्य उसे खुश रखना है। जब भी वह हंसती है, मेरा संसार रोशन हो उठता है। जिन दिनों मालती एनआईसीयू में थी, तब प्रियंका कौनिक दोनों ने अपने शेड्यूल को इस तरह डिवाइड किया कि मालती कभी अकेली ना रहे। दोनों में से कोई एक हमेशा बेटी के साथ मौजूद रहता था। और फिर 100 दिन बाद जब डॉक्टर्स ने प्रियंका और निक को बेटी को घर ले जाने की परमिशन दी वो दिन इस कपल की जिंदगी का सबसे यादगार दिन बन गया। हालांकि प्रियंका का यह डर तब भी कम नहीं हुआ जब वो मालती को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवाकर अपने घर ले आई थी।
प्रियंका ने एक इंटरव्यू में बताया था कि हॉस्पिटल से आने के बाद भी वह लंबे वक्त तक बेटी को लेकर चिंता में रही। वो कई रात टेंशन में ठीक से सो नहीं पाती थी। रात के 2:00 बजे उठकर भी वह बेटी के सीने पर कान रख उसकी धड़कनें सुना करती थी। जानकारी के लिए बता दें कि प्रियंका चोपड़ा और निकॉनस ने शादी के 3 साल बाद बेटी को वेलकम किया था। कुछ मेडिकल दिक्कतों के चलते प्रियंका मां नहीं बन सकती थी। जिसके चलते कपल ने सेोगेसी का सहारा लिया था। नन्ही सी मालती अपने पापा की हूबहू कॉपी दिखती है.



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