अग्निवेश अग्रवाल जुबीन गर्ग दोनों के निधन में है ये खास कनेक्शन..

एडवेंचर जिसे हम एक्साइटमेंट के लिए करते हैं। अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए चूज़ करते हैं। कभी-कभी भैया वही एडवेंचर जिंदगी का आखिरी फैसला साबित हो जाता है। जिंदगी का आखिरी डिसीजन बन जाता है। और हाल ही में ऐसे दो केस आए। एक स्कीम स्लोप, एक स्कूबा डाइव और यह बंजी जंपिंग और फिर रह जाती है सिर्फ खामोशी। पिछले कुछ सालों में, पिछले कुछ महीनों में दो ऐसी मौतें हुई हैं जिन्होंने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं हम थ्रिल के चक्कर में सेफ्टी को इग्नोर तो नहीं करने लगे हैं और एडवेंचर के चक्कर में कहीं अपनी जान को जोखिम में तो नहीं डाल रहे हैं,

और जब मशहूर और अमीर लोगों के साथ ऐसा हो सकता है तो यह एडवेंचर स्पोर्ट्स एक आम इंसान के लिए क्या सेफ है भी? यह कहानी सिर्फ दो लोगों की नहीं है दोस्तों बल्कि यह एक वार्निंग है। सबसे पहले तो आसाम के मशहूर सुपरस्टार सिंगर जुबीन गर्क और अब इंडिया के बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का किस्सा। दोनों ही हाई प्रोफाइल नाम दोनों अलग-अलग कंट्रीज में और दोनों की मौत का कारण बना एडवेंचर एक्टिविटी। सबसे पहले अगर आपको अग्निवेश अग्रवाल के स्कीम केस के बारे में बताएं जहां स्कीम की वजह से उनकी जान चली गई,

7 जनवरी 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में वेदांता ग्रुप के फाउंडर अनिल अग्रवाल जी के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल यहां वेकेशन पर थे। एज थी कुछ 49 इयर्स की और एक सक्सेसफुल कॉर्पोरेट लीडर भी ये थे जो वेदांता ग्रुप को कई ग्लोबल ऑपरेशंस का हिस्सा रह चुके थे और लीड कर रहे थे। वो हॉलिडे के दौरान अग्निवेश स्कीम कर रहे थे। इसी दौरान एक सीरियस एक्सीडेंट होता है। या तो उनका बैलेंस बिगड़ता है या फिर कोई हैवी फॉल और उन्हें तुरंत माउंट सिनाई हॉस्पिटल ले जाया जाता है। डॉक्टर्स ने पूरी कोशिश की लेकिन इसके बाद ट्रीटमेंट के दौरान उनको हार्ट अटैक आ जाता है और 7 जनवरी को ही उनका निधन हो जाता है। अग्निवेश अग्रवाल सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं थे,

वो हिंदुस्तान जिंक के फॉर्मर चेयरमैन भी रह चुके हैं। जिनकी लीडरशिप में कंपनी ने दुनिया की टॉप जिंक प्रोड्यूसर्स में अपना नाम दर्ज करवाया था। एक छोटी सी स्लिप और एक पूरी जिंदगी खत्म। एक ऐसी जिंदगी जिसने ना जाने कितने लोगों को इन्फ्लुएंस किया होगा, इफेक्ट किया होगा। अब दूसरा केस था जुबिन गर्ग का स्कूबा ड्राइविंग वाला केस। अब बात उस मौत की जहां सिर्फ एक्सीडेंट तो नहीं था बल्कि शक भी जुड़ा हुआ है और वो अब तक चल रहा है। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में आसाम के पॉपुलर सिंगर जुबीन गर्ग यहां एक कल्चरल इवेंट के लिए आए हुए थे,

और फिर एक प्राइवेट पार्टी के दौरान जुबिन गर्ग स्कूबा ड्राइविंग के लिए पानी में उतरते हैं और कुछ ही देर बाद अनकॉन्शियस हो जाते हैं, बेहोश हो जाते हैं। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी और सिंगापुर पुलिस का यह कहना है कि यह ड्राउनिंग का केस है और कोई क्रिमिनल एंगल नहीं सामने आता है। ऐसा सिंगापुर ने कहा। लेकिन आसाम पुलिस की जो एसआईटी है इन्वेस्टिगेशन ने बिल्कुल अलग तस्वीर दिखाई और कुछ और ही कहानी दर्ज की। चार्जशीट के मुताबिक जुबीन गर्ग अल्कोहल के इन्फ्लुएंस में थे। शराब के नशे में थे,

उन्हें एपिलेप्सी की प्रॉब्लम भी थी। फिर भी वो पानी में क्यों उतरे? क्या ये जानबूझकर की गई कोई साजिश थी? यहां तक कि जब वो ट्रबल में थे तब उन्हें बचाने की कोशिश भी क्यों नहीं की गई? यह सवाल था। लेकिन दर्शकों इस केस में चार लोगों पर मर्डर के चार्जेस भी लगे थे। लेकिन मेन अक्यूज़ उनका मैनेजर ही था। लेकिन सच क्या है ये बात अब तक सामने नहीं आई। एक्सीडेंट था या प्लान नेग्लिजेंस जवाब आज भी पेंडिंग चल रहा है। पर मौत का कारण में एडवेंचर एक्टिविटी का नाम जरूर था। लेकिन इस वीडियो का मुद्दा यह नहीं है। स्किंग और स्कूबा ड्राइविंग थ्रिल के लिए बहुत ठीक है। लेकिन इसके पीछे का रिस्क क्या आप समझते हैं? स्किंग और स्कूबा ड्राइविंग सुनने में ग्लैमरस लगता है,

लेकिन यह हाई रिस्क एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। स्किंग में हाई स्पीड, आईसी स्लोप्स, एक्सट्रीम वेदर, एक गलत मूव और सीवियर इंजरी या हार्ट अटैक पॉसिबल है जैसा कि अभी हमने देखा। और स्कूबा डविंग में भैया ऑक्सीजन लेवल्स, प्रेशर चेंजेस साथ-साथ हेल्थ कंडीशंस का ध्यान रखना पड़ता है। अगर इग्नोर किया तो मौत सिर्फ सेकंड्स में होती है। कुछ क्षणों में मौत हो सकती है। लेकिन ये डेंजर सिर्फ सेलिब्रिटीज तक लिमिटेड नहीं है दर्शकों। फ्लोरिडा में छ साल की बच्ची गो काटिंग राइड में मर जाती है। ऑर्लिन में रोलर कोस्टर के अंदर रोलर कोस्टर के बाद एक युवा मर जाता है। डिज्नी लैंड से भी ऐसे किस्से आते हैं जहां ह्टेड राइड के बाद एक इंसान को हार्ट अटैक आ जाता है,

और विदेश तो छोड़ो आगरा में पैराशूट फेलियर से एक एयर फोर्स ऑफिसर की मौत भी हो जाती है। वीर बिलिंग और हिमाचल के एडवेंचर स्पोर्ट्स पर तो मल्टीपल पैराग्लाइडिंग डेथ्स होती रहती हैं। मनाली और गोवा में भी जिप लाइन पैराग्लाइडिंग के एक्सीडेंट्स आम है और पैटर्न बिल्कुल क्लियर है कि एडवेंचर बढ़ता है पर सेफ्टी उतनी स्ट्रांग नहीं होती है और हादसे हो जाते हैं। ये स्टोरीज हमें डराने के लिए नहीं है दर्शकों। यह हमें सावधान करने के लिए है। हमें एक बार समझाने के लिए है कि एडवेंचर से पहले हमेशा याद रखिए कि कंप्लीट मेडिकल चेकअप किया जाए। प्रॉपर ट्रेनिंग हो और सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर्स हेलमेट के साथ, हारनेस के साथ, लाइफ जैकेट के साथ, सेफ्टी गियर सबसे इंपॉर्टेंट है,

और इन एडवेंचर एक्टिविटीज से पहले शराब तो कभी भी कंज्यूम नहीं करनी चाहिए। ओवर कॉन्फिडेंस नहीं रखना चाहिए क्योंकि एडवेंचर का मतलब एक्साइटमेंट होता है। लाइफ का रिस्क नहीं होता है। जुबीन गर्ग, अग्निवेश अग्रवाल और वो कई सारे लोग जिनके नाम कभी हेडलाइंस तक भी नहीं पहुंचे वो इस बात को जानते हैं। शायद एक डिसीजन और सही होता तो आज कहानी कुछ और होती। एडवेंचर जरूर करिए लेकिन याद रखिए कि आपकी जिंदगी किसी भी थ्रिल से कहीं ज्यादा कीमती है,

और जब फ्लोरिडा में, न्यूयॉर्क में, सिंगापुर में ऐसे केसेस हो सकते हैं जहां सेफ्टी स्टैंडर्ड्स भारत से एडवेंचर स्पोर्ट्स के मामले में कुछ बेहतर ही है। तो भारत के अंदर क्या हाल हो सकता है? ये वीडियो आपको डराने के लिए नहीं है दर्शकों। जिस हिसाब से पहले जुबीन गर्ग के साथ एडवेंचर स्पोर्ट की वजह से मौत हुई और उसके बाद अब वेदता ग्रुप के सीईओ के इकलौते बेटे के साथ जो हुआ यह बात आप तक पहुंचानी बेहद जरूरी थी.

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