धर्मेंद्र के निधन के डेढ़ महीने बाद हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी, निजी मामले में ना घुसने की दी सलाह!..

hema malini angry

धर्मेंद्र के निधन के डेढ़ महीने बाद हेमा मालिनी ने तोड़ी चुप्पी। पति की बीमारी, सनी का गुस्सा, प्रेयर, मीट विवाद, बेटियों का ट्रॉमा। हर मुद्दे पर रखी बात। दे डाली निजी मामले में ना घुसने की सलाह। सनी बॉबी के लिए भी क्या कह गई हेमा। धर्मेंद्र को गुजरे डेढ़ महीना हो चुका है। पति की मौत के गम से जूझ रही हेमा मालिनी ने अब [संगीत] पहली बार चुप्पी तोड़ी है। धर्मेंद्र के निधन की खबरों और उससे जुड़े विवादों के लगभग डेढ़ महीने बाद आखिरकार हेमा मालिनी ने अपना पक्ष रखा है। लंबे वक्त से चल रही अटकलों, परिवार के भीतर के तनाव और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं के बीच हेमा मालिनी ने खुलकर अपनी बात कही है,

उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कुछ बातें सिर्फ परिवार तक सीमित होनी चाहिए और बाहरी लोगों को निजी मामलों में दखल देने से बचना चाहिए। दरअसल धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके दोनों परिवारों की तरफ से अलग-अलग प्रेयर मीट रखी गई थी। जिसके [संगीत] बाद अटकलों का सिलसिला शुरू हो गया था। हेमा से लेकर सनी बॉबी तक के लिए काफी कुछ बोला और लिखा गया। दोनों परिवारों में कलह की खबरें भी खूब आई,

पति के निधन के बाद हुए इस मीडिया ट्रायल पर हेमा ने दो टूक शब्दों में ट्रोलर्स को जवाब दिया है। [संगीत] इस मुद्दे पर सीधे जवाब देते हुए हेमा ने कहा कि यह हमारे घर का निजी मामला है। हमने आपस में बात की। मैंने अपने घर पर एक प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मेरे करीबी लोग अलग हैं। फिर मैंने दिल्ली में एक प्रार्थना सभा रखी क्योंकि मैं राजनीति में हूं और मेरे लिए वहां अपने क्षेत्र के दोस्तों के लिए प्रार्थना सभा रखना जरूरी था,

मथुरा मेरा निर्वाचन क्षेत्र है और वहां के लोग उनके दीवाने हैं। इसलिए मैंने वहां भी प्रार्थना सभा रखी। मैं अपने किए से संतुष्ट हूं। हेमा ने साफ कर दिया कि भले ही सोशल मीडिया पर दोनों परिवारों के लिए कुछ भी बोला जा रहा हो। कहा जा रहा हो कि सनी और बॉबी ने हेमा और उनकी बेटियों को अलग-थलग [संगीत] कर दिया है। लेकिन ऐसा नहीं है। धर्मेंद्र के आखिरी दिनों में उनका पूरा परिवार उनके साथ था,

हेमा ने कहा कि हमारा साथ समय की कसौटी पर खरा उतरा। यह असहनीय सदमा था। यह बहुत भयानक था क्योंकि एक महीने तक हम उनके बीमार रहने के दौरान संघर्ष करते रहे। अस्पताल में जो कुछ भी हो रहा था हम लगातार उससे निपटने की कोशिश कर रहे थे। हम सब मैं, ईशा, अहाना, बॉबी सब साथ थे। पहले भी कई बार ऐसा हुआ था कि वह अस्पताल गए और ठीक होकर घर लौट आए। हमें लगा कि इस बार भी आ जाएंगे,\

खबरें आ रही थी कि धर्मेंद्र के फार्म हाउस को अब उनके म्यूजियम में बदला जा सकता है। तो इस मुद्दे पर भी हेमा ने राय रखी। उन्होंने सनी की प्लानिंग के बारे में कहा कि मुझे लगता है कि सनी उस तर्ज पर कुछ करने की सोच रहे हैं। वह निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। सब कुछ अच्छे तरीके से हो रहा है। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है कि यह दो अलग परिवार हैं। पता नहीं क्या होगा,

किसी को इतनी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। इंटरव्यू में हेमा ने अपनी बेटियों के ट्रॉमा को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि ईशा और अहाना अभी तक इस सदमे से उभरी रही हैं। जब भी उन्हें पापा की याद आती है तो वह रोने लगती हैं। हेमा ने बताया कि पापा से जुड़े सामान को देख ईशा रोने लगती हैं। लेकिन वह अपनी बेटियों को संभाल रही हैं और उन्हें इस गम से उभर कर आगे बढ़ना सिखा रही हैं।

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