इंडिया के टिरियन लैनिस्टर कहलाने वाले जाफर सादिक की कहानी, 4 फीट 8 इंच हाइट का मज़ाक़ उड़ाया गया..

jafar sadik storyy

एक छोटे हाइट वाले एक्टर का इंटरव्यू चल रहा था। उनसे पूछा गया क्या आपको बुरा नहीं लगता कि आपका कद छोटा है? उस एक्टर ने पूरे कॉन्फिडेंस में जवाब दिया, नहीं क्योंकि अगर मेरा कद नॉर्मल होता तो मुझे यह सारे यूनिक रोल्स नहीं मिलते। मेरी डिसेबिलिटी ही मेरी स्पेशलिटी बन गई। बस यह कॉन्फिडेंस ही जाफर सादिक का सरमाया है। इसी के दम पर आज उन्होंने बड़े-बड़े लोगों की कतार में अपनी जगह बना ली है,

उनकी हाइट है महज 4 फीट 8 इंच। भारत के शायद सबसे छोटे कद के मेन स्ट्रीम एक्टर राजपाल यादव से भी छोटे लेकिन उनके काम के मुरीद आज पूरे भारत भर में हैं। तो आइए जानते हैं उस शख्स के बारे में जिसने अपनी फिजिकल लिमिटेशन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया जो डांसर और कोरियोग्राफर से एक्टर बना और आज साउथ की सबसे बड़ी फिल्मों का अहम हिस्सा है,

जाफर सादिक का जन्म 4 जुलाई 1995 को तमिलनाडु के ई रोड शहर में एक कंजर्वेटिव मुस्लिम परिवार में हुआ। पिता एक बिजनेसमैन थे। मां हाउसवाइफ। जाफर की शुरुआती शिक्षा ई रोड के कार्मल मैटिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई। स्कूल के दिनों से ही वो कल्चरल प्रोग्राम्स में हिस्सा लेते। डांस, ड्रामा, स्टेज शोज़ जहां भी मौका मिलता वो परफॉर्म करते। लेकिन एक बड़ी चुनौती थी। जाफर का कद बहुत छोटा था,

वो ड्वार्फिज्म के साथ पैदा हुए थे। कॉलेज के वक्त उनकी लंबाई सिर्फ 4 फीट 8 इंच तक ही पहुंची थी। वजन महज 45 किलो। स्कूल कॉलेज में लोग उन्हें अजीब नामों से बुलाते। जोकर, मेंढक, वटूर पुरुषन जैसे नाम जो उनकी शक्ल सूरत का मजाक उड़ाते। लेकिन जाफर ने हिम्मत नहीं हारी। उनका सपना था डांसर बनना और वो इस सपने के पीछे भागते रहे। [संगीत] जाफर के दोस्त उनकी आंखों को अराबोध कन्नू कहते। मतलब नशे में डूबी आंखें,

क्योंकि जाफर की आंखें थोड़ी सी बंद रहती थी। दरअसल वह चश्मा पहनते थे लेकिन डांस करते वक्त उतार देते। इससे उनकी आंखें थोड़ी बंद सी दिखती। लेकिन यही आंखें बाद में उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। कई डायरेक्टर्स को यह आंखें फैसनेटिंग लगी। इनमें एक मिस्टीरियस क्वालिटी थी जो नेगेटिव किरदारों के लिए परफेक्ट थी,

कॉलेज के दिनों से ही जाफर डांस कंपटीशनंस में हिस्सा लेने लगे थे और उनके फ्लेक्सिबल डांस मूव्स काफी पॉपुलर हुए। उनकी बॉडी लैंग्वेज, उनकी एनर्जी सब कुछ लाजवाब था। 2012 में वह विजय टीवी के मशहूर डांस शो उंगलिल यार प्रभुदेवा के सीजन 2 में पहुंचे और रनर अप बने। यह उनके करियर का पहला बड़ा ब्रेक था,

इसके बाद उन्होंने 2016 में किंग्स ऑफ डांस में हिस्सा लिया और फाइनल तक पहुंचे। जोड़ी नंबर वन जैसे शोज़ में भी वह नजर आए। [संगीत] डांस शोज़ में कामयाबी के बाद जाफर ने कोरियोग्राफी शुरू की। उन्होंने चेन्नई में अपना डांस स्टूडियो खोला। लिफ्ट अदर्स। यहां वो बच्चों को डांस सिखाते। साथ ही तमिल टीवी चैनल्स पर कोरियोग्राफर के रूप में काम करने लगे। विजय टीवी और दूसरे चैनल्स पर उन्होंने कई बड़े सेलिब्रिटीज को डांस के लिए ट्रेन किया,

2018 में कलर्स सुपर किड्स जैसे शोज़ में कोरियोग्राफी की। कुछ मलयालम और तमिल फिल्मों में भी कोरियोग्राफी का काम किया। छोटे-छोटे एक्टिंग रोल भी ट्राई किए लेकिन कुछ खास नहीं हुआ। उनका कद एक बड़ी समस्या बना रहा। डायरेक्टर्स को लगता कि उनके लिए कोई सूटेबल किरदार नहीं है। लेकिन जाफर को फिल्मों में काम करने का जुनून था,

उनके दोस्त अक्सर सिनेमा की बातें करते। एक दिन किसी ने सुझाव दिया तुम ऑडिशन क्यों नहीं देते कैमरे के डर को तोड़ने के लिए? जाफर ने ऑडिशन देना शुरू किया। सिर्फ कैमरा फियर तोड़ने के लिए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कुछ होगा। लेकिन फिर कोविड लॉकडाउन का दौर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की भरमार Netflix एक तमिल एंथोलॉजी सीरीज बना रहा था पावा का दगन चार अलग-अलग डायरेक्टर्स की चार कहानियां सब ऑनर किलिंग और कास्ट डिस्क्रिमिनेशन जैसे गंभीर विषयों पर विग्नेश अपने सेगमेंट लव पन्ना उटनुम के लिए खलनायक ढूंढ रहे थे,

एक ऐसा किरदार जो गांव का बदमाश हो जो अपने सरपंच को मैनपुलेट करके उसकी बेटी को मरवा दे। जाफर ने इस रोल के लिए ऑडिशन दिया और चुन लिए गए। उन्हें नरकट्टू का किरदार मिला। एक चालाक क्रूर बदमाश जो ऑनर किलिंग का समर्थन करता है जो अपने सरपंच को भड़काता है कि वो अपनी बेटी को मार दे क्योंकि उसने किसी दूसरी कास्ट के लड़के से प्यार किया है। शुरुआत में जाफर को कैमरा फियर था,

पहला शॉट वो क्रैक नहीं कर पा रहे थे। उस सीन जहां नरुकट्टी ऑनर किलिंग पर भाषण देता है। लेकिन विग्नेश ने उनकी आंखों में कुछ देखा था। उन्होंने जाफर से पूछा तुम कितनी देर तक बिना पलक झपकाए रह सकते हो? जाफर की वो पार्शियली क्लोज्ड मिस्टीरियस आइज परफेक्ट थी नरकट्टू के लिए और फिर जाफर ने वो किरदार निभाया और क्या खूब निभाया,

पावा का दहगल रिलीज हुई और जाफर सादिक की दुनिया बदल गई। नरकट्टू का किरदार हर किसी को याद रह गया। उसकी खतरनाक हरकतें, उसकी डायलॉग डिलीवरी, उसकी आंखों में वह खौफ, सब कुछ लाजवाब था। फिल्म क्रिटिक्स ने जाफर की एक्टिंग की खूब तारीफ की.

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