समुद्र के रास्ते बोतल से कैसे भेजी जा रही मदद?..
अल्लाह हु्मा महमि इला अनहादा इला गज़्जा अल्लाहहु्मा महमि इला अनहादा इला गज़्जा कहते हुए यह शख्स प्लास्टिक की बोतलें समंदर में फेंक रहा है। आखिर इन बोतलों में क्या है और समंदर में इन्हें एक खास दुआ के साथ क्यों फेंका जा रहा है? आइए जानते हैं लाइव हिंदुस्तान में आज के दीन दुनिया शो में। सोशल मीडिया पर यह वीडियो इन दिनों देखे जा रहे हैं। जिनमें लोग अरबी में अल्लाह हु्मा महमि इला अनहादा इला गजा कहते हुए समंदर में बोतलें फेंक रहे हैं। जिसका विस्तार है कि ऐ अल्लाह ऐ रब्बुल इज्जत यह सामान गजा के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा,
देना। मुझे यकीन है कि ऐसा होगा क्योंकि तू बड़ा रहम करने वाला और मजलूमों का मददगार है। तुझसे ना इल्तजा करें तो किससे करें? नमस्कार अस्सलाम वालेकुम। मैं हूं इमरान खान। समंदर में बोतलें फेंकने की यह मुहिम मिस्र या इजिप्ट में चलाई जा रही हैं। और समंदर है मेडिटेरियन सी यानी भूमध्य सागर। [संगीत] इस मुहिम का नाम है सी टू सी अ बोतल ऑफ होप फॉर गजा यानी समंदर से समंदर में उम्मीदों भरी एक बोतल जो गजा के लिए है। एम राइट अचीव बिग एट केआर मंगलम यूनिवर्सिटी वी प्रोवाइड यू द प्लेटफार्म टू टर्न योर ड्रीम्स इनू रियलिटी एट केआर,
मंगलम यूनिवर्सिटी। लेकिन इन बोतलों में आखिर क्या भरा है और क्यों मुहिम चलाई जा रही है? इसका जवाब इस वीडियो में मिल जाएगा। मिस्र और फिलिस्तीन की सरहद से लगे समंदर के किनारे यह हैं मिस्र की शेख जुबेद फैमिली के बच्चे। यह बच्चे और परिवार 1 लीटर और 2 लीटर की प्लास्टिक बोतलों में सूखा अनाज भर रहा है। जैसे चावल, दाल और अरब खित्ते में इस्तेमाल होने वाली सूखी फलियां। फिर इन बोतलों को अच्छी तरह पैक करके परिवार के बच्चे समंदर के पास जाकर जोर से एक खास दिशा में खास सिम्त में इन्हें फेंक रहे हैं। प्लास्टिक की बोतलें पानी में तैरती,
हुई लहरों के साथ कहां पहुंचेंगी किसी को नहीं पता। लेकिन मिस्र के ऐसे हजारों लोगों को यकीन है कि यह बोतलें गजा पहुंचेंगी और वहां भूख से तड़प रहे लोग इन्हें उठा पाएंगे समंदर के किनारे से। [संगीत] दरअसल गजा में इसराइल की जबरदस्त घेराबंदी के चलते छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं जबरदस्त भूख से जूझ रहे हैं। गजा में तीन माह के बच्चे ने तो दूध की कमी से दम तोड़ दिया। लोग खाना लेने इमदाद सेंटर्स पर पहुंच रहे हैं तो इल्जाम लगता है कि इसराइल की फौज एक साथ 35-40 लोगों को गोलियां मार रही है। गजा में इसराइल के जरिए किए जा रहे इस तशद्दुद और इंसानियत,
के कत्ल को भी ख्ते के अमीर और तेल की दौलत से मालामाल अरब मुल्क चुपचाप देख रहे हैं। ऐसे में जापान में मिस्र के एक अकादमिक और इंजीनियर को एक अनोखा ख्याल आया। गजा में चल रही इसरली नाकाबंदी और इंसानी मदद को रोकते देख उन्होंने सलाह दी कि समंदर के जरिए खाना भेजना ज्यादा प्रैक्टिकल तरीका साबित हो सकता है। इसके बाद शुरू हुई सी टू सी अ बॉटल ऑफ होप फॉर गजा मुहिम। मिस्र के लोगों ने एक और 2 लीटर की बोतलों को अनाज, चावल, दाल और सूखी खाने वाली चीजें भरकर मेडिटेरियन सी में फेंकना शुरू किया। अगर हजारों लोग ऐसा कर रहे हैं तो हजारों,
बोतलें तैरते हुए कुछ किलोमीटर दूर गजा में पहुंच भी सकती हैं। खास बात यह है कि यह सिर्फ एक इमोशनल मुहिम नहीं है बल्कि एक्सपर्ट ने इसके पीछे के साइंस को भी समझाया है। अगर 25 लीटर की प्लास्टिक की बोतल में 6 से 8 किलो तक सूखा अनाज भरा जाए और फिर कसकर सील कर दिया जाए। इसे उछलने लायक बनाने के लिए कम से कम 8 लीटर हवा की जगह छोड़ दी जाए। फिर इन्हें मिस्र और गजा के समुद्री तटों के बीच कम से कम 4 कि.मी. की दूरी वाली जगह पर 60 डिग्री के एंगल पर मेडिटेरियन सी के बहाव में वेस्ट से ईस्ट की तरफ बहा दिया जाए तो यह बड़ी,
बोतलें आधा किलोमीटर फी घंटे से भी कम रफ्तार में तैरती हुई 72 से 96 घंटों में गजा के तट तक पहुंच जाएंगी। इसी सुझाव के आधार पर मिस्र के लोगों ने समंदर में छोटी बोतलें फेंकना शुरू कर दिया है। अरब के मीडिया ने भी इस पहल की तारीफ की है और इसे काफी कवरेज दे रहा है। दरअसल यह पहल सदियों पुरानी बोतल के जरिए पैगाम भेजने के तरीके से प्रेरित या मुतासिर है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी लोग इस तरह करते हुए वीडियो और फोटो शेयर कर रहे हैं। लोग इसे सरकारों की नाकामी और इसराइल के खौफ के सामने आवाम की एक ईमानदार कोशिश कह रहे हैं। अगर यह मुहिम,
सिर्फ सिंबॉलिक भी है तब भी मिस्र और अरब मुल्कों की सरकारों पर कुछ तो प्रेशर बनेगा कि वह गजा में इंसानों के जरिए लाए गए दुनिया के सबसे भयानक कुपोषण और भुखमरी को रोकने के लिए कोई कदम उठाएं। जिस मिस्र से यह मुहिम आवाम के जरिए चल रही है, उसकी और गजा के बीच की रफा क्रॉसिंग मिलती है। लेकिन मिस्र की अबदेल फतह अलसीसी सरकार में इतनी भी हिम्मत नहीं है कि इसराइल की नाकेबंदी तोड़कर गजा के लिए खाना भेज सके। मिस्र तो वो मुल्क है जब इसराइल ने गजा में बमबारी शुरू की थी, तो गजा के भागते लोगों को रोकने के लिए उसने अपनी बॉर्डर,
सील कर दी थी। इतना ही नहीं वहीं अलसीसी बाद में गजा के रीडवलपमेंट का प्लान लेकर आए थे जिसे इसराइल और अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया। कहा जा रहा है कि 950 से ज्यादा ट्रकों को मिस्र और गजा की रफा सीमा के बीच में रोक दिया गया है। खुद यूनाइटेड नेशंस ने कहा है कि इस हफ्ते इजराइल की फौजों ने 1000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों को मार डाला है। इसके अलावा अमेरिका और इसराइल हिमायती फाउंडेशन लोगों को खाना और अनाज तकसीम करने की मुहिम अपने हाथों में ले चुके हैं। लेकिन वहां से गजा वालों को खाना नहीं बल्कि मौत मिल रही है।
[संगीत] यही वजह है कि मिस्र के लोगों ने समंदर में बोतलों में भरकर सूखा खाना बहाने की मुहिम यह अभियान शुरू किया है। उन्होंने लीबिया, ट्यूनेशिया, अल्जीरिया और मोरक्को समेत मेडिटेरियन सी से लगने वाले देशों के लोगों से भी अपील की है कि वह भी अपने-अपने मुल्कों से अनाज से भरी छोटी बड़ी बोतलें गजा की तरफ बहा दें। कुछ बोतलें तो साहिल तक पहुंचेंगी। किसी भूख से बिलखते बच्चे की मां के हाथ लगेंगी। उसकी कुछ तो मदद होगी। लोग कह रहे हैं कि गजा में इसराइल की आक्रामकता पर चुपचाप तमाशा देख रहे अरब मुल्कों के लीडरान और,
उनकी वाहवाही कर रहे आलिम दीन को उम्मा कभी माफ नहीं करेगी। सोशल मीडिया पर बोतल फेंकने के अभियान से जुड़े लोग कह रहे हैं कि इस्लाम कहता है कि कयामत या आखिरत का दिन तय है। ऐसे में इन अरब रूलर्स का गिरेबान पकड़ा जाएगा। उन आलिम दीन की भी पकड़ होगी। सवाल होगा कि भूख से तड़प रहे बच्चों को देख तुम्हारा दिल नहीं फसीजा। लोग इस अभियान को आखिरत सुधारने की मुहिम से भी जोड़ रहे हैं। और अल्लाह हु्मा महमिल इन्ना अन हादा इल्ला गजा कहते हुए विराट समंदर में छोटी-छोटी बोतलें बहा रहे हैं खाना भरकर। इस यकीन के साथ कि उनका,
अल्लाह उन्हें देख रहा है और सही जगह पर इन बोतलों को सही हाथों में पहुंचाएगा। तो यह था आज का दीन दुनिया। आपको कैसा लगा इस शो के हवाले से? आज के इस वीडियो के हवाले से आपके क्या राय, मशवरे और तासुरात हैं हमें कमेंट बॉक्स पर जरूर बताइएगा। इमरान खान के साथ अगर आप आखिर तक कनेक्ट रहे हैं.



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