भूख का क़हर: 48 घंटे में 33 मौतें! यूएन बोला ‘ये धरती पर नरक है..

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[संगीत] आज हम एक ऐसी खबर पर बात करने जा रहे हैं जिसे सुनकर दिल दहल जाता है। एक ऐसी जगह जिसे संयुक्त राष्ट्र के लोग ही धरती पर नरक यानी हेल ऑन अर्थ कह रहे हैं। एक ऐसी जगह जहां पिछले सिर्फ 48 घंटों में 33 लोग भूख से मर गए और मरने वालों में ज्यादातर मासूम बच्चे हैं। यह कहानी है गाज़ा की जहां भूख अब सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि एक हकीकत बन चुकी है जो हर रोज जाने ले रही है। आखिर गाज़ा में यह नौबत क्यों आई? क्यों लोगों तक खाना नहीं पहुंच पा रहा है और कैसे वह लोग जो दूसरों की मदद करने आए थे अब खुद भूख से बेहोश हो रहे हैं। चलिए,

आपको इस पूरे मामले की तह तक ले चलते हैं। नमस्कार, मैं हूं सिद्धार्थ प्रकाश। सबसे पहले इन आंकड़ों पर गौर करिए। गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय जिसे हमास चलाता है, उसने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सिर्फ दो दिनों के अंदर गाज़ा में कम से कम 33 लोगों ने कुपोषण के कारण दम तोड़ दिया और जैसा मैंने आपको बताया इनमें से ज्यादातर बच्चे थे। यह तो सिर्फ 48 घंटों का आंकड़ा है। जब से अक्टूबर 2023 में इजराइल गाजा युद्ध शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक भूख और कुपोषण से मरने वालों की कुल संख्या 101,

हो चुकी है। और इन 101 लोगों में से 80 सिर्फ बच्चे हैं। यह आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं है। यह वो जिंदगी है जो सिर्फ खाने की कमी की वजह से खत्म हो गई। हालात इतने खराब हैं कि अब मदद करने वालों की हिम्मत भी जवाब दे रही है। यूएन की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी है यूएआरडब्ल्यूए यानी यूनाइटेड नेशंस रिलीफ एंड वक्स एजेंसी फॉर पेस्टाइन रिफ्यूजीस। इसके प्रमुख जिनका नाम फिलिप लेज़ारिनी है। उन्होंने एक बेहद चिंताजनक बात बताई है। उन्होंने कहा कि गाज़ा में काम कर रहे सहायता कर्मचारी यानी एड वर्कर्स अब खुद भूख और थकावट से बेहोश हो रहे हैं। सोच कर,

देखिए। जो डॉक्टर, नर्स, पत्रकार और ह्यूमेनिटेरियन वर्कर्स लोगों की जान बचाने के लिए दिनरा काम कर रहे हैं। वह खुद भूखे हैं। लेज़ारिनी ने कहा, अब देखभाल करने वालों को भी देखभाल की जरूरत है। उन्होंने गाजा की स्थिति को धरती पर नरक बताते हुए कहा कि इस इलाके में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है और यह संकट सिर्फ भूख तक सीमित नहीं है। खाना हासिल करने की कोशिश करना भी अब जानलेवा हो गया है। यूएनआरडब्ल्यूए का अनुमान है कि मई के अंत से लेकर अब तक लगभग 1000 भूखे लोग खाना ढूंढते हुए या सहायता लेने की कोशिश में मारे गए हैं। इनमें से कई लोगों को या तो,

गोली मार दी गई या फिर जब मदद के लिए ट्रक आते हैं तो भीड़ में भगदड़ मच जाती है और लोग कुचल कर मर जाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर लोगों तक मदद पहुंच क्यों नहीं रही है? इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है गाज़ा की नाकाबंदी। रिपोर्ट के मुताबिक जब सीज फायर यानी युद्ध विराम की बातचीत फेल हो गई तो इजराइल ने 2 मार्च को गाज़ा पर पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी। इसका मतलब था कि खानेपीने और किसी भी तरह की मदद के आने जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए। मई के अंत में जाकर बहुत सीमित संख्या में ट्रकों को आने की इजाजत मिली। लेकिन वो भी,

ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर थी। विडंबना देखिए। यूएआरडब्ल्यूए ने इसी हफ्ते सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि गाजा के बाहर गोदामों में इतना सहायता सामान जमा है कि उससे गाजा की पूरी आबादी को 3 महीने से ज्यादा खाना खिलाया जा सकता है। लेकिन इस सामान को अंदर ले जाने की इजाजत ही नहीं दी जा रही है। इस नाकाबंदी का एक और भयानक असर हुआ है। गाज़ा के अंदर खाने-पीने की चीजों के दाम 40 गुना तक बढ़ गए हैं। यानी जो चीज पहले ₹10 की मिलती थी, वह अब ₹400 की मिल रही है। ऐसे में आम इंसान कैसे अपना,

और अपने बच्चों का पेट भरेगा? अब इस मामले में दो अलग-अलग दावे हैं। इजराइल लगातार कहता रहा है कि वह गाजा में मानवीय सहायता को आने दे रहा है। इजराइल का आरोप है कि हमास इस सहायता को ठीक से बटने नहीं दे रहा और इसमें बाधा डाल रहा है। वहीं दूसरी तरफ जमीन पर काम कर रही सहायता एजेंसियां और संगठन इजराइल के इस दावे को सही नहीं मानते। उनका कहना है कि असल रुकावट इजराइल की तरफ से ही हो रही है जिसके कारण पर्याप्त मदद गाजा के जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रही। तो वजह चाहे जो भी हो आरोप प्रत्यारोप किसी पर भी लगे लेकिन एक,

सच जो जमीन पर दिख रहा है और वो यह है कि गाजा में बच्चे बूढ़े और बेगुनाह लोग भूख से मर रहे हैं। एक ऐसी दुनिया में जहां एक तरफ गोदामों में खाना सड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ लोग एक-एक निवाले के लिए तरस रहे हैं। यह सिर्फ एक युद्ध का संकट नहीं है बल्कि एक गहरा मानवीय संकट है जिस पर पूरी दुनिया को ध्यान देने की जरूरत है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं? क्या इस समस्या का कोई हल निकल सकता है? अपनी राय नीचे कमेंट्स में जरूर बताइएगा। अगर आपको यह जानकारी महत्वपूर्ण लगी हो तो प्लीज इस वीडियो को लाइक और शेयर करें ताकि गाजा की यह सच्चाई ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे.

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