टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के निधन की ये थ्योरी सुन चौंक जाएंगे..

radhika yadavv

कमजोर दिल वाले आज की इस खबर से परेशान हो सकते हैं। मैं भी इस खबर को बताते वक्त सहज महसूस नहीं कर रही। कोई पिता जो अपनी बेटी को 25 साल तक पालपस कर बड़ा करता है। वो कैसे अपने ही हाथों से उसका खून कर देता है। कोई पिता इतना निर्दई क्रूर कैसे हो सकता है कि जिस बेटी को उसने सालों से अपनी गोद में खिलाया सीने से चिपका कर रखा उसे गोली मार दे। दिल को दहलाने वाली खबर दिल्ली से सटे गुरुग्राम की है। टेनिस खिलाड़ी रही राधिका का यह वीडियो। अब प्यारी सी यह बच्ची इस दुनिया में है नहीं। बताया जा रहा है कि राधिका के पिता दीपक यादव उसके,

इसी वीडियो से नाराज थे। कहा जा रहा है उसी नाराजगी में दीपक ने गुरुवार की सुबह चार गोलियां मारकर अपनी ही बेटी की जान ले ली। लेकिन इस दावे पर यकीन करना आसान नहीं है क्योंकि पुलिस की पूछताछ में आरोपी पिता अपने बयान बार-बार बदल रहा है। जिसकी वजह से इस हत्याकांड को लेकर अब अलग तरह की थ्योरी भी सामने आ रही है। पहली थ्योरी यह है कि बेटी के रील बनाने की वजह से पिता ने हत्या की। दूसरी थ्योरी यह कह रही है कि समाज के ताने से नाराज होकर पिता ने अपनी बेटी की जान ले ली। दबी जुबान। अब जिस तीसरी थ्योरी की बात हो रही है, वो,

थ्योरी है हॉरर किलिंग की। सवाल यह है कि यही तीनों थ्योरी है या फिर कोई और चौथी वजह चौथा कारण भी है। हत्या के कारणों की तहकीकात पुलिस कर रही है। क्या कुछ जानकारी सामने आई है? उसके बारे में विस्तार से बताएंगे। लेकिन पहले राधिका हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन देखिए। गुरुग्राम के सेक्टर 57 में राधिका के परिवार का तीन मंजिला मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर राधिका के चाचा का परिवार रहता है। जबकि फर्स्ट फ्लोर पर राधिका अपने माता-पिता और बड़े भाई के साथ रहती थी। आपकी टीवी स्क्रीन पर राधिका का यह वही घर है जिसमें उसकी हत्या की गई। पुलिस में,

दर्ज एफआईआर के मुताबिक गुरुवार की सुबह 10:30 बजे का वक्त था। जब बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर से गोलियों की आवाज सुनाई दी। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले राधिका के चाचा कुलदीप यादव अपने बेटे के साथ ऊपर भागते हुए पहुंचे। जहां 25 साल की राधिका खून से लथपथ पड़ी हुई थी। चाचा ही उसे लेकर सेक्टर 56 के एशिया अस्पताल गए। जहां डॉक्टरों ने राधिका को मृत घोषित कर दिया। फिर अस्पताल ने उसी वक्त पुलिस को सूचना दी और जब पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। घर जाकर राधिका के पिता से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या की बात कबूल कर ली है।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि बेटी को गोली मारने के बाद दीपक यादव घर में ही रहा। लाइसेंस पिस्तल से कुल पांच गोलियां चलाई गई। जिनमें से चार राधिका को लगी। जिस वक्त राधिका को उसके पिता दीपक यादव ने गोली मारी उस वक्त वो अपने पापा के लिए किचन में सुबह का नाश्ता तैयार कर रही थी। क्योंकि बतौर एफआईआर राधिका की मां बीमार थी और दूसरे कमरे में वह आराम कर रही थी। आप देखिए यह इस समय वही घर है जहां पर यह वारदात को अंजाम दिया गया। बताया यह जा रहा है कि इस पूरे मामले में जो राधिका यादव के पिता थे दीपक यादव वो अपनी बेटी,

के द्वारा बनाए गए रील को लेकर काफी परेशान चल रहे थे।कि चकि जो राधिका यादव है वह अह एक टेनिस अकादमी भी चलाती थी जिसकी वजह से भी उनमें नाराजगी थी। जो एफआईआर दर्ज की गई पुलिस के द्वारा उस एफआईआर के मुताबिक यह बताया गया कि दीपक यादव ने इस मामले में अपने गुनाह को कबूल किया है। इस हत्याकांड को लेकर अलग-अलग तरह की थ्योरी सामने आ रही है। मैंने शुरुआत में ही चार थ्योरी के बारे में आपको बताई भी है। सूत्रों के हवाले से एक बात जो कही जा रही है वो यह कि राधिका के पिता दीपक यादव अपनी बेटी के वीडियो बनाने के शौक से खुश,

नहीं थे। राधिका थी तो टेनिस की खिलाड़ी लेकिन उसे वीडियो बनाना बेहद पसंद था। YouTube पर पिछले साल 20 जून को एक वीडियो अपलोड किया गया। कारवा नाम के इस एल्बम गीत में राधिका दिखाई दे रही है। राधिका के साथ को एक्टर के तौर पर इनाम उल हक का नाम सामने आ रहा है जो लड़का इस वक्त आप टीवी स्क्रीन पर देख रहे हैं। इनाम गायक है और राधिका के साथ उसके साथ इस वीडियो को फिल्माया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दीपक यादव ने बेटी का सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिया था। राधिका से पिता दीपक यादव ने इस एल्बम वाले,

वीडियो को भी हटाने के लिए कहा था। जिसकी वजह से दोनों में कहासनी हुई थी। अब जो दूसरी थ्योरी सामने आ रही है उस पर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता क्योंकि इसमें सवाल ही सवाल है। एफआईआर के मुताबिक हत्या के कारण की जो वजह बताई जा रही है वो वजह है टेनिस एकेडमी। 25 साल की राधिका टेनिस की उम्दा खिलाड़ी थी। देश विदेश में उसने कई अवार्ड जीते। स्टेट लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक की अच्छी रैंकिंग मिली हुई थी। बताया यह जा रहा है कि राधिका को पिछले साल चोट लग गई जिसकी वजह से उसने टेनिस एकेडमी खोल ली थी। एबीपी न्यूज़ को एक वीडियो भी मिला है,

जिसमें राधिका बच्ची को टेनिस सिखाती हुई दिखाई दे रही है। गुरुग्राम के सेक्टर 57 में टेनिस एकेडमी है। बताया जा रहा है कि इस एकेडमी को खोलने के लिए पिछले साल दीपक यादव ने खूब खर्च किए थे। यहीं पर राधिका रोज बच्चों को टेनिस की ट्रेनिंग देती। इस एकेडमी को उसने कुछ दिनों पहले छोड़ दिया था। इन दिनों गुरुग्राम के सेक्टर 61 के एकेडमी में वह ट्रेनिंग देने जाती। इस एकेडमी के हिस्से को किराए पर ले रखा था। अभी करीब 50 बच्चे यहां राधिका से ट्रेनिंग लिया करते थे। यहीं से एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर मनोज वर्मा की एक,

रिपोर्ट आपको दिखाते हैं जिसके जरिए बहुत सारे सवाल आपके ज़हन में आएंगे। इस वक्त तन्नु हमारे साथ मौजूद हैं। उनसे बात करते हैं। तनु यहां के केयरटेकर हैं। जिस ग्राउंड के अंदर राधिका आती थी। तनु राधिका यहां पर कब से आना शुरू किया था और कितने बच्चों को ट्रेनिंग देती तो मतलब ऐसे दिन तारीख तो नहीं पता है। एक ये है एक महीना या 25 दिन मतलब यहां पे ग्राउंड पे थी। फिर उसके बाद में अपने भाई की शादी करके आया तो उसके बाद में नहीं आई। ये नहीं पता किस लिए नहीं आई। क्या वजह थी आती थी। किस टाइम आती थी और कितने बच्चों को,

ट्रेनिंग देती थी? 7:00 बजे आती थी। सुबह मतलब 7:00 बजे का टाइम था और शाम का वही 34 बजे का टाइम था। हां। बस यही टाइम था सर। तो वो अकेली आती थी या किसी और के साथ आती टेमो से आती थी और मतलब अपने टेमो से चली जाती थी। कभी कबभार बच्चों के साथ जो पेरेंट्स होते हैं उनके साथ चली जाती थी। कभी उनके पिताजी वगैरह कोई यहां पर आया? कोई नहीं आया सर यहां पे कोई नहीं आया। पुलिस को दीपक यादव ने जो शुरुआती बयान दिया उसमें इसी टेनिस एकेडमी को हत्या की वजह बताया गया। राधिका के पिता दीपक की ओर से कहा गया मेरी लड़की राधिका टेनिस की,

प्लेयर है और नेशनल तक खेली है। काफी ट्रॉफी भी जीती। कुछ दिन पहले कंधे में चोट लगी थी जिसकी वजह से वह खेल नहीं पा रही थी। उसने अपनी एकेडमी खोल रखी थी। जहां बच्चों को ट्रेनिंग दे दी। जब मैं गांव में दूध लेने वजीराबाद जाता तो लोग मुझे कहते कि तुम लड़की की कमाई खाते हो। जिससे मैं काफी परेशान था। लोग मेरी लड़की के चरित्र पर उंगली उठाते थे। मैंने अपनी लड़की से टेनिस एकेडमी बंद करने को कहा। लेकिन उसने मना कर दिया। मेरे दिमाग में इसी की टेंशन रहती थी जो मेरे मान सम्मान को ठेस पहुंचाती जिससे मैं काफी परेशान था और इसीलिए मैंने,

लाइसेंसी रिवाल्वर से खाना बनाते वक्त उसकी हत्या कर दी। अब सवाल यह है कि क्या दीपक यादव ने जो शुरुआती बयान दिया है वह वाकई में सच है या फिर बात कुछ और है? कहीं दीपक पुलिस को गुमराह करने में तो नहीं लगा हुआ है? इस थ्योरी पर सवाल उठने की कई वजह हैं। पहले अफजल नाम के उस शख्स का बयान सुनिए जो टेनिस एकेडमी में राधिका और उसके पिता की बॉन्डिंग का गवाह रहा है। यहां पहले आती थी सुबह भी आती थी 6:00 बजे से लेके 9 8:00 बजे तक। कभी बातचीत हुई थी मिले थे कभी? हां। क्या? मैम अच्छी थी और उनके पिताश्री भी अच्छे थे।

कितने बच्चे? कितने बच्चे आते थे खेलने? खेलने? खेलने आते थे। बहुत सारे आते थे 20 22 कि उनके पिता क्या कभी आके नाराज होते थे? नहीं। अब मेरे कुछ सवाल हैं। क्या सिर्फ ताने की वजह से कोई पिता अपनी ही बेटी की हत्या कर देगा? अगर पसंद नहीं था तो फिर एकेडमी खोलने के लिए पिता ने ही पैसे क्यों दिए? दीपक ने अपनी बेटी राधिका के लिए क्यों महंगे टेनिस रैकेट खरीदे? एकेडमी को लेकर दीपक के मन में उलझन थी तो राधिका के साथ क्यों जाते थे? कहीं दीपक यादव ने ताने की मनगढ़ंत थ्योरी तो नहीं गढ़ी है। राधिका को जानने वाले बताते हैं कि वह स्वभाव से,

बेहद शांत और सौम्य लड़की थी। यानी झगड़ालू बिल्कुल नहीं। ऐसे में पिता की बात वो नहीं मान रही थी इसीलिए हत्या कर दी। इस बात में दम दिखाई नहीं देता। हरियाणा टेनिस के सीईओ सुमन कपूर राधिका के स्वभाव के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। सुनिए। बहुत अच्छी बच्ची थी। उसका उसका आचरण, उसका डिसिप्लिन, उसकी बाइंडिंग ऑफ द टीम वास फैंटास्टिक। वी हैड अ वेरी गुड अपोरर्चुनिटी ऑफ़ स्पेंडिंग वन वीक टुगेदर। एक हफ्ता पूरे हम नेशनल गेम्स के दौरान गोवा में रहे 2023 में। सारी टीम उससे बहुत खुश थी। वो सबके साथ बड़ी खुश थी।

कोई हमें दिक्कत किसी किस्म की उसके आचरण में उसके दिमागी हालत में कुछ भी ऐसा कुछ नजर नहीं आया कि कोई किसी से भी उसको कोई शिकायत रही हो। किसी को उससे कोई शिकायत रही हो। वैसे तो भारतीय समाज में बेटी अगर पैसे कमाए तो पिता को सुनाने वाले बहुत से लोग मिल भी जाते हैं। देश के बहुत से इलाके में बेटियों के काम करने को समाज आज भी अच्छा नहीं मानता नहीं स्वीकार करता। अगर बेटी की कमाई से ही घर चल रहा है तो फिर समाज उसे स्वीकार करने में सहज नहीं हो पाता और परिवार के लोगों को ताने सुनाने लगता है। लेकिन इस केस में ताने वाली,

थ्योरी सवालों के घेरे में है क्योंकि जिस पिता की कमाई हर महीने 5 से ₹1 लाख की हो उसे कोई बेटी की कमाई खाने का ताना कैसे दे सकता है? दीपक यादव को आज गुरुग्राम कोर्ट में पुलिस ने पेश किया। यह उसी समय की तस्वीरें हैं। पुलिस ने दो दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने एक दिन की ही पुलिस कस्टडी दे दी है। एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक पुलिस ने कोर्ट में रिमांड को लेकर जो दलीलें दी हैं, उसमें हत्या में इस्तेमाल हथियार को बरामद करने, आरोपी के बार-बार अपने बयान बदलने, पूछताछ में,

सहयोग नहीं करने, हत्या की असली वजह पता लगाने जैसी बहुत सारी बातें कही गई हैं। हालांकि पुलिस ने शाम को हथियार बरामद कर लिया। पुलिस को दीपक की कहानी पर शक है क्योंकि दीपक आर्थिक रूप से काफी सक्षम है। पूरा परिवार हर तरह से मजबूत है। बेटी के करियर पर दीपक यादव ने पानी की तरह पैसे बहाए थे। करोड़ रुपए खर्च किए थे। खुद दीपक की कमाई हर महीने लाखों में है। ऐसे में बेटी की कमाई खाने वाले ताने की वजह से हत्या कर देने वाली बात पर शक हो रहा है। पुलिस को पहले दीपक ने टेनिस एकेडमी वाला बयान दिया। बाद में उसने यह कहा कि राधिका,

के सोशल मीडिया पर सक्रिय होना उसे पसंद नहीं था इस वजह से हत्या की। सूत्रों के मुताबिक राधिका सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर बनना चाहती थी। इस वजह से वह कई सोशल मीडिया सेलिब्रिटी के संपर्क में भी थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दीपक एक बयान पर टिक नहीं रहा। इस वजह से मोटिव साफ नहीं हो पा रहा। हालांकि रिमांड में लेने के बाद पुलिस ने जो बयान मीडिया को दिया है उसमें सामाजिक ताने को ही वजह बताया गया है। ऑनर किलिंग या बाकी थ्योरी को शुरुआती जांच में खारिज किया गया है। अमिनेशन बरामद करना है। जो सर्विस रिवाल्वर था.

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