60 की उम्र में बॉलीवुड का कौनसा स्टार था किस स्थति में? कौन था हैंडसम और कौन हो चुका था बुड्ढा..

सुपरस्टार सलमान खान 60 के हो चुके हैं। सलमान 60 के होने के बावजूद फिल्मों में लीड हीरो के रोल्स कर रहे हैं। अगर यही सलमान खान फिल्म स्टार नहीं होते और किसी गवर्नमेंट ऑफिस में काम कर रहे होते तो शायद इन्हें ऑफिस से रिटायरमेंट दे दिया जाता और इन्हें सीनियर सिटीजन वाले बेनिफिट्स मिल जाया करते। हमारे देश के यही तो लॉज़ है लेकिन फिल्म इंडस्ट्री अपने हिसाब से चलती है,

यहां पर जो जितना यंग दिखता है वो उतना लंबा चलता है और शायद सलमान के केस में यही हुआ है क्योंकि सलमान ने अपना वही ओरा बनाकर रखा है सुपरस्टार वाला। वरना पहले भी सुपरस्टार्स आए हैं। उनकी भी 60 की उम्र हुई है। लेकिन 60 की उम्र होने से पहले ही इस इंडस्ट्री ने उन्हें कैरेक्टर रोल्स देने शुरू कर दिए और उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड देकर घर बिठा दिया। इस लिस्ट में राजेश खन्ना से लेकर अमिताभ बच्चन तक का नाम शामिल है,

तो चलिए आज के इस वीडियो में जानते हैं कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री के गोल्डन एरा के जो सुपरस्टार्स थे वो जब 60 के हुए तो क्या वो भी तब लीड हीरो वाले रोल्स कर रहे थे या उन्हें इंडस्ट्री ने रिटायर कर दिया था। शुरुआत करते हैं दिलीप कुमार साहब से। दिलीप कुमार साहब ईयर 1982 में 60 इयर्स के हो गए थे। दिलीप कुमार साहब फिल्म इंडस्ट्री के बहुत ही बेहतरीन अभिनेता माने जाते हैं,

यही वजह है कि उन्होंने जब से अपने करियर की शुरुआत की तब से लेकर 80ज 90ज हर समय उनका मार्केट बना रहा। उनके फैंस रहे उनकी चर्चा रही। तो 80 जिस वक्त दिलीप कुमार साहब 60 के हो गए थे। तब भी वो फिल्में तो कर रहे थे लेकिन जो दिलीप कुमार साहब अपने जवानी के दिनों में लवर बॉय वाले रोल्स करते थे उन्हें अब कैरेक्टर रोल्स मिल रहे थे। हालांकि जो कैरेक्टर रोल्स उन्हें दिए गए वो बेहद दमदार हुआ करते थे,

उनके किरदार के इर्द-गिर्द ही फिल्मों की कहानी घूमा करती थी। तो कह सकते हैं कि 60 में कैरेक्टर रोल्स पर तो वो आ गए थे बट वो रोल्स दमदार थे। हां, सलमान की तरह वो लीड रोल्स नहीं कर रहे थे। इस लिस्ट में सेकंड नाम आता है राजेश खन्ना साहब का। हमारी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे पहले सुपरस्टार। जितने जल्दी यह राइज़ हुए उतना ही जल्दी उनका डाउनफॉल भी हुआ। राजेश खन्ना साहब तो 60 के होते उससे पहले ही फिल्म इंडस्ट्री वालों ने उन्हें पिताजी के रोल दे दिए,

ईयर 1990 में फिल्म आई थी स्वर्ग जिसमें वह पिता बने नजर आए थे। यह फिल्म तो सुपरहिट हुई थी लेकिन राजेश खन्ना साहब इस फिल्म में लीड हीरो का रोल नहीं निभा रहे थे। उम्र उनकी उस वक्त 50 के आसपास ही थी लेकिन उसके बावजूद उन्हें पिता के रोल मिलने लग गए थे। वहीं जब वह 60 के हुए यानी कि ईयर 2002 में तब तो उन्हें फिल्में ही मिलनी बंद हो गई और राजेश खन्ना साहब ने 65 की उम्र के आसपास कुछ बी ग्रेड फिल्मों में काम किया और उनकी टीवी पर कमबैक करने की भी चर्चा रही,

मतलब राजेश खन्ना साहब के रिटायरमेंट के लिए तो इंडस्ट्री ने 60 की उम्र का भी वेट नहीं किया। 50 की उम्र में ही उन्हें पिता वाले कैरेक्टर रोल्स देने लग गए। इस लिस्ट में तीसरा नाम है हमारी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे हैंडसम सुपरस्टार जिन्हें हमने रिसेंटली खोया यानी कि धर्मेंद्र। धर्मेंद्र अपनी जवानी के दिनों में बेहद खूबसूरत थे और हर हीरोइन के साथ उनकी केमिस्ट्री बहुत अच्छी लगती थी,

धर्मेंद्र के साथ तो ऐसा हुआ कि जब वो सुपरस्टार थे तभी उनके कंपटीशन में उनके बेटे सनी देओल भी थे एक टाइम पर। 80ज का दौर ऐसा ही था जब सनी की फिल्में टॉप कर रही थी और धर्मेंद्र भी लीच हीरो के तौर पर फिल्में कर रहे थे। लेकिन 90ज आते-आते यानी कि जब वह 60 की उम्र के हो रहे थे तब फिल्म इंडस्ट्री ने धर्मेंद्र को भी काम देना बंद कर दिया। इनफैक्ट कैरेक्टर रोल्स भी ढंग के ऑफर नहीं हुए धर्मेंद्र। यही वजह है कि 95 96 के दौरान धर्मेंद्र ने कुछ ऐसी फिल्मों में काम किया,

जिसका ना हाथ पैर था ना सिर था। उन फिल्मों में कहानी तक नहीं थी। साथ ही प्रोडक्शन क्वालिटी भी बहुत लो थी। उन फिल्मों को बी कैटेगरी फिल्में कहा गया था। हालांकि इसके बाद खुद धर्मेंद्र को समझ आ गया कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। यही वजह है कि वह प्रोड्यूसर बन गए और दूसरी तरफ उन्होंने सेलेक्टिवली काम करना सुरु कर दिया जिसमें से एक थी सलमान खान की फिल्म जब प्यार किया तो डरना क्या इस फिल्म में उनका रोल बहुत पसंद किया गया था,

तब धर्मेंद्र की उम्र 62 ही थी और उन्होंने काजोल के अंकल रोल निभाया था। सोचिए क्या सलमान खान को आज अगर अनन्या पांडे या शनाया कपूर के पिता का रोल करने को कहा जाएगा तो क्या वो करेंगे? इस लिस्ट में चौथा नाम आता है सुपरस्टार अमिताभ बच्चन का। जिस शख्स ने एंग्री यंग मैन के रूप में 70ज और 80ज को खींचा उस शख्स को भी इस इंडस्ट्री ने बाहर धकेल दिया। अमिताभ बच्चन 60 के तो ईयर 2002 में हुए

लेकिन फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें कैरेक्टर रोल्स में 90ज में ही धकेल दिया। इनफैक्ट 90ज का दौर अमिताभ बच्चन के लिए सबसे टफ दौर था क्योंकि हीरो वाले रोल्स उन्हें मिल नहीं रहे थे और कैरेक्टर रोल्स करने के लिए वह तैयार नहीं थे। यही वजह है कि तब अमिताभ बच्चन ने एक बीच का रास्ता निकाला। वो प्रोड्यूसर बन गए। हालांकि इसमें भी उन्हें असफलता हाथ लगी और उनका प्रोडक्शन हाउस डूब गया। काफी कर्जा हो गया,

अमिताभ बच्चन के पास अब काम करने के सिवाय कोई ऑप्शन नहीं था। यही वजह है कि तब अमिताभ बच्चन ने टीवी से अपनी शुरुआत की। केबीसी में उन्होंने काम किया और मोहब्बतें, कभी खुशी, कभी गम जैसी फिल्मों में उन्होंने प्रिंसिपल और दादाजी वाले रोल्स निभाए। सोचिए अब सलमान खान की उम्र भी 60 हो गई है। क्या सलमान खान दादाजी वाले रोल्स करेंगे? और अगर वो ये रोल्स करते हैं,

तो क्या ऑडियंस उनके फैंस उन्हें इस रोल में एक्सेप्ट करेंगे? चलिए इस लिस्ट में बात करते हैं एक और सुपरस्टार की जिसने 90ज में इतने रिकॉर्ड तोड़े हैं कमाई के जिसकी कोई हद ही नहीं और एक टाइम ऐसा भी था जब कुछ सुपरस्टार्स को कमबैक करने के लिए इनकी जरूरत पड़ी। मैं बात कर रही हूं हमारे गोविंदा की। गोविंदा ऑलराउंड एंटरटेनर है और सब जानते हैं कि फिल्म बड़े मियां छोटे मियां में गोविंदा के साथ अमिताभ बच्चन को सिर्फ इसलिए काम करवाया गया था,

ताकि अमिताभ के करियर को एक पुश मिल जाए। जो गोविंदा 90ज में सुपरहिट थे वो गोविंदा 60 साल के तो 2 साल पहले ही हुए हैं। यानी कि ईयर 2023 में लेकिन घर पर तो फिल्म इंडस्ट्री वालों ने उन्हें 200 के बाद से ही बिठा दिया है। गोविंदा 200 के बाद कुछ फिल्मों में नजर आए। उसके बाद उन्होंने पॉलिटिक्स जॉइ की लेकिन पॉलिटिक्स में वो फेल रहे जिसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में वापस कमबैक करना चाहा,

कमबैक करना बहुत मुश्किल हुआ क्योंकि बाल कम हो चुके थे। वेट पुट ऑन हो चुका था। पार्टनर और भागमभाग जैसी सुपरहिट फिल्में उन्होंने की लेकिन उसके बाद फिर से एक लंबा ब्रेक आ गया। फिर उन्होंने कुछ फिल्में की हैप्पी एंडिंग और किलदिल जैसी। लेकिन उसमें उनके रोल्स लोगों को पसंद ही नहीं आए क्योंकि ड्यूरेशन कम थी या उनका किरदार अच्छा नहीं लिखा गया था,

इसी वजह से फिर उसके बाद गोविंदा ने कुछ और फिल्में की लीड हीरो के रूप में लेकिन वो फिल्में या तो रिलीज नहीं हुई रिलीज हुई तो उन्हें स्क्रीनंस कम मिली। इस तरह से गोविंदा के करियर के साथ भी जस्टिस नहीं हुआ। गोविंदा साठ के तो 2 साल पहले ही हुए हैं। लेकिन घर पर वो उससे पहले ही बैठ गए हैं। और जहां तक बात है गोविंदा के हीरो के रोल्स करने की तो जिस तरह की फिल्में उन्होंने की है उसमें वो हीरो के रोल्स में भी जमेंगे क्योंकि वो कॉमेडी बहुत अच्छी करते हैं,

तो ऐसे में लीड हीरो वाली फिल्मों में भी गोविंदा चलेंगे। लेकिन अब तो खुद गोविंदा की वाइफ कह देती हैं कि गोविंदा अब लीड हीरो वाले रोल्स में नहीं चल पाएगा। उसे कुछ दूसरे रोल्स करने चाहिए। जबकि सलमान खान 60 के हैं। वो हीरो वाले रोल्स कर रहे हैं। उनकी पूरी फैमिली, उनके सभी फैंस उनके इस काम को सपोर्ट भी करते हैं। यही वजह है कि 60 की उम्र क्रॉस करने के बावजूद भी कोई भी प्रोड्यूसर सलमान खान को प्रिंसिपल, दादाजी, चाचा, मामा वाले रोल्स नहीं दे रहा है। वो आज भी लीड हीरो वाले रोज कर रहे.

Leave a Comment